Онкас ки доман аз паии кини ту бар занад
آنکس که دامن از پی کین تو بر زند
Бар пои нахли зиндагии худ табар занад
بر پای نخل زندگی خود تبر زند
Гар кӯҳи хасмӣ ту кунад интиқоми ту
گر کوه خصمی تو کند انتقام تو
Он теғро ба дасти худаш бар камар занад
آن تیغ را به دست خودش بر کمر زند
Аз лашкари тавваҷуҳи ту камтарини савор
از لشکر توجه تو کمترین سوار
Тозад буруну иктнаҳ бар сад ҳашар занад
تازد برون و یکتنه بر سد حشر زند
Қаҳри ту чун баланд кунад гӯшаи камон
قهر تو چون بلند کند گوشهٔ کمان
Ҳар тирро ки қасд кунад бар ҷигар занад
هر تیر را که قصد کند بر جگر زند
Шукри худо ки хасми туро бар ҷигар нишаст
شکر خدا که خصم ترا بر جگر نشست
Он тирҳо ки хости туро бар сипар занад
آن تیرها که خواست ترا بر سپر زند
Мурғӣ каз ошиёнаи хасми ту бар парид
مرغی کز آشیانهٔ خصم تو بر پرید
Ало ба хӯни худ натавонад ки пурзанад
الا به خون خود نتواند که پرزند
Тўдри гулӯи фишории хасмӣу ҷон ӯ
تودر گلو فشاری خصمی و جان او
Дар банди фараҷаи ист ки аз тан ба дар занад
در بند فرجهایست که از تن به در زند
Мутриб ба базм хонд адуят чаҳ ғофиласт
مطرب به بزم خواند عدویت چه غافلست
Гӯи кас равона кун ки дар навҳа гар занад
گو کس روانه کن که در نوحه گر زند
Дар роҳи сайри кавкаби иқболи ту сипеҳр
در راه سیر کوکب اقبال تو سپهر
Дар дидаи ситораи бад нештар занад
در دیدهٔ ستارهٔ بد نیشتر زند
Фатҳӣ намӯдае дигар аз нав ки бар фалак
فتحی نمودهای دگر از نو که بر فلک
Иқболи табли нусрату кӯс зафар занад
اقبال طبل نصرت و کوس ظفر زند
Ваҳшӣ куҷост мункир ӯ то чу дигарон
وحشی کجاست منکر او تا چو دیگران
Худро ба теғи қаҳри қазо ва қадар занад
خود را به تیغ قهر قضا و قدر زند