Баҳор кард ҷаҳонро зи кӯҳу саҳрои сабз

بهار کرد جهان را ز کوه و صحرا سبز

Баҳори ман , бикун охири ту низ моро сабз

بهار من، بکن آخر تو نیز ما را سبز

Ҳамон ба хоки таъаллуқ , чу кор гиреҳем

همان به خاک تعلق، چو کار گرهیم

Агар чаҳ гашт чу тасбеҳ , донаи мо сабз

اگر چه گشت چو تسبیح، دانه ما سبز

зи талхи гӯйии перон , дилат ҷавон гардад

ز تلخ گویی پیران، دلت جوان گردد

Ки даии бзҳр ҳаво мекунад ҷаҳонро сабз

که دی بزهر هوا میکند جهان را سبز

Чу Хизр , сохтаи оби ҳаёти гиряи маро

چو خضر، ساخته آب حیات گریه مرا

Ки ҳркҷо расадам пой , гардад онҷои сабз

که هرکجا رسدم پای، گردد آنجا سبز

Раванди софи дилон бетаъаллуқ аз дунё

روند صاف دلان بی تعلق از دنیا

Буруни зи кӯраи оташи давиди минои сабз

برون ز کوره آتش دوید مینا سبز

Шавад зи боди аҷали нахли қоматати урён

شود ز باد اجل نخل قامتت عریان

Қабо чу барги хазони сурхи бошиддат ё сабз

قبا چو برگ خزان سرخ باشدت یا سبز

Кунад сафои чаман , халқро бамии таклиф

کند صفای چمن، خلق را بمی تکلیف

Шудааст духтари рузро ниҳоли гули пои сабз

شده است دختر رز را نهال گل پا سبز

Чу шишаи ҷомааш аз тан ҳамеша гулгунаст

چو شیشه جامه اش از تن همیشه گلگونست

Чу бодаи пӯшад агар ёри ман сарои пои сабз

چو باده پوشد اگر یار من سرا پا سبز

Гиристем чу абри он қадари зи ғами воъиз

گریستیم چو ابر آن قدر ز غم واعظ

Ки теғ кӯҳ шуд аз оби дидаи мо сабз

که تیغ کوه شد از آب دیده ما سبز