зи нола боз надорад касе дили мо ро

ز ناله باز ندارد کسی دل ما را

Касе набаста забони хурӯши дарё ро

کسی نبسته زبان خروش دریا را

зи мо ба дилбари мо бскаҳи роҳ наздик аст

ز ما به دلبر ما بسکه راه نزدیک است

Тавон ба боли шарари басти номаи мо ро

توان به بال شرر بست نامه ما را

Дубора дидаам имрӯзи қаду болояш

دوباره دیده ام امروز قد و بالایش

Бибин зи мастии ман ншأаҳи ду боло ро

ببین ز مستی من نشأه دو بالا را

Чунин ки фишурдааст ёди тамкинаш

چنین که فشرده است یاد تمکینش

Ки метавонад бурдани зи ҷои дили моро ! ?

که می تواند بردن ز جا دل ما را!؟

Кафани ҳариру тиллои мурдаро аз он фикананд

کفن حریر و طلا مرده را از آن فکنند

Ки қадар нест дар он ншأаҳи моли динор ро

که قدر نیست در آن نشأه مال دنیا را

Миёни халқи куҷоу ҷаду ҳол рӯй диҳад

میان خلق کجا و جد و حال روی دهد

Касе баҷоам надидааст ҷӯши саҳбо ро

کسی بجام ندیده است جوش صهبا را

Чу нахли шамъ хазон карда барги мо срзд

چو نخل شمع خزان کرده برگ ما سرزد

зи навбаҳори ҷавонӣ хабар нашуд мо ро

ز نوبهار جوانی خبر نشد ما را

Ба хок май барадати орзӯии дунёи кош

به خاک می بردت آرزوی دنیا کاش

Ту ҳам бхоки барии орзӯии дунё ро

تو هم بخاک بری آرزوی دنیا را

Гирифтаанд шаҳони шаҳрҳо агар воъиз

گرفته اند شهان شهرها اگر واعظ

Гирифтаи нолаи ман низ кӯҳу саҳро ро

گرفته ناله من نیز کوه و صحرا را