зи камоли нотавонӣ ба лаб омадаст ҷонам

ز کمال ناتوانی به لب آمدست جانم

Ба табиби ман ки гуяд ки чаҳ зору нотавонам

به طبیب من که گوید که چه زار و ناتوانم؟

Ба гумон ин фикандам тани нотавон ба Кувайт

به گمانِ این فکندم، تن ناتوان به کویت

Ки саги ту бар сар ояд ба умеди устихонам

که سگ تو بر سر آید، به امید استخوانم

Агар онкӣ заҳр бошад чу ту нӯшханди бахше

اگر آن که زهر باشد چو تو نوش‌خند بخشی

Ба худо ки хуштар ояд зи ҳаёти ҷовдонам

به خدا که خوش‌تر آید ز حیات جاودانم

зи ғами ту май гурезами ман азин ҷаҳону тарсам

ز غم تو می‌گریزم من ازین جهان و ترسم

Ки ҳамон балоӣ хотир шавад андари он ҷаҳонам

که همان بلای خاطر شود اندر آن جهانم

На қарори мондаи ваҳшии зи ғамаши маро на тоқат

نه قرار مانده وحشی ز غمش مرا نه طاقت

Асарӣ намонад аз ман агар инчунин бимонам

اثری نماند از من اگر این چنین بمانم

Хониш
шморҳ 294 — ъндлӣб