Мағрур касе ба ки дарат ҷо накунад кас
مغرور کسی به که درت جا نکند کس
Васлӣ ки маҳоласт таманно накунад кас
وصلی که محالست تمنا نکند کس
Неи Юсуфи мисрии ту ки дар байъи каси ое
نی یوسف مصری تو که در بیع کس آیی
Байъона ҷон чист ки савдо накунад кас
بیعانهٔ جان چیست که سودا نکند کس
Равшан накунад чашми каси ин турфа азизӣаст
روشن نکند چشم کس این طرفه عزیزیست
Ҳамчашмии ёқӯб ва Зулайхо накунад кас
همچشمی یعقوب و زلیخا نکند کس
Мурғи дил мо кист агар домгаҳ инаст
مرغ دل ما کیست اگر دامگه اینست
Симурғ ба дом уфтад ва парво накунад кас
سیمرغ به دام افتد و پروا نکند کس
Оҳи ин чаҳ ғурураст ки сади кушта гар уфтад
آه این چه غرور است که سد کشته گر افتد
Дуздидаи ҳам аз давр тамошо накунад кас
دزدیده هم از دور تماشا نکند کس
Чандини сар беҷурм ба дораст дар он кӯ
چندین سر بی جرم به دار است در آن کو
Як бори сар аз ноз ба боло накунад кас
یک بار سر از ناز به بالا نکند کس
Ваҳшии сабаби нозу тағофули ҳама ҳасан аст
وحشی سبب ناز و تغافل همه حسن است
Ҳасан ар набӯд ин ҳама инҳо накунад кас
حسن ار نبود این همه اینها نکند کس