Манам бо хоки раҳи яксони ғуборӣ

منم با خاک ره یکسان غباری

Ба кӯй ғам нишаста хоксорӣ

به کوی غم نشسته خاکساری

Чунин афтода ам магузор ғамнок

چنین افتاده‌ام مگذار غمناک

Биё ва з ёрем бурдор аз хок

بیا و ز یاریم بردار از خاک

Ғуборамро фикан дар раҳгузорӣ

غبارم را فکن در رهگذاری

Ки гоҳе мекунад он ма гузорӣ

که گاهی می‌کند آن مه گذاری

Ва гирдоне ки он ёри мусофир

و گردانی که آن یار مسافر

Ғуборӣ май расонад зон ба хотир

غباری می‌رساند زان به خاطر

Маро бигзор ва худ бигузар ба сӯяш

مرا بگذار و خود بگذر به سویش

Буна аз аҷзи рӯ бар хоки кӯяш

بنه از عجز رو بر خاک کویش

Пас аз зҳори аҷзу хоксорӣ

پس از ظهار عجز و خاکساری

Ба он маи талъати гардуни иморӣ

به آن مه طلعت گردون عماری

Бигӯ меҳнати каш бе хони вмонӣ

بگو محنت کش بی‌خان ومانی

Асирӣ , хастаи ҷонӣ , нотавонӣ

اسیری، خسته جانی، ناتوانی

зи базми шодмонии даври монда

ز بزم شادمانی دور مانده

Ба кунҷ бе касе ранҷури монда

به کنج بی‌کسی رنجور مانده

Чаҳ авд аз оташи ғами ҷони гудозӣ

چه عود از آتش غم جان گدازی

Ба чанг бе навоеи нағма созӣ

به چنگ بی‌نوایی نغمه سازی

Аламдори сипоҳи ҷони гудозон

علمدار سپاه جان گدازان

Тараннуми сози базми навҳаи созон

ترنم ساز بزم نوحه سازان

Дуои гӯйон сиришкӣ ме фишонд

دعا گویان سرشکی می‌فشاند

Ба арзи хоки бӯсон май расонад

به عرض خاک بوسان می‌رساند

Ниҳоли гулшани ҷони қомат ӯ

نهال گلشن جان قامت او

Гули боғи латофати талъат ӯ

گل باغ لطافت طلعت او

зи қадаши сарви доими пой дар гул

ز قدش سرو دایم پای در گل

Санавбар дар ҳавояши даст бар дил

صنوبر در هوایش دست بر دل

Лабашро дар табассуми ғунча то дид

لبش را در تبسم غنچه تا دید

зи шукри хандааш бар хеши печид

ز شکر خنده‌اش بر خویش پیچید

Ба роҳаши сабзатар срнҳодаҳ

به راهش سبزه تر سرنهاده

зи хаташи кор ӯ бар пои фитода

ز خطش کار او بر پا فتاده

зи даврии турфа аҳволӣаст моро

ز دوری طرفه احوالی است مارا

Биё каз ҳиҷри бад ҳолеаст моро

بیا کز هجر بد حالی است مارا

Касе то кӣ ба рӯз ғам нишинад

کسی تا کی به روز غم نشیند

Чунин рӯзии алоҳӣ кас набинад

چنین روزی الاهی کس نبیند

Ту медидӣ кигар рӯй ту як дам

تو می‌دیدی که گر روی تو یک دم

Наме дидем , чун будем аз ғам

نمی‌دیدیم، چون بودیم از غم

Кунун чун бошад аҳволи дили мо

کنون چون باشد احوال دل ما

Ки бошад кунҷи ҳиҷрони манзили мо

که باشد کنج هجران منزل ما

зи даврии сар ба ҷайб ғам нишинам

ز دوری سر به جیب غم نشینم

Равад умрӣ ки як борат набинам

رود عمری که یک بارت نبینم

Манам аздрди даврӣ дар шикоят

منم ازدرد دوری در شکایت

зи бахти тираи худ дар ҳикоят

ز بخت تیره خود در حکایت

Ки охири бахти бад бо мо чҳо кард

که آخر بخت بد با ما چها کرد

Ба сади меҳнат аз ӯ моро ҷудо кард

به سد محنت از او ما را جدا کرد

Бад-ӣни сон бесар ва по кард мо ро

بدین سان بی سر و پا کرد ما را

Ба кунҷи ҳиҷр шайдо кард мо ро

به کنج هجر شیدا کرد ما را

Аз ин бахтӣ ки мо дорем фарёд

از این بختی که ما داریم فریاد

Чаҳ бахтаст ин ки рӯй ӯ сияҳи бод

چه بخت است این که روی او سیه باد

Задем аз бахти бад дар нили ғами рахт

زدیم از بخت بد در نیل غم رخت

Мабодои кас чу мо ё раби сияҳи бахт

مبادا کس چو ما یا رب سیه بخت

Чу мо дар бахти бади кас ёд дорад ?

چو ما در بخت بد کس یاد دارد؟

Сияҳи бахтӣ чу мо кас ёд дорад ?

سیه بختی چو ما کس یاد دارد؟

намедонам ки он моҳи шаби афрӯз

نمی‌دانم که آن ماه شب افروز

Ки моро сохт ҳиҷронаши бад-ӣни рӯз

که ما را ساخت هجرانش بدین روز

намегуфтӣ ки чун гирдами мусофир

نمی‌گفتی که چون گردم مسافر

Нахоҳам барад наумматро зи хотир

نخواهم برد نامت را ز خاطر

зи банди ғами туро чун созами озод

ز بند غم ترا چون سازم آزاد

Хат озодят хоҳам фиристод

خط آزادیت خواهم فرستاد

Паии дафъи ҷунуни хеш кардан

پی دفع جنون خویش کردن

Ҳамоилсозӣ он хатро ба гардан

حمایل سازی آن خط را به گردن

Ба ҳиҷрони сохтӣ моро гирифтор

به هجران ساختی ما را گرفتار

Змо ёдат наёяд , ёд май дор

زما یادت نیاید، یاد می‌دار

Алоҳии Рахши айшати зери зини бод

الاهی رخش عیشت زیر زین باد

Рафиқати шодӣу бахти қарини бод

رفیقت شادی و بخت قرین باد

Ба ҳар ҷониб ки Рахши айши ронӣ

به هر جانب که رخش عیش رانی

Кунад айшу нишотати ҳмънонӣ

کند عیش و نشاطت همعنانی

Мабодои ҳеҷ ғам аз гирди роҳат

مبادا هیچ غم از گرد راهت

Худо аз ранҷ раҳ дорад нигоҳат

خدا از رنج ره دارد نگاهت

Дар он манзил ки чун маи хуши броиӣ

در آن منزل که چون مه خوش برآیی

Кунад хуршеди пешати чеҳраи сое

کند خورشید پیشت چهره سایی

Ба зӯдии боди рӯзии ин саодат

به زودی باد روزی این سعادت

Ки дигари бор бо сади айши въшрт

که دیگر بار با سد عیش وعشرت

Ватан созем дар базми висолат

وطن سازیم در بزم وصالت

Дил афрӯзем аз шамъи ҷамолат

دل افروزیم از شمع جمالت

зи хоки раҳгузорат сар фарозем

ز خاک رهگذارت سر فرازیم

Ба хидматкоряти ҷон сарф созем

به خدمتکاریت جان صرف سازیم