Зирак гуфт : шунидам ки хурӯсӣ буд ҷаҳон гардӣда ва домҳои макри дарида ва бисёр дстонҳои рӯбоҳони дида ва достонҳои ҳиял эшон шунида ; рӯзии пиромни дияи бтмошоӣ бӯстонӣ мегашт , пештар рафт ва бар сари роҳии боистод . Чун гулу лолаи шукуфта , кулолаи ҷаъди мишкӣн аз фарқу торак бар дӯшу гардани афшонда , қўқаҳи лаъл бар кулоҳи гӯшаи нишонда , дар кисвати мунаққашу қабои мбрқш чун арӯсон дар ҳиҷлау тоўсон дар ҷилва , домани ръноӣӣ дар пой кашон мегардид . Бонгии бикрад , рӯбоҳӣ дар он ҳаволӣ бишунид , тамаъ дар хурӯс карду бҳрсӣ тамом медавид то бнздик хурӯс расед . Хурӯс аз бим бар девори ҷуст . Рӯбоҳ гуфт : аз ман чаро май тарсӣ ? ман ин соъати дарин пиромни мигштм , ногоҳ овози бонги намоз ту бигӯаш ман омад ва аз нағамоти ҳанҷараи ту дил . Дар панҷараи синаи ман тпидн гирифту агрчи ту мардии рӯмии нажодӣ , ҳадиси арҳно ки бо балол ҳабашӣ рафт дар пардаи завқу самоъи бсмъи ман расониданд , силсилаи ваҷди ман бҷнбонид , ҳамчун балолро аз ҳабашау сҳибро аз рӯм , дўоъии муҳаббату ҷўозби низои ту маро ӣнҷо кашид .
زیرک گفت: شنیدم که خروسی بود جهانگردیده و دامهایِ مکر دریده و بسیار دستانهایِ روباهان دیده و داستانهایِ حیلِ ایشان شنیده؛ روزی پیرامن دیه به تماشایِ بوستانی میگشت، پیشتر رفت و بر سرِ راهی بایستاد. چون گل و لاله شکفته، کلالهٔ جعدِ مشکین از فرق و تارک بر دوش و گردن افشانده، قوقهٔ لعل بر کلاهگوشه نشانده، در کسوتِ منقّش و قبایِ مبرقش چون عروسانِ در حجله و طاوسانِ در جلوه، دامنِ رعنایی در پای کشان میگردید. بانگی بکرد، روباهی در آن حوالی بشنید، طمع در خروس کرد و بهحرصی تمام میدوید تا بهنزدیکِ خروس رسید. خروس از بیم، بر دیوار جَست. روباه گفت: «از من چرا میترسی؟ من این ساعت درین پیرامن میگشتم ، ناگاه آوازِ بانگِ نماز تو بهگوش من آمد و از نغماتِ حنجرهٔ تو دل در پنجرهٔ سینهٔ من تپیدن گرفت و اگرچه تو مردی رومینژادی، حدیثِ «اَرِحنَا» که با بلال حبشی رفت در پردهٔ ذوق و سماع بهسمعِ من رسانیدند، سلسلهٔ وجد من بجنبانید، همچون بلال را از حبشه و صهیب را از روم، دواعیِ محبت و جواذبِ نزاعِ تو مرا اینجا کشید.
