Малик зода гуфт : овардаанд ки мулкӣ буд ки аз мулӯки салаф , шаш фарзанд халаф дошт , ҳамаи бсмоҳти табъу сҷоҳти халқу нбоҳти қадару нзоҳти арзи мазкӯру мавсуфи лекини фарзанди муҳимтарин ки боқъаҳи алқўму воситаи алъқди эшон буд , асрори фари эзадӣ аз асорири ҷбҳт ӯ ишроқ кардӣу нури назари илоҳӣ аз манзару мухбир ӯ соя бар офоқи андохтӣу сари ангушти аимоءи ақл аз симоء ӯ ин нишон додӣ .
ملکزاده گفت: آوردهاند که ملکی بود که از ملوک سلف، شش فرزند خلف داشت، همه بسماحتِ طبع و سجاحت خلق و نباهت قدر و نزاهت عرض مذکور و موصوف لیکن فرزند مهمترین که باقعهٔ القوم و واسطهٔ العقدِ ایشان بود، اسرارِ فرِّ ایزدی از اساریرِ جبهتِ او اشراق کردی و نور نظر الهی از منظر و مخبرِ او سایه بر آفاق انداختی و سر انگشت ایماءِ عقل از سیماءِ او این نشان دادی.
Ҳозои ибни хайри мулӯки алأрзи қотиба
هَذَا ابنُ خَیرِ مُلُوکِ الأَرضِ قاطِبَهً
?фони ҳасбати мақолии мўҳмои Фсл
فَاِن حَسِبتَ مَقالِی مُوهِماً فَسَلِ
Чун маликро навбати подшоҳӣ басар омад ва ин ду фарроши зангӣу рӯмӣ ки сарои пардаи кбрёء ӯ бар арш задандӣ , фарши умраш дар навиштанд , ҳангоми он фароз омад ки азин ҷаҳон бугзарад ва бар дигарон бигузорад , фарзандонро бихонад ва бинишонад ва гуфт : бидонед ки ман аз ҷаҳони насиб хеш ёфтаму ончи андари азали мақсум буд , хӯрдам , сарду гарм рӯзгор дидаму талху ширин ӯ чашидаму танбеҳи лои тнси нсибки ман алднё ҳамеша насби айни хотири доштам ва дар заръи ҳасаноти лиўми алҳсод бақадр вусъ кушедам , имрӯз ки ситораи бақои ман сиёҳ шуду рӯзи умри боФтоби зард фано расед , марои роҳӣ дар пеш омад ки аз рафтан он чора нест ва агрч гуфтаанд :
چون ملک را نوبت پادشاهی بسر آمد و این دو فرّاش زنگی و رومی که سراپردهٔ کبریاء او بر عرش زدندی، فرشِ عمرش در نوشتند، هنگام آن فراز آمد که ازین جهان بگذرد و بر دیگران بگذارد، فرزندان را بخواند و بنشاند و گفت: بدانید که من از جهان نصیبِ خویش یافتم و آنچ اندر ازل مقسوم بود، خوردم، سرد و گرمِ روزگار دیدم و تلخ و شیرین او چشیدم و تنبیهِ لَا تَنسَ نَصیِبَکَ مِنَ الدُّنیَا همیشه نصب عین خاطر داشتم و در زرعِ حسنات لِیَومِ الحَصَادِ بقدر وسع کوشیدم، امروز که ستارهٔ بقای من سیاه شد و روز عمر بآفتاب زرد فنا رسید، مرا راهیدر پیش آمد که از رفتن آن چاره نیست و اگرچ گفتهاند:
Марин роҳро чун бпоён баранд ?
