Заҳри марги дӯстон дар мағзам аз бас кор кард
زهر مرگ دوستان در مغزم از بس کار کرد
Дар танам ҳар устихонӣ , кори неш мор кард
در تنم هر استخوانی، کار نیش مار کرد
Бас ки шуд аз ҳар тарафи овозаи маргии баланд
بس که شد از هر طرف آوازه مرگی بلند
Қилу қоли он , зи хоби ғифлатам бедор кард
قیل و قال آن، ز خواب غفلتم بیدار کرد
Саҳл шуд роҳи адам аз дидани марги касон
سهل شد راه عدم از دیدن مرگ کسان
Касрати ин корвон , раҳро ба мо ҳамвор кард
کثرت این کاروان، ره را به ما هموار کرد
Дар назар доролшФоӣӣ шуд маро рӯй замин
در نظر دارالشفائی شد مرا روی زمین
Осмон дар хок аз баси наргис бемор кард
آسمان در خاک از بس نرگس بیمار کرد
Аз пас қатъи раги ҷонами қатори раҳравон
از پس قطع رگ جانم قطار رهروان
Ҷодаи роҳи адамро , теғи ҷавҳар дор кард
جاده راه عدم را، تیغ جوهر دار کرد
Аз паии ҳам дӯстони рафтанд аз ман ҳамчуи мавҷ
از پی هم دوستان رفتند از من همچو موج
Рӯзгори охири бойени савҳони маро ҳамвор кард
روزگار آخر باین سوهان مرا هموار کرد
Ман ки мемардум барои икдми оби зиндагӣ
من که میمردم برای یکدم آب زندگی
Рафтани ёрони маро аз умри худ безор кард
رفتن یاران مرا از عمر خود بیزار کرد
Лухт лухт омад ҷигар аз дидаи ман зини фироқ
لخت لخت آمد جگر از دیده من زین فراق
Турфаи заҳрии рӯзгори охири маро дар кор кард
طرفه زهری روزگار آخر مرا در کار کرد
Ҷузи ризо додани бҳкми дӯсти воъиз чора нест
جز رضا دادن بحکم دوست واعظ چاره نیست
Зини шикояти гӯна ҳо мебояд истиғфор кард
زین شکایت گونه ها میباید استغفار کرد