Ман гирди сари кӯии ту аз баҳри ту гирдам
من گردِ سرِ کویِ تو از بهر تو گردم
Булбули зи паии гули бкнор чаман ояд
بلبل ز پیِ گل بهکنارِ چمن آید
Инак бар азми ин табарруки омадам то баракоти анфосу астинос ту дарёбаму лаҳзаи бмҳоўрту муҷовират ту биёсоему туро огоҳ кунам ки подшоҳи вақт мунодӣ фармудаст ки ҳеҷ каси мабодо ки бар кас бедод кунад бо андешаи ҷавру ситам дар дил бигузаранд то аз ақўё бар зуъафои дасти татовул дароз набӯду ҷузи бттўлу эҳсон бо якдигар зиндагонӣ накунанд , чунонк кабӯтари ҳам ошиёна уқоб бошаду мяш , ҳмхўобаҳи зӣоб , шер дар бешаи бтързи шағол машғӯл нашаваду юзи дандони тамаъ аз мзбҳ оҳӯ барканду саг дар пӯстин рӯбоҳ науфтаду бози кулоҳи хурӯси нрбоид . Акнӯн бояд ки аз миёни ман ва ту тнокр ва тноФӣ бархезаду бъҳдўоФӣ аз ҷонибин астзҳор тамом афзоед . Хурӯс дар миёнаи сухан ӯ гардан дароз карду сӯии роҳи мингрид . Рӯбоҳ гуфт : чаҳ майнигарӣ ? гуфт : ҷонварӣ май байнам ки аз ҷониби ин дашт меояд бетон чанд гиреҳгӣ бо дам ва гӯшҳои бузург , рӯй бмои ниҳода , чунон меояд ки бод бигардаш нарасад . Рӯбоҳро азин сухани навмидӣ дар дандон омаду таби ларза аз ҳавл бар аъзоъ ӯ афтод , аз қасди хурӯс боз монад . Нопарвоу саросемаи паноҳ гоҳе металабед ки магари бҷоӣӣ мутаҳассин тавонад шуд . Хурӯс гуфт : биё то бингарем ки ин ҳайвон борӣ кист ? рӯбоҳ гуфт : ин Имороту ъломот ки ту шарҳ медиҳӣ далел он мекунад ки он саг тозӣасту маро аз дидор ӯ бас хуррамӣ набошад . Хурӯс гуфт : пас на ту мигўӣӣ ки мунодӣ аз адли подшоҳи Нидо дар додаст дар ҷаҳон ки касро бркси адуон ва тғлб нарасаду имрӯзи ҳамаи ботили ҷӯёни ҷаври пеша аз бими қаҳру сиёсат ӯ озори халқ раҳо карданд . Рӯбоҳ гуфт : балӣ , аммо имкон дорад ки ин саги ин мунодӣ нашунида бошад ? беш азин мақом таваққуф нест , аз онҷо бигурехту бсўрохӣ фурӯ шуд . Ин фасона аз баҳр он гуфтам ки шояд яке азин ҳамаи қавми овозаи мувофиқату мўосқти аҳд ки дар миёна то чаҳ ғоят рафтаст , нашунида бошад . Акнӯн лоиқ вақт онаст ки туро ки зрўӣии бостқболи эшон боз фиристам то чун туро ки аз абноءи ҷинси эшонӣ бенанд ки аз пеши мо май рӯй , сукӯну итмӣнони ҷамоат ҳосил ояду соҳати синҳо якбора аз ғубори занну шабаҳат пок гардад . Кабӯтари дарин рой мусоидат намӯд . Пас ишорат кард то зрўии ботамоми ин муҳим антҳоз кунаду Фтўру антФоз аз азимати хеши иксўи афканду бткмлаҳи кори қиёми намояду бҳкми онки шаҳомати дилу сромти азму вуфӯри ҳзм ӯ дар ҳамаи муаззамоту мухтасароти сутӯда ва озмудааст , ҳоҷатманд васият намегирданд ва маълумаст ки ҳарч гуяд ҷузи бостслоҳи мафосиду астнҷоҳи мақосиди мо нкўшду ризои моро бҳўои хеш боз накунаду ҳаргизи ишва ғурур нахираду махдумро бҳич ғараз нафурӯшад . Пас ишорат кард ки бархез ва чунонк доне ва туоне , ин уқдаи дигар аз кор бигушоӣ ва ин ӯҳдаи дигар аз змти хеш берун кун .
