Фарёди зи ҳасани шӯхи баққол

فریاد ز حسنِ شوخ بقال

Ваон хати сиёҳу чеҳра ӣ ол

وان خط ّ سیاه و چهره ی آل

Дили зи оташи он ҷамоли пари нур

دل ز آتش آن جمال پر نور

Пар обила шуд чу тафти ангур

پر آبله شد چو تفت انگور

Аз доғи наву куҳани дили риш

از داغ نو و کهن دل ریش

Пари гашт чу дахли он ҷафои кеш

پُر گشت چو دخل آن جفا کیش

Санги ман ва ӯ чу аҳли фарҳанг

سنگ من و او چو اهل فرهنگ

Шуд ҳалқа ба гӯши он дили санг

شد حلقه به گوش آن دل سنگ

Хӯни ҷигарам ба ин фасона

خون جگرم به این فسانه

Хӯрд он хати сабзи ҳиндӯона

خورد آن خط سبز هِندُوانه

Арзон бошад ба нақди сад ҷон

ارزان باشد به نقد صد جان

Бўиидни себи он занхдон

بوییدن سیب آن زنخدان

Хати сабзаши зи нур сӯра аст

خط سبزش ز نُور سُوره است

Дар дида чу тўтёӣ ғӯра аст

در دیده چو توتیای غوره است