Савор Рахш тоз дашти даъвӣ

سوار رخش تاز دشت دعوی

Чунин ронад аз паии нахҷӣри маънӣ

چنین راند از پی نخجیر معنی

Ки рӯзӣ чанд аз ин ҳолат чу бигузашт

که روزی چند از این حالت چو بگذشت

Ки сӯии шаҳр манзур омад аз дашт

که سوی شهر منظور آمد از دشت

Ба наздики падари як рӯз ҷо кард

به نزدیک پدر یک روز جا کرد

Ба хусрави муддаои худ адо кард

به خسرو مدعای خود ادا کرد

Ғараз чун буд оҳанги шикораш

غرض چون بود آهنگ شکارش

Ба рафтан дод рухсати шаҳриёраш

به رفتن داد رخصت شهریارش

Сипоҳ бишморш кард ҳамроҳ

سپاه بیشمارش کرد همراه

Тамомӣ аз русуми сайди огоҳ

تمامی از رسوم صید آگاه

Ишорат кард то сҳроншинон

اشارت کرد تا صحرانشینان

Ҳашар карданд дар кӯҳу биёбон

حشر کردند در کوه و بیابان

Ялони бастанди саф дар даври нахҷӣр

یلان بستند صف در دور نخجیر

з ҳар сӯи пар занон шуд тоири тир

ز هر سو پر زنان شد طایر تیر

Дам шамшер додӣ рангро заҳр

دم شمشیر دادی رنگ را زهر

Вази он заҳраши надодии суди позҳр

وز آن زهرش ندادی سود پازهر

Паланги афтодаи сари гардону музтар

پلنگ افتاده سر گردان و مضطر

Ниҳодаи расм даст андоз аз сар

نهاده رسم دست انداز از سر

Ба ҷустани рӯбаҳони дрҳилаҳ созӣ

به جستن روبهان درحیله سازی

Ба харгӯшони сегон дар дасти ёзӣ

به خرگوشان سگان در دست یازی

Паии тири ялон чун калаки ҷодӯ

پی تیر یلان چون کلک جادو

з хӯн мезад рақам бар ҷилди оҳӯ

ز خون می‌زد رقم بر جلد آهو

Аён гардид аз кимхти гӯрон

عیان گردید از کیمخت گوران

Ба ҷои донаи кимхти пайкон

به جای دانهٔ کیمخت پیکان

Фитод аз бими саги оҳӯ ба зорӣ

فتاد از بیم سگ آهو به زاری

Ба дасту пои шерони шикорӣ

به دست و پای شیران شکاری

Чунин то шом сайд андоз буданд

چنین تا شام صید انداز بودند

Ба қасди сайд ширӣ ме намуданд

به قصد صید شیری می‌نمودند

зи чархи ин шери заррин ёл шуд гум

ز چرخ این شیر زرین یال شد گم

Паланг шаб намӯд аз каҳкашони дам

پلنگ شب نمود از کهکشان دم

Ба азми шаб чаро шуд барраи барпо

به عزم شب چرا شد بره برپا

Шубон монандаши аз паии хости ҷавзо

شبان مانندش از پی خواست جوزا

Ба қасди сидоини гови палангӣ

به قصد صیداین گاو پلنگی

Асад мекард сози тези чангӣ

اسد می‌کرد ساز تیز چنگی

Аз ин мазраъ шуд об меҳр ноёб

از این مزرع شد آب مهر نایاب

Чу коҳиши чеҳраи гашт аз даврии об

چو کاهش چهره گشت از دوری آب

зи баҳри шарқ берун рафт харчанг

ز بحر شرق بیرون رفت خرچنگ

Сӯии дарёӣ мағриб кард оҳанг

سوی دریای مغرب کرد آهنگ

Гушӯдӣ қуфли зари шаб аз сари ганҷ

گشودی قفل زر شب از سر گنج

Вази оташи пилаи мизони гуҳари санҷ

وز آتش پلهٔ میزان گهر سنج

Кунад чандон фиғон аз ҷони ношод

کند چندان فغان از جان ناشاد

Ки ояд оҳи зи афғонаш ба фарёд

که آید آه ز افغانش به فریاد

Фиканда зангии шаби далв дар чоҳ

فکنده زنگی شب دلو در چاه

Ба қаъри баҳри моҳиро гузаргоҳ

به قعر بحر ماهی را گذرگاه

Чу хоб оварад бар лашкари шабихун

چو خواب آورد بر لشکر شبیخون

з лашкаргоҳ шуд манзури берун

ز لشکرگاه شد منظور بیرون

Саманди тунд рӯ меронад ва май тохт

سمند تند رو میراند و می‌تاخت

Ба сояи асбаш аз тундӣ наме сохт

به سایه اسبش از تندی نمی‌ساخت

Басони чархи он Рахши сабки пай

بسان چرخ آن رخش سبک پی

Биёбоне ба гомии сохтӣ тай

بیابانی به گامی ساختی طی

Чунин меронад то зини дашти ахзар

چنین میراند تا زین دشت اخضر

Намоён шуд айёри зардаи хур

نمایان شد عیار زردهٔ خور

Саҳаргаҳи лашкарон аз хоби ҷустанд

سحرگه لشکران از خواب جستند

Миён аз баҳри хизмати чусти бастанд

میان از بهر خدمت چست بستند

Чу аз шҳзодаҳи ҷои диданди холӣ

چو از شهزاده جا دیدند خالی

зи ҷои рафтанд аз ошуфтаи холӣ

ز جا رفتند از آشفته خالی

Чу сарсари пар дар он саҳро давиданд

چو صرصر پر در آن صحرا دویدند

Валикини ҳеҷ ҷо гардиш надиданд

ولیکن هیچ جا گردش ندیدند

зи ҳад чун рафт сӯии шаҳри ронданд

ز حد چون رفت سوی شهر راندند

Ҳадис ӯ ба гӯши шаҳи расонданд

حدیث او به گوش شه رساندند

зи бахти сусти худ ошуфта шуд сахт

ز بخت سست خود آشفته شد سخت

з рӯй бихўдӣ афтод аз тахт

ز روی بیخودی افتاد از تخت

Ба ҳуши худ чу омад нолаи бардошт

به هوش خود چو آمد ناله برداشت

Илм дар ҷустуҷӯӣ ӯ барафрошт

علم در جستجوی او برافراشت

Ба атрофи ҷаҳони мардум равон кард

به اطراف جهان مردم روان کرد

Валикини каси паём ӯ наёвард

ولیکن کس پیام او نیاورد

Хурушон шуд назари к-эии дидаро нур

خروشان شد نظر کای دیده را نور

Чаҳ дидӣ каз назари гаштии чунин давр

چه دیدی کز نظر گشتی چنین دور

Маро дар давр чун набӯд таъассуф

مرا در دور چون نبود تأسف

Ки ин хайли бтар зи ихвони Юсуф

که این خیل بتر ز اخوان یوسف

Ба ҷонами доғ ёқӯбӣ ниҳоданд

به جانم داغ یعقوبی نهادند

Ба гургати ҳамчуи Юсуф боз доданд

به گرگت همچو یوسف باز دادند

Ало эй Юсуфи гмгштаҳи бозоӣ

الا ای یوسف گمگشته بازآی

Чу ёқӯбам макун байти алҳзни ҷой

چو یعقوبم مکن بیت الحزن جای

Ту будӣ онкии манзури назар буд

تو بودی آنکه منظور نظر بود

Фурӯғи оризати нури басар буд

فروغ عارضت نور بصر بود

Чаҳ хушҳолӣ ки гаштӣ аз назари давр

چه خوشحالی که گشتی از نظر دور

Назари дигар чаҳ хоҳад дошт манзур

نظر دیگر چه خواهد داشت منظور

Ҷаҳони пеши назари торик аз онаст

جهان پیش نظر تاریک از آنست

Ки шамъӣ чун ту аз базмаш ниҳонаст

که شمعی چون تو از بزمش نهانست

Хурушон буд аз аинсон чанд рӯзӣ

خروشان بود از اینسان چند روزی

з дил мекард оҳи синаи сӯзӣ

ز دل می‌کرد آه سینه سوزی

Чу рӯзӣ чанд шуд он шуъла бинишаст

چو روزی چند شد آن شعله بنشست

Ба айшу ъушрат ҳар рӯзаи пайваст

به عیش و عشرت هر روزه پیوست

Чаҳ хуш гуфт он сухани пардози комил

چه خوش گفت آن سخن پرداز کامل

Ки чизе каз нзршд рафт аз дил

که چیزی کز نظرشد رفت از دل