اینک بر عزمِ این تبرّک آمدم تا برکاتِ انفاس و استیناسِ تو دریابم و لحظهای به محاورت و مجاورتِ تو بیاسایم و ترا آگاه کنم که پادشاهِ وقت منادی فرمودهست که هیچ کس مبادا که بر کس بیداد کند یا اندیشهٔ جور و ستم در دل بگذراند تا از اقویا بر ضعفا دستِ تطاول دراز نبوَد و جز به تطوّل و احسان با یکدیگر زندگانی نکنند، چنانکه کبوتر همآشیانهٔ عقاب باشد و میش، همخوابهٔ ذئاب، شیر در بیشه به تعرّضِ شغال مشغول نشود و یوز دندانِ طمع از مذبحِ آهو برکنَد و سگ در پوستینِ روباه نیفتد و باز، کلاهِ خروس نرباید. اکنون باید که از میان من و تو، تناکر و تنافی برخیزد و به عهد وافی از جانبین استظهار تمام افزاید.» خروس در میانهٔ سخنِ او گردن دراز کرد و سویِ راه مینگرید. روباه گفت: «چه مینگری؟» گفت : «جانوری میبینم که از جانبِ این دشت میآید بهتن چندِ گرگی با دُم و گوشهایِ بزرگ، روی بهما نهاده، چنان میآید که باد بهگردش نرسد.» روباه را ازین سخن نومیدی در دندان آمد و تبلرزه از هول بر اعضاءِ او افتاد، از قصدِ خروس باز ماند. ناپروا و سراسیمه پناهگاهی میطلبید که مگر بهجایی متحصّن تواند شد. خروس گفت: «بیا تا بنگریم که این حیوان باری کیست؟» روباه گفت: «این امارات و علامات که تو شرح میدهی دلیل آن میکند که آن سگ تازیست و مرا از دیدارِ او بس خرمی نباشد.» خروس گفت: «پس نه تو میگویی که منادی از عدلِ پادشاه ندا در دادهست در جهان که کس را بر کس عدوان و تغلّب نرسد و امروز همه باطلجویانِ جور پیشه از بیم قهر و سیاستِ او آزار خلق رها کردند؟» روباه گفت: «بلی، امّا امکان دارد که این سگ این منادی نشنیده باشد؟ بیش ازین مقامِ توقّف نیست» از آنجا بگریخت و بهسوراخی فرو شد. این فسانه از بهرِ آن گفتم که شاید یکی ازین همه قوم آوازهٔ موافقت و مواثقتِ عهد که در میانه تا چه غایت رفتهست، نشنیده باشد. اکنون لایقِ وقت آنست که ترا که زرویی بهاستقبالِ ایشان باز فرستم تا چون ترا که از ابناءِ جنسِ ایشانی، بینند که از پیشِ ما میروی، سکون و اطمینانِ جماعت حاصل آید و ساحتِ سینهها یکباره از غبارِ ظنّ و شبهت پاک گردد. کبوتر درین رای مساعدت نمود. پس اشارت کرد تا زروی بهاتمامِ این مهمّ انتهاض کند و فتور و انتفاض از عزیمتِ خویش یکسو افکنَد و به تکملهٔ کار قیام نماید و بهحکمِ آنکه شهامتِ دل و صرامتِ عزم و وفورِ حزم او در همه معظمات و مختصرات ستوده و آزموده است، حاجتمند وصیّت نمیگرداند و معلومست که هرچه گوید جز بهاستصلاحِ مفاسد و استنجاحِ مقاصد ما نکوشد و رضایِ ما را بههوای خویش باز نکند و هرگز عشوهٔ غرور نخرد و مخدوم را بههیچ غرض نفروشد. پس اشارت کرد که برخیز و چنانکه دانی و توانی، این عقدهٔ دیگر از کار بگشای و این عهدهٔ دیگر از ذمّتِ خویش بیرون کن.
Ва мслки ани абадии алФъоли иъода
وَ مِثلُکَ اِن اَبدَی الفَعَالَ اَعَادَهُ
Ва ани мнҳи алмърўФи зоду тммо
وَ اِن مَنَحَ المَعرُوفَ زَادَ وَ تَمَّما
Зрўӣ бар муқтазои фармони сӯй эшон рафту ончи воҷиб буд аз вазоифи ин хизмат биҷой овараду астрзоءи ҷавониб аз мؤолФу муҷонибу ақорбу абоъду мўолӣу муониду мзоиқу мсомҳу мунофиқу мносҳу мхолсу ммозқи тамоми ботамоми расониду ҳамаро бхдмти зираки штобонид , чун Утбаи хизмати ббўсиднду бъноиту шафқати махсӯси гаштанду бунёни адлу рأФт мрсўс ёфтанд ва ҳар ончи бсмъи ҷамъи расида буд , ббсри басират мушоҳида карданду ташдиди мъоқдти имону таҷдиди мъоҳдт бар мабоонии имон биҷой овараданд , мисол ёфтанд ки ҳама бо мўотни хеши макрам ва мусаллам бозгарданд . Ин овозаи бҷмлаҳи дадон навоҳӣ расед . Виқори анбӯҳии лашкару ҳашар аз аснофи ҷонварон дар дил эшон нишаст ва аз аҳкоми бунёди он тадбир ки дар авзоъу аҳком подшоҳӣ ниҳоданд , биндишиднд , тФзъӣу тўзъӣ дар хавотири муфсидон падед омад . Атмоъи фосид аз аФтросу ихтилос эшон барграфтанд , назар бар кӯтоҳи дастӣу хештан дорӣ ниҳоданд ва дар хФзи айшу лиззати умр бо ману астномту фироқи дилу истиқомати ҳол дар он маротеъу мроъӣ бе заҳмати ҳофизу миннати роъии басар май бурданд .
