Гуфту гӯии он даҳан , андеша беҷо ме кунад
گفتوگوی آن دهن، اندیشه بیجا میکند
Гар тавонад кард , ӯро бӯса пайдо ме кунад
گر تواند کرد، او را بوسه پیدا میکند
Ханда дар айни сухани ёрам на беҷо ме кунад
خنده در عین سخن یارم نه بیجا میکند
Гуфту гӯ дар мефишонд , лаби бағал вомӣ кунад
گفتوگو در میفشاند، لب بغل وامیکند
Кас надорад раҳ ба дил аз дўрбоши ғамза аш
کس ندارد ره به دل از دورباش غمزهاش
Варна афғонами асар дар санг хоро ме кунад
ورنه افغانم اثر در سنگ خارا میکند
Кори моро мекунад кӯтоҳи он зулфи дароз
کار ما را میکند کوتاه آن زلف دراز
Кӯтаҳӣ дар ҳақи мо он чашм Шаҳло ме кунад
کوتهی در حق ما آن چشم شهلا میکند
Худ ба худ ойӣнаи ҳам чашми дил зорам нашуд
خود به خود آیینه هم چشم دل زارم نشد
Чашми ҳасан ӯ зи зери санг пайдо ме кунад
چشم حسن او ز زیر سنگ پیدا میکند
наме тавон воъизи лаб аз ҳарфи шикояти баст , лек
میتوان واعظ لب از حرف شکایت بست، لیک
Устихонам дар шикастани сахт ғавғо мекунад !
استخوانم در شکستن سخت غوغا میکند!