Дилӣ ки дар хами он зулф тобдор афтод
دلی که در خم آن زلف تابدار افتاد
Чу шбрўони сару кораш ба шом тор афтод
چو شبروان سر و کارش به شام تار افتاد
Ҳаво абир фишон шуд магари гузори сабо
هوا عبیر فشان شد مگر گذار صبا
Ба зери ҳалқаи он зулф мшгбор афтод
به زیر حلقه آن زلف مشگبار افتاد
Ба доми зулфи ту танҳо на ман гирифторам
به دام زلف تو تنها نه من گرفتارم
Дар ин каманди балои ҳамчуи ман ҳазор афтод
در این کمند بلا همچو من هزار افتاد
Дигар на пой талаб дорам ва на дасти сабаб
دگر نه پای طلب دارم و نه دست سبب
Ки он бимонад зи рафтор ва ин з кор афтод
که آن بماند ز رفتار و این ز کار افتاد
Фиғону нолаи баромади зи булбулони чаман
فغان و ناله برآمد ز بلبلان چمن
Ба боғи домани гул чун ба даст хор афтод
به باغ دامن گل چون به دست خار افتاد
Ҳавои тӯбоам аз сар бирафт хоҷа , маро
هوای طوبیم از سر برفت خواجه، مرا
Ба сар чу сояи он сарв ҷӯйбор афтод
به سر چو سایه آن سرو جویبار افتاد
зи дасти шоҳиди ширини забони шукри лаб
ز دست شاهد شیرین زبان شکر لب
Ба коми табъ май талх хушгувор афтод
به کام طبع می تلخ خوشگوار افتاد
Касе ки ишқ наварзед ва завқ ме начишед
کسی که عشق نورزید و ذوق می نچشید
Дар ин замонаи азизони зи чашм ёр афтод
در این زمانه عزیزان ز چشم یار افتاد
магӯӣ нуктаи тавҳидро ба каси ваҳдат
مگوی نکته توحید را به کس وحدت
Ки роҳи ҳаркас аз ин нуктаи сӯй дор афтод
که راه هرکس از این نکته سوی دار افتاد