Навбаҳор омад , хрдгўи фикр занҷирам кунад
نوبهار آمد، خردگو فکر زنجیرم کند
Ҳайф чандон нест каз девонагӣ сайрам кунад ? !
حیف چندان نیست کز دیوانگی سیرم کند؟!
Он сияҳ рӯем ки баҳри раҳмат ӯ ҳар нафас
آن سیه رویم که بحر رحمت او هر نفس
Бахшиши сарфи ҷаҳонӣ , сарф тақсирам кунад
بخشش صرف جهانی، صرف تقصیرم کند
Нои зиёди олам тифлӣ кунад ҳасрати кашам
تااکه یاد عالم طفلی کنم حسرت کشم
Рӯзгор аз мӯии сари зони косаи пар шерам кунад
روزگار از موی سر زآن کاسه پر شیرم کند
Нури иқболӣ ки ман дар ҷабҳа дидам тарк ро
نور اقبالی که من در جبهه دیدم ترک را
Пушти пое давр набӯдгар ҷаҳонгирам кунад
پشت پایی دور نبود گر جهانگیرم کند
Зон харобами ман ки меъмори ҷаҳони баҳри шгўн
زان خرابم من که معمار جهان بهر شگون
Доим аз обу гули сайлоб , таъмирам кунад
دایم از آب و گل سیلاب، تعمیرم کند