Ғайри маҳрӯмӣ рӯят набӯд кори нигоҳ
غیر محرومی رویت نبود کار نگاه
Нест ҷузи ҳасрати дидори ту , дарбори нигоҳ
نیست جز حسرت دیدار تو، دربار نگاه
Ҳркҷо мерӯй эй шӯх , ҳамон дар назарӣ
هرکجا میروی ای شوخ، همان در نظری
Чаҳ шабиҳаст хироми ту , брФтори нигоҳ !
چه شبیه است خرام تو، برفتار نگاه!
Бскаҳи ашк аз ғам ӯ рехтаам , чун раги лаъл
بسکه اشک از غم او ریخته ام، چون رگ لعل
Натавонам гузарониди зи хӯн , тори нигоҳ
نتوانم گذرانید ز خون، تار نگاه
Чашми лутф аз ту надорем , аз он рӯй , ки нест
چشم لطف از تو نداریم، از آن روی، که نیست
Чашми бемори туро , тоқати озори нигоҳ
چشم بیمار تو را، طاقت آزار نگاه
Бзри лухти ҷигар , дида наме пардозад
بزر لخت جگر، دیده نمی پردازد
Бскаҳ гармаст зи рухсори ту бозори нигоҳ
بسکه گرمست ز رخسار تو بازار نگاه
Зӯри сари панҷаи хуршеди Рахшро нозам
زور سر پنجه خورشید رخش را نازم
Ки буруни бардаи зи дасти назарами тори нигоҳ
که برون برده ز دست نظرم تار نگاه
Ғунча шуд дидаи воъизи зи адаби пеши Рахш
غنچه شد دیده واعظ ز ادب پیش رخش
Шавқи гӯ боз кунад , ин гиреҳ аз кори нигоҳ
شوق گو باز کند، این گره از کار نگاه