زروی بر مقتضایِ فرمان سویِ ایشان رفت و آنچه واجب بود از وظایفِ این خدمت بهجای آورد و استرضاءِ جوانب از مؤالف و مجانب و اقارب و اباعد و موالی و معاند و مضایق و مسامح و منافق و مناصح و مخالص و مماذق تمام بهاتمام رسانید و همه را به خدمتِ زیرک شتابانید، چون عتبهٔ خدمت ببوسیدند و به عنایت و شفقت مخصوص گشتند و بنیانِ عدل و رأفت مرصوص یافتند و هرآنچه به سمعِ جمع رسیده بود، به بصرِ بصیرت مشاهده کردند و تشدیدِ معاقدتِ ایمان و تجدیدِ معاهدت بر مبانیِ ایمان بهجای آوردند، مثال یافتند که همه با مواطنِ خویش مکرّم و مسلّم بازگردند. این آوازه بهجملهٔ ددان نواحی رسید. وقارِ انبوهی لشکر و حشر از اصنافِ جانوران در دلِ ایشان نشست و از احکامِ بنیادِ آن تدبیر که در اوضاع و احکامِ پادشاهی نهادند، بیندیشیدند ، تفزّعی و توزّعی در خواطرِ مفسدان پدید آمد. اطماعِ فاسد از افتراس و اختلاسِ ایشان برگرفتند، نظر بر کوتاهدستی و خویشتنداری نهادند و در خفضِ عیش و لذّتِ عمر به امن و استنامت و فراغِ دل و استقامتِ حال در آن مراتع و مراعی بیزحمتِ حافظ و منّتِ راعی بهسر میبردند.
Ва мҷосми алосоди фии айёма
وَ مَجَاثِمُ الآسَادِ فِی اَیَّامِهِ
Болъдли срни мробзи алотлоء
بِالعَدلِ صِرنَ مَرَابِضَ الاَطلَاءِ
Зирак аз татаббуъи ашороту тақдими муқаддамоти зрўии подшоҳӣ натиҷа ёфту зрўӣ аз андеша ки бунёди он пеши зирак бар умдаи адлу қоидаи ҳақу ниҳоди шаръу ақли ниҳод , бтмтъии ҳарч мҳнотр барисед .
زیرک از تتبّعِ اشارات و تقدیمِ مقدّمات زروی پادشاهی نتیجه یافت و زروی از اندیشهای که بنیادِ آن پیش زیرک بر عمدهٔ عدل و قاعدهٔ حق و نهادِ شرع و عقل نهاد، بهتمتّعی هرچه مهنّاتر برسید.
Ва тқосми анноси алмсраҳи бинҳм
وَ تَقَاسَمَ النَّاسُ المَسَرَّهَٔ بَینَهُم
Қсмои факони аҷлҳми ҳзои ано
قِسَماً فَکَانَ اَجَلُّهُم حَظَّاً اَنَا
Тамом шуд боби зираку зрўӣ . Баъди азин ёд кунем боби пелу шеру дарав боз намоем ки оқибати стмгорони бағии пешау зиёдати талабони маҳол андеша чисту вабол ва накол он то куҷост . Эзад , таъолии зоти муқаддаси худованд , хоҷаи ҷаҳонро ба перояи шаръи варзӣу ҳиялати дайни густарӣу додпрўрии оростаи дороаду ҳарчи мзом авсоф башарӣаст , нафаси муқаддасашро аз нисбати он пероста .
تمام شد بابِ زیرک و زروی. بعد ازین یاد کنیم بابِ پیل و شیر و درو باز نماییم که عاقبتِ ستمگاران بغیپیشه و زیادتطلبانِ محالاندیشه چیست و وبال و نکالِ آن تا کجاست. ایزد ، تَعَالی ذات مقدّسِ خداوند، خواجهٔ جهان را به پیرایهٔ شرعورزی و حیