Чу васфи лаъли ту ширин кунад каломи маро
چو وصف لعل تو شیرین کند کلام مرا
Макиданаш кунад оё чигуна коми маро ?
مکیدنش کند آیا چگونه کام مرا؟
Аз инки нисбати даврии блъл ӯ дорад
از اینکه نسبت دوری بلعل او دارد
Аҷаби мадон ки нагирад ақиқи номи маро
عجب مدان که نگیرد عقیق نام مرا
Ба сари зи тоби рахти оташӣ ки ман дорам
به سر ز تاب رخت آتشی که من دارم
Аҷаб ки пухта насозад хаёли хоми маро
عجب که پخته نسازد خیال خام مرا
Бъдли додрасам , ҳоҷат тазаллум нест
بعدل دادرسم، حاجت تظلم نیست
Ки зулм мекашад аз золими интиқоми маро
که ظلم میکشد از ظالم انتقام مرا
Кунад чигуна дили рашк пешаам ин шукр
کند چگونه دل رشک پیشه ام این شکر
Ки : нест чашми ҷавобии азуи паёми маро ?
که: نیست چشم جوابی ازو پیام مرا؟