Зон аҳди ёди бод ки аз мо ба кин набӯд
زان عهد یاد باد که از ما به کین نبود
Будаш гумони меҳри вҳнўзш яқин набӯд
بودش گمان مهر وهنوزش یقین نبود
Иқрор меҳр кардам вагуфтами вФокнӣ
اقرار مهر کردم وگفتم وفاکنی
Киштии марои қарори ту бо ман чунин набӯд
کشتی مرا قرار تو با من چنین نبود
Инкори меҳри сади раҳи сад тағофул аст
انکار مهر سد ره سد تغافل است
Аммо чаҳ суд чун дили мо пеш байн набӯд
اما چه سود چون دل ما پیش بین نبود
Ман худ гиреҳ ба кори худ андохтам ки ту
من خود گره به کار خود انداختم که تو
Зини пеш бо миннати гиреҳӣ бар ҷабин набӯд
زین پیش با منت گرهی بر جبین نبود
Афсонаи ист бӯдани ширин ба кӯҳкан
افسانهایست بودن شیرین به کوهکن
Он рӯзи чашми фитнаи магар дар камӣн набӯд
آن روز چشم فتنه مگر در کمین نبود
Ваҳшӣ касе ки чашми вафои доштами азу
وحشی کسی که چشم وفا داشتم ازو
Зуд азнзр фиканд марои чашм ин набӯд
زود ازنظر فکند مرا چشم این نبود