Зони чашм , дил ба як ду назар сулҳ мекунад

زآن چشم، دل به یک دو نظر صلح میکند

Зони лаб , ба як ду қитъаи шукр сулҳ мекунад

زآن لب، به یک دو قطعه شکر صلح میکند

Ҳар кас ки дидаи ранги турои вақти ҷанги ҷӯ

هر کس که دیده رنگ ترا وقت جنگ جو

Сулҳи туро ба ҷанг дигар сулҳ мекунад ? !

صلح ترا به جنگ دگر صلح میکند؟!

Аз бас ба зери теғ тағофул нишаста аст

از بس به زیر تیغ تغافل نشسته است

Аз номаи ту дил ба хабар сулҳ мекунад

از نامه تو دل به خبر صلح میکند

Бошад чу узви узви турои шева ӣӣ ҷудо

باشد چو عضو عضو ترا شیوه یی جدا

Чашми ту ҷанг ва , тарзи назар сулҳ мекунад

چشم تو جنگ و، طرز نظر صلح میکند

Ҷамъиятӣаст чашми ман ва он ҷамол ро

جمعیتی است چشم من و آن جمال را

Бо нола зоҳиран ки асар сулҳ мекунад

با ناله ظاهرا که اثر صلح میکند

Дар фикри тозаи корӣ қаҳраст лутф ӯ

در فکر تازه کاری قهر است لطف او

Бо мо барои ҷанг дигар сулҳ мекунад

با ما برای جنگ دگر صلح میکند

Аз ҷурми ман гузашта ва , теғи тағофулаш

از جرم من گذشته و، تیغ تغافلش

Аз хӯни ман , ба хӯни ҷигар сулҳ мекунад

از خون من، به خون جگر صلح میکند

Бо мо зи бскаҳ аз таҳ дил нест ҷанг ӯ

با ما ز بسکه از ته دل نیست جنگ او

Дилро гумон шавад ки , магар сулҳ мекунад !

دل را گمان شود که، مگر صلح میکند!

Бодои ҳароми роҳати болин , бар он сиррӣ

بادا حرام راحت بالین، بر آن سری

Каз тарки сар , биболаши зар сулҳ мекунад

کز ترک سر، ببالش زر صلح میکند

Гӯи срнаҳ ва бабанд камари ҷангро , касе

گو سرنه و ببند کمر جنگ را، کسی

Каз худ сиррӣ ба тоҷу камар сулҳ мекунад !

کز خود سری به تاج و کمر صلح میکند!

Нишморяш зи аҳли назари воъизи онкӣ ӯ

نشماریش ز اهل نظر واعظ آنکه او

Аз ашки худ бадару гуҳар сулҳ мекунад !

از اشک خود بدر و گهر صلح میکند!