Сари бзинт кӣ фурӯди оради тани ранҷури мо ?
سر بزینت کی فرود آرد تن رنجور ما؟
Тан ба сомон кӣ диҳад ҳаргиз , сари пуршӯри мо ?
تن به سامان کی دهد هرگز، سر پرشور ما؟
Барнамеи хезади зи нармӣ аз шикасти мо садо
برنمی خیزد ز نرمی از شکست ما صدا
Ҳаст ин неъмати биҷои косаи фағфури мо
هست این نعمت بجای کاسه فغفور ما
Пеши мо савдои маҷнӯн кӣ тавонад шуд сифед ?
پیش ما سودای مجنون کی تواند شد سفید؟
Баҳр чун гирдоб май печади бахуд аз шӯри мо
بحر چون گرداب می پیچد بخود از شور ما
Мо шаҳи малики рзоӣиму сипоҳи мости ғам
ما شه ملک رضائیم و سپاه ماست غم
Нест ғайр аз мо ҳарчӣ мехоҳад шавад дастури мо
نیست غیر از ما هرچه میخواهد شود دستور ما
Буд хотири риш аз хотири ҳавасҳо , лек шуд
بود خاطر ریش از خاطر هوسها، لیک شد
Даст бар хотир ниҳодани марҳами кофури мо
دست بر خاطر نهادن مرهم کافور ما
Буд ҳар рӯзии зи мо кибряти аҳмар , ҳайфи сӯхт
بود هر روزی ز ما کبریت احمر، حیف سوخت
Шамъи доғии брнкрд аз ваии дили бинўри мо ?
شمع داغی برنکرد از وی دل بینور ما؟
Бо ки гирдами ошнои воъиз каз абнои замон
با که گردم آشنا واعظ کز ابنای زمان
Кас намедонад намак хӯрдани биҷузи носури мо !
کس نمی داند نمک خوردن بجز ناسور ما!