Саҳрои зи боди дастии оҳам фақир шуд

صحرا ز باد دستی آهم فقیر شد

Кӯҳ аз ҷавоби нолаи ман сина гир шуд

کوه از جواب ناله من سینه گیر شد

Оқили бнқши ориятии тани нмидҳд

عاقل بنقش عاریتی تن نمیدهد

Аз содаи лавҳии оинаи сӯрат пазир шуд

از ساده لوحی آینه صورت پذیر شد

Дар кунҷи ғами зи дарди ту аз бас гудохтам

در کنج غم ز درد تو از بس گداختم

Тани муштабаҳи зи заъфи бмўҷ ҳасир шуд

تن مشتبه ز ضعف بموج حصیر شد

Ояд бкоми заҳри аҷал ба зи шукрам

آید بکام زهر اجل به ز شکرم

Аз мӯии сар чу косаи марои пари з шер шуд

از موی سر چو کاسه مرا پر ز شیر شد

Чун офтоби чеҳра ба зардии ниҳод рӯй

چون آفتاب چهره به زردی نهاد روی

Бархез сози барги раҳи марг дайр шуд

برخیز ساز برگ ره مرگ دیر شد

Бад меравад зи дили сухани нарми нарми хасм

بد میرود ز دل سخن نرم نرم خصم

Шуд дайри ҳазми нон , чу ба равған хамир шуд

شد دیر هضم نان، چو به روغن خمیر شد

Худро бабанд дар раҳи ҳақ бар сбкрўон

خود را ببند در ره حق بر سبکروان

Пайкони сабки раҳи ин қадар аз файз тир шуд

پیکان سبک ره این قدر از فیض تیر شد

Бошад ҷавон ҳамеша чу гулҳои маънӣат

باشد جوان همیشه چو گلهای معنیت

Воъиз чаҳ ғам ки гулбуни табъи ту пер шуд ?

واعظ چه غم که گلبن طبع تو پیر شد؟