Раҳи мақсӯди тай кардан , на аз тақсир ме ояд

ره مقصود طی کردن، نه از تقصیر می‌آید

Расӣдани манзили даврии сет , аз шабгир ме ояд

رسیدن منزل دوری‌ست، از شبگیر می‌آید

Чунон бо шӯриш девонагӣ омехтам худ ро

چنان با شورش دیوانگی آمیختم خود را

Ки хӯнам дар шаҳодат аз раг занҷир ме ояд

که خونم در شهادت از رگ زنجیر می‌آید

Машав аз ваъдаи он срўқомти ноумед эй дил

مشو از وعده آن سروقامت ناامید ای دل

Ки меояд қиёмати оқибат ,гар дайр ме ояд

که می‌آید قیامت عاقبت، گر دیر می‌آید

зи худ ин банди бугсал ,гар ҷунуни комилии дорӣ

ز خود این بند بگسل، گر جنون کاملی داری

Ки буии ақл эй девона аз занҷир ме ояд

که بوی عقل ای دیوانه از زنجیر می‌آید

Ба даст осон намеояд шаҳиди ноз ӯ гаштан

به دست آسان نمی‌آید شهید ناز او گشتن

Ки ин оби ҳаёт , аз ҷӯии он шамшер ме ояд

که این آب حیات، از جوی آن شمشیر می‌آید

зи бас давраст роҳ бехудӣ аз бодаи ҳасанаш

ز بس دور است راه بی‌خودی از باده حسنش

Ҷавон гар меравад аз хеши воъиз пер меояд !

جوان گر می‌رود از خویش واعظ پیر می‌آید!