Биншин то рахт аз тоби назар ғоза кунем
بنشین تا رخت از تاب نظر غازه کنیم
Бо лаби лаъли ту , икдми намакӣ тоза кунем
با لب لعل تو، یکدم نمکی تازه کنیم
Нусхаи суҳбати мо зуди зи ҳам мипошд
نسخه صحبت ما زود ز هم میپاشد
Магараш аз сухани зулфи ту шероза кунем
مگرش از سخن زلف تو شیرازه کنیم
Хоҳад аз гиряи шодии шаби васли ту нисор
خواهد از گریه شادی شب وصل تو نثار
Баъди азин гиряи зи ҳиҷри ту бондозаҳ кунем
بعد ازین گریه ز هجر تو باندازه کنیم
Нест барандатар аз ҳақи намак , шамшерӣ
نیست برنده تر از حق نمک، شمشیری
Мо бхсмӣ ки кашад теғ , намак тоза кунем
ما بخصمی که کشد تیغ، نمک تازه کنیم
Воъиз аз барги ҷаҳони мақсади мо гумномӣ аст
واعظ از برگ جهان مقصد ما گمنامی است
Пӯсти пӯшӣ на чу табл аз пай овоза кунем !
پوست پوشی نه چو طبل از پی آوازه کنیم!