зи баснигор ман аз хеши ҳам ҳиҷоб кунад

ز بس نگار من از خویش هم حجاب کند

Назар дар оинаи мушкил ки бениқоб кунад !

نظر در آینه مشکل که بی نقاب کند!

Турост чеҳра ба кайфиятӣ ки май тарсам

تراست چهره به کیفیتی که می ترسم

Ки бодаи ранги турои об дар шароб кунад !

که باده رنگ ترا آب در شراب کند!

Чигуна тоби назари бозии нигоҳи орад

چگونه تاب نظر بازی نگاه آرد

Рухӣ ки аз арақи шарми худ ҳиҷоб кунад ? !

رخی که از عرق شرم خود حجاب کند؟!

зи продоӣии чашми сиёҳ ӯ , чаҳ аҷаб

ز پرادائی چشم سیاه او، چه عجب

Нигоҳро ба такаллум агар ҳисоб кунад ? !

نگاه را به تکلم اگر حساب کند؟!

Ндондми дил , агар қадари неъмати дардат

نداندم دل، اگر قدر نعمت دردت

Худои ботши бидрдиаш азоб кунад

خدا بآتش بیدردی اش عذاب کند

Ман аз дарозии мижгонати ин гумон дорам

من از درازی مژگانت این گمان دارم

Турои бсоиаҳи худ фориғ аз ниқоб кунад

ترا بسایه خود فارغ از نقاب کند

зи бскаҳи завқи худ ороиаш барои ман аст

ز بسکه ذوق خود آرایی اش برای من است

Чаҳ сӯй оина бинад , ба ман ҳисоб кунад !

چه سوی آینه بیند، به من حساب کند!

зи бскаҳи бардаи фироқи рахти зи ман ором

ز بسکه برده فراق رخت ز من آرام

Фасонаам натавонад туро бихоб кунад

فسانه ام نتواند ترا بخواب کند

Гузашти умр ва , зи ҳам рехти қасри тани воъиз

گذشت عمر و، ز هم ریخت قصر تن واعظ

Гузори сайли баҳр ҷо фитад , хароб кунад

گذار سیل بهر جا فتد، خراب کند