зи раҳи паймои ин саҳрои дилгир

ز ره پیمای این صحرای دلگیر

Ба кӯҳ уфтад чунин овози занҷир

به کوه افتد چنین آواز زنجیر

Ки буд андари канори Мисри кӯҳӣ

که بود اندر کنار مصر کوهی

На кӯҳии сарфароз бо шикваӣ

نه کوهی سرفراز با شکوهی

Ба хӯни рези асирони поФшрдаҳ

به خون‌ریز اسیران پافشرده

Ба болои сар аз кини теғи барда

به بالای سر از کین تیغ برده

Ба кини дардмандонаши камари сахт

به کین دردمندانش کمر سخت

зи санг ӯ шикастаи шишаи бахт

ز سنگ او شکسته شیشهٔ بخت

зи хок ӯ зи роҳ сайл шуд чок

ز خاک او ز راه سیل شد چاک

Дар ӯ шуд синаи чокии ҳртрФи чок

در او شد سینه‌چاکی هرطرف چاک

Дар ӯ ҳар пораи санг аз ҳар канорӣ

در او هر پاره سنگ از هر کناری

Шудаи лавҳи мазори хоксорӣ

شده لوح مزار خاکساری

зи доғ бе дилонаши лолаи маҳзун

ز داغ بی‌دلانش لاله محزون

Ба хокистари ниҳода рӯй пурхӯн

به خاکستر نهاده روی پرخون

Палангашро тан аз сӯзи асирон

پلنگش را تن از سوز اسیران

Ба доғи куҳнау нўгштаҳи пинҳон

به داغ کهنه و نوگشته پنهان

зи тараф хушк равадаш ханҷари хор

ز طرف خشک رودش خنجر خار

Чу дандон аз лаби аждари намӯдор

چو دندان از لب اژدر نمودار

Дар он кӯҳи мусӣбат буд ғорӣ

در آن کوه مصیبت بود غاری

Басони гӯри ҷои тангу торӣ

بسان گور جای تنگ و تاری

Пар аз дарду балои мотами сарое

پر از درد و بلا ماتم سرایی

Даҳон аз ҳам гушӯдаи аждаҳое

دهان از هم گشوده اژدهایی

зи тори анкабуташ дар мураттаб

ز تار عنکبوتش در مرتب

зи дами зулфин он дар карда ақраб

ز دم زلفین آن در کرده عقرب

Дарунаш чун даруни зишти хуён

درونش چون درون زشت خویان

Ғамафзо чун висоли тираи рӯйон

غم افزا چون وصال تیره رویان

Дар ӯ афкандаи фарш аз ҷилваи худ мор

در او افکنده فرش از جلوه خود مار

зи тори анкабуташи нақши девор

ز تار عنکبوتش نقش دیوار

зи тарафи нили он саҳрои нишеман

ز طرف نیل آن صحرا نشیمن

Дар он кӯҳи мусӣбати сохт маскан

در آن کوه مصیبت ساخت مسکن

Дар он ғори балои андохти худ ро

در آن غار بلا انداخت خود را

Ба коми аждаҳои андохти худ ро

به کام اژدها انداخت خود را

зи дилтангӣ дар он ғмхонаҳи танг

ز دلتنگی در آن غمخانهٔ تنگ

Сурӯд бенавоӣ кард оҳанг

سرود بینوایی کرد آهنگ

Ки дар чанги бало то чанд бошам

که در چنگ بلا تا چند باشم

Ба занҷири ?илам побанд бошам

به زنجیر الم پابند باشم

Марои гӯйии худо аз баҳри ғами сохт

مرا گویی خدا از بهر غم ساخت

Барои банду зиндони ?илами сохт

برای بند و زندان الم ساخت

Магар чун чархи арзи хайл ғам дод

مگر چون چرخ عرض خیل غم داد

Марои султонии малик ?илам дод

مرا سلطانی ملک الم داد

Ба малики ғам агар на шаҳриёрам

به ملک غم اگر نه شهریارم

зи мӯ бар сар чаҳ чтрост инки дорам

ز مو بر سر چه چتراست اینکه دارم

Манам чун мӯӣ худ гардӣда борӣк

منم چون موی خود گردیده باریک

Чу шоми тор рӯзам гашта торик

چو شام تار روزم گشته تاریک

Ба банд бе касе доими гирифтор

به بند بی‌کسی دایم گرفتار

Басони анкабутами рӯ ба девор

بسان عنکبوتم رو به دیوار

Чунин то чанд аз ғам зор бошам

چنین تا چند از غم زار باشم

бад-инсон рӯй бар девор бошам

بدینسان روی بر دیوار باشم

Чу пар дилгир мегардид аз ғор

چو پر دلگیر می‌گردید از غار

Қадам мемонад бар домони кҳсор

قدم می‌ماند بر دامان کهسار

Фиғон кардӣ зи бори кӯҳи андӯҳ

فغان کردی ز بار کوه اندوه

Фикандиҳоиҳои гиря дар кӯҳ

فکندی های‌های گریه در کوه

Чу икчндӣ шуд он водии мақомаш

چو یکچندی شد آن وادی مقامش

Чу маҷнӯни дом ва дад гардид ромиш

چو مجنون دام و دد گردید رامش

Чу кардӣ ҷо дар он ғори ғам афзо

چو کردی جا در آن غار غم افزا

Гирифтандӣ ба давраши ваҳшёни ҷо

گرفتندی به دورش وحشیان جا

Кунад то бзмгоҳшро мунаввар

کند تا بزمگاهش را منور

Чароғ аз чашм худ мекард аждар

چراغ از چشم خود می‌کرد اژدر

Задӣ дам бар замини шери пари ошӯб

زدی دم بر زمین شیر پر آشوب

Мақомашро з дам мекард ҷоруб

مقامش را ز دم می‌کرد جاروب

Мунаққаши муттакояш юз ме шуд

منقش متکایش یوز می‌شد

Палангаши бистар глдўз ме шуд

پلنگش بستر گلدوز می‌شد

зи ғам икдм намешуд орамида

ز غم یکدم نمی‌شد آرمیده

Ба чашм оҳӯон медӯхт дида

به چشم آهوان می‌دوخت دیده

Ба ёди чашм ӯ фарёд ме кард

به یاد چشم او فریاد می‌کرد

зи мардуми дорӣ ӯ ёд ме кард

ز مردم داری او یاد می‌کرد