مرین راه را چون بپایان برند؟
Ки дар манзили аввалаш ҷон баранд
که در منزل اوّلش جان برند
Аммо ин рафтан бар ман сахт осон менамояд ки чун шумо фарзандони шоиста ва боистау ҳунарнамоӣу фарҳангӣу донишпажӯҳу мқбли ниҳод ёдгор мегузорам . Акнӯн аз шумо мехоҳам ки васоёии ман дар қазоёии умӯри дунё нигоҳ доред ва маълум кунед ки беҳтарини гулӣ ки дар бӯстони ахлоқи бушковаду бнсими он машоми ақл муаттар гардад , сипоси дорӣу шукри гзористу шукри мҷлбаҳи мазиди неъмату афзӯнӣ мавоҳиб эзадаст , таъолии шона ва ин сифатро аз худ ҳикоят мекунад онҷо ки дар ҷазои амал бандагон мефармоед : إни тқрзўои аллоҳи қрзои ҳуснои изоъФаҳи лакаму иғФри лакаму аллоҳи шакури ҳалим .
امّا این رفتن بر من سخت آسان مینماید که چون شما فرزندان شایسته و بایسته و هنرنمای و فرهنگی و دانشپژوه و مقبل نهاد یادگار میگذارم. اکنون از شما میخواهم که وصایای من در قضایای امور دنیا نگاه دارید و معلوم کنید که بهترین گلی که در بوستانِ اخلاق بشکفد و بنسیم آن مشامِ عقل معطّر گردد، سپاس داری و شکر گزاریست و شکر مجلبهٔ مزیدِ نعمت و افزونی مواهب ایزدست، تَعَالی شَانُهُ و این صفت را از خود حکایت میکند آنجا که در جزایِ عمل بندگان میفرماید: إِن تُقرِضُوا اللهَ قَرضاً حَسنا یُضاعِفهُ لَکُم وَ یَغفِر لَکُم وَ اللهُ شَکُورٌ حَلِیمٌ.
Шукри гӯй аз паии зиёдат ро
شکر گوی از پی زیادت را
Олами алғибу алшҳодт ро
عالم الغیب و الشّهادت را
Кӯаст берангу хомау паргор
کوست بیرنگ و خامه و پرگار
Неъмату шкргўӣу шкргзор
نعمت و شکرگوی و شکرگزار
Ва гуфтаанд : сипос дор бош то сазовор некӣ бошӣ , ман шукри алқлили астҳқи алҷзилу бурдбори шӯ то эмини шӯй ва дод аз хештан бидиҳ , то доварат бакор наёяд ва аз худ баҳр онч кунӣ , розӣ машав то мардумат душман нагиранд , ман разии ан нафса ксри алсохтўни алайҳу боддстӣу табзир аз ҷӯаду сахои мшмр , إни алмбзрини конўои ихвони алшётину бухлу имсок аз кдхдоӣии мадону адолати миён ҳар ду сифати нигаҳи дор , агрч гуфтаанд :
و گفتهاند: سپاسدار باش تا سزاوار نیکی باشی، مَن شَکَرَ القَلیلَ استَحَقَّ الجَزیلَ و بردبار شو تا ایمن شوی و داد از خویشتن بده، تا داورت بکار نیاید و از خود بهر آنچ کنی، راضی مشو تا مردمت دشمن نگیرند، مَن رَضِیَ عَن نَفسِهِ کَثُرَ السّاخِطُونَ عَلَیهِ و باددستی و تبذیر از جود و سخا مشمر، إِنَّ المُبَذِّرینَ کانُوا اِخوَانَ الشَّیاطِینِ و بخل و امساک از کدخدائی مدان و عدالت میان هر دو صفت نگه دار، اگرچ گفتهاند:
Флои алҷўди иФнии алмолу алҷди мқбл
فَلَا الجُودُ یُفنِی المَالَ وَ الجَدُّ مُقبِلٌ
Ва лои албхли ибқии алмолу алҷди мудаббир
وَ لَا البُخلُ یُبقِی المَالَ وَ الجَدُّ مُدبِرُ
Ки устоди сарои азали ин кдхдоӣӣ аз баҳри ту некӯ кардасту мизони тсўит ҳар ду бадасти ту боз дода ,у лои тҷъли ядаки мғлўлаҳи илои ънқку лои тбстҳои кули албст ,у бади дилиро бурдборӣ ном манеҳ , ъ ,у ҳалами улфатии фии ғайри мавзеаи ҷаҳл ,у коҳилӣу хомиро хурсандӣ махон ки нақши олами ҳудус дар коргоҳи ҷабру қадари чунин бастаанд ки то ту дарбасту кушоди корҳо миён ҷаҳд набандӣ , турои ҳеҷ кор накушояд .
که استاد سرای ازل این کدخدائی از بهر تو نیکو کردست و میزان تسویت هر دو بدست تو باز داده، وَ لَا تَجعَل یَدَکَ مَغلُولَهً اِلَی عُنقِکَ وَ لا تَبسَطها کُلَّ البَسطِ، و بد دلی را بردباری نام منه، ع، وَ حِلمُ الفَتَی فِی غَیرِ مَوضِعِهِ جَهلٌ، و کاهلی و خامی را خرسندی مخوان که نقشِ عالمِ حدوث در کارگاه جبر و قدر چنین بستهاند که تا تو دربست و گشادِ کارها میانِ جهد نبندی، ترا هیچ کار نگشاید.
Гирди дарёи вуруди Ҷайҳуни гирд
گردِ دریا ورود جیحون گرد
Моҳӣ аз тоба сайд натавон кард
ماهی از تابه صید نتوان کرد
Одамии грч бар замона мааст
آدمی گرچ بر زمانه مهست
зи одамии хоми дев пухта бааст
ز آدمی خام دیوِ پخته بهست
Ва гуфтор бо кирдори баробардор ва рӯй ҳоли хеши бўсмти хилофу самти дурӯғ сиёҳ магардон ва бидон ки дурӯғ мзнаҳ куфрасту замимаи залол , ҳайси қол : ъзи ман қоил , анмои иФтрии алкзби аллазӣнаи лои иؤмнўни боёти аллоҳ , ва ҳақиқат бидон ки айб ки аз як дурӯғ гуфтан биншинад бҳзори рости брнхизду онки бдрўғи гўӣии мансӯби гашт , агар рост гуяд , азу бовар надоранд , ман урфи болкзби лами иҷзи садақа ва то туоне бо дӯсту душмани роҳи эҳсону иҷмол май сипар ки ҳам дар дӯстии биафзояд ва ҳам аз душманӣ бакоҳад .
و گفتار با کردار برابردار و رویِ حال خویش بوصمتِ خلاف و سمتِ دروغ سیاه مگردان و بدان که دروغ مظنّهٔ کفرست و ضمیمهٔ ضلال، حَیثُ قالَ: عَزَّ مِن قائِلٍ ، اِنَّما یَفتَرِی الکِذبَ الَّذینَ لا یؤمنونَ بِآیاتِ اللهِ ، و حقیقت بدان که عیب که از یک دروغ گفتن بنشیند بهزار راست برنخیزد و آنک بدروغ گوئی منسوب گشت، اگر راست گوید، ازو باور ندارند، مَن عُرِفَ بِالکِذبِ لَم یَجُز صِدقُهُ و تا توانی با دوست و دشمن راهِ احسان و اجمال میسپر که هم در دوستی بیفزاید و هم از دشمنی بکاهد.
Ҷомли ъдўки мо асттъти ?фона
جَامِل عَدُوَّکَ مَا استَطَعتَ فَاِنَّهُ
Ҷомли ъдўки мо асттъти ?фона
جَامِل عَدُوَّکَ مَا استَطَعتَ فَاِنَّهُ
Вои фарзандон , бҳичи таъвил бо бидон ошноӣ макунед то шумо роҳмон нарасад ки он брзигрро аз мор расед . Малики зодаи муҳимтарин ки дарраи алтоҷи малику қурраи алъайни малик буд , гуфт , чун буд он достон ?
وای فرزندان، بهیچ تأویل با بدان آشنایی مکنید تا شما راهمان نرسد که آن برزیگر را از مار رسید. ملکزادهٔ مهمترین که درّهالتّاج ملک و قرّهالعین ملک بود ، گفت، چون بود آن داستان؟