Дар ҳар сухан , суханвари сад тоб мехӯрд
در هر سخن، سخنور صد تاب میخورد
Ин бӯстони зи хӯни ҷигар об мехӯрд
این بوستان ز خون جگر آب میخورد
Каҷи тобии ҳасуд ҳамон мекунад дароз
کج تابی حسود همان میکند دراز
Ҳарчанд риштаи суханам тоб мехӯрд
هرچند رشته سخنم تاب میخورد
Гӯли забони нарм , з норстон махӯр
گول زبان نرم، ز نارستان مخور
Моҳии зи туъма , бозӣ қуллоб ме хӯрд
ماهی ز طعمه، بازی قلاب می خورد
Шодоб хӯбӣаст зи баси оризи хушаш
شاداب خوبی است ز بس عارض خوشش
Ҳарҷо ки мерасад дили ман об мехӯрд
هرجا که میرسد دل من آب میخورد
Чун ғунчаам , зи хонаи харобии шикастаи дил
چون غنچه ام، ز خانه خرابی شکسته دل
Ин боғи гӯйии оби з сайлоб мехӯрд
این باغ گویی آب ز سیلاب میخورد
Доим буд мадори бузургони зи кучакон
دایم بود مدار بزرگان ز کوچکان
Аз диҷлаи пуштаи об ба дулоб мехӯрд
از دجله پشته آب به دولاب میخورد
Хӯн мечакад чу токи зи мади нигоҳи ман
خون میچکد چو تاک ز مد نگاه من
Гуё зи чашмасор рахт об мехӯрд
گویا ز چشمه سار رخت آب میخورد
Бошад барои рӯзии мо гардиши фалак
باشد برای روزی ما گردش فلک
Ин чархи баҳри риштаи мо тоб мехӯрд
این چرخ بهر رشته ما تاب میخورد
Бошад ба ёди бистари хокистараш агар
باشد به یاد بستر خاکسترش اگر
Воъизи фиреби ҷома санҷоб мехӯрд
واعظ فریب جامه سنجاب میخورد