Ёри даври афтодаи мони ҳали мурод мо накард

یار دور افتاده مان حل مراد ما نکرد

Муддатӣ рафтем ва ӯ як бори ёд мо накард

مدتی رفتیم و او یک بار یاد ما نکرد

Маҷлиси мо ҳар дам аз ёдаши биҳиштӣ дигар аст

مجلس ما هر دم از یادش بهشتی دیگر است

Гарчи ҳаргизи ёди мо ҳурии нажод мо накард

گرچه هرگز یاد ما حوری نژاد ما نکرد

Бар сари сад роҳ дод мо ба гӯш ӯ расед

بر سر سد راه داد ما به گوش او رسید

Як раҳи он бедодгар гӯшӣ ба дод мо накард

یک ره آن بیداد گر گوشی به داد ما نکرد

Дил ба хоки раҳгузораши умрҳо паҳлуи ниҳод

دل به خاک رهگذارش عمرها پهلو نهاد

ӯгузорӣ бар дили хокии ниҳод мо накард

او گذاری بر دل خاکی نهاد ما نکرد

Эътимоди мо яке сад шуд ба ваҳшии зини ғазал

اعتماد ما یکی سد شد به وحشی زین غزل

Кист кӯи сади офарин бар эътиқод мо накард

کیست کو سد آفرین بر اعتقاد ما نکرد

Хониш
шморҳ 167 — ъндлӣб