Гардад чу бгФтори забон дар даҳани ту

گردد چو بگفتار زبان در دهن تو

Айб ту бонагашт намояди сухани ту

عیب تو بانگشت نماید سخن تو

Нармаст ?герати ҳарф , буд пунбаи марҳам

نرم است گرت حرف، بود پنبه مرهم

Вари сахт буд , шишаи иззати шикани ту

ور سخت بود، شیشه عزت شکن تو

Ҷони ту бикҷомаҳи тани сохтаи умрӣ

جان تو بیکجامه تن ساخته عمری

Қонеъ нашавад аз чаҳ бики ҷомаи тани ту

قانع نشود از چه بیک جامه تن تو

эй хоҷа чаҳ умед вафо ҳаст зи молӣ

ای خواجه چه امید وفا هست ز مالی

Кон нест магари роҳбари роҳзани ту

کآن نیست مگر راهبر راهزن تو

Гули гули шкФди ғунчаи лабҳо бсноит

گل گل شکفد غنچه لبها بثنایت

Инаст гули гулшани халқи ҳасани ту !

اینست گل گلشن خلق حسن تو!

Дар дасти Асо ва ,у бҷгри доғи ҷавонӣ

در دست عصا و، و بجگر داغ جوانی

Инаст дигар дидани сарву самани ту

اینست دگر دیدن سرو و سمن تو

Фурсати надиҳади фикри сароу ғами пӯшиш

فرصت ندهد فکر سرا و غم پوشش

То дил кунад андешаи гӯру кафани ту

تا دل کند اندیشه گور و کفن تو

Бар кандаи шӯ эй дили зи ҷаҳон , пушт чу хам шуд

بر کنده شو ای دل ز جهان، پشت چو خم شد

Бархез ки ин теша буд реша кун ту !

برخیز که این تیشه بود ریشه کن تو!

Аз сустии илму амали тест ки як дил

از سستی علم و عمل تست که یک دل

Нагирифт ҳисоб аз сухани бидҳни ту

نگرفت حساب از سخن بیدهن تو

Воъизи асари гӯша нишинӣаст ки ҳаргиз

واعظ اثر گوشه نشینی است که هرگز

Холӣ набӯд анҷуманӣ аз сухани ту

خالی نبود انجمنی از سخن تو