Парид ранги ман , аз май чу гашти ҷонони сурх
پرید رنگ من، از می چو گشت جانان سرخ
Ҳазар кунанд чу пӯшеди ҷомаи султони сурх
حذر کنند چو پوشید جامه سلطان سرخ
Макун брнги занони рӯзу шаби лаб аз пани сурх
مکن برنگ زنان روز و شب لب از پان سرخ
Ки мард лаб накунад ҷузи бзхми дандони сурх
که مرد لب نکند جز بزخم دندان سرخ
Фиреби ранги ҳино чун занон махӯр , ки чу шамъ
فریب رنگ حنا چون زنان مخور، که چو شمع
Бхўни хеш буд ранги шери мардони сурх
بخون خویش بود رنگ شیر مردان سرخ
Ниҳол умр шавад зоби теғи ҷонони сабз
نهال عمر شود زآب تیغ جانان سبز
Чу шамъ гардад агар аз ту хоки майдони сурх
چو شمع گردد اگر از تو خاک میدان سرخ
Хӯрд зи косаи соил май нишоти Карим
خورد ز کاسه سائل می نشاط کریم
Буд зи соғари гул рӯй навбаҳорони сурх
بود ز ساغر گل روی نوبهاران سرخ
Шарафи зи улфати хирадон буд бузургон ро
شرف ز الفت خردان بود بزرگان را
зи ҷӯш лола шавад рӯй кӯҳсорони сурх
ز جوش لاله شود روی کوهساران سرخ
Сабки равон сархуд дар ҷиҳод нафас баранд
سبک روان سرخود در جهاد نفس برند
зи хӯни хеш буд теғи меҳри тобони сурх
ز خون خویش بود تیغ مهر تابان سرخ
Ҳамеша баҳри сухан хӯн хӯрем , аз он мо ро
همیشه بهر سخن خون خوریم، از آن ما را
зи гиря чун қалам сурхӣаст , мижгони сурх
ز گریه چون قلم سرخی است، مژگان سرخ
На лолааст бглшн , ки аз май ишқат
نه لاله است بگلشن، که از می عشقت
Шудааст наргиси Шаҳло , чу чашми мисатони сурх
شده است نرگس شهلا، چو چشم مستان سرخ
Биёади он гули рӯ , сар зад зи дилами оҳӣ
بیاد آن گل رو، سر زد ز دلم آهی
Чу барқ , мавҷи ҳавои гашт дар гулистони сурх
چو برق، موج هوا گشت در گلستان سرخ
Ҳадафи зи синаи ман гар кунӣ бҷзбаҳи шавқ
هدف ز سینه من گر کنی بجذبه شوق
Кунам зи гармии рафтори тири пайкони сурх
کنم ز گرمی رفتار تیر پیکان سرخ
Мабод хӯни асирӣ бгрднт уфтад
مباد خون اسیری بگردنت افتد
Макун чаҳ ғунчаи гули ман , зиҳи гиребони сурх
مکن چه غنچه گل من، زه گریبان سرخ
Ҳамеша пеши назар то буд лабаши мо ро
همیشه پیش نظر تا بود لبش ما را
зи лухти дил чу раги лаъл , гашта мижгони сурх
ز لخت دل چو رگ لعل، گشته مژگان سرخ
Турост ғунчаи даҳоне мусаллам аз хубон
تراست غنچه دهانی مسلم از خوبان
Ки пушти лаб шудаи сабз аз хату лаб аз пани сурх
که پشت لب شده سبز از خط و لب از پان سرخ
Сухан баҳона кунанд , аз барои бӯсаи ҳам
سخن بهانه کنند، از برای بوسه هم
Абас нагашта бойени ҳади ду лаъли ҷонони сурх
عبث نگشته باین حد دو لعل جانان سرخ
Баҳор рафт ва , зи савдои ҷомаи глбндӣ
بهار رفت و، ز سودای جامه گلبندی
Нагашт ҷисми ту гули гули зи санги Тифлони сурх
نگشت جسم تو گل گل ز سنگ طفلان سرخ
Сифеди гашти бароаи ту , рӯй дидаи сифед
سفید گشت براه تو، روی دیده سفید
Бхўн нишаст зиёди ту , рӯй мижгони сурх
بخون نشست زیاد تو، روی مژگان سرخ
Магари бхўни маниши рафтаи рафта ром кунад
مگر بخون منش رفته رفته رام کند
Ғилофи теғ аз он кардааст ҷонони сурх
غلاف تیغ از آن کرده است جانان سرخ
Шавад зи хиҷлати васфи рухи ту воъиз ро
شود ز خجلت وصف رخ تو واعظ را
Брнги дафтари гул , фарди фарди девони сурх
برنگ دفتر گل، فرد فرد دیوان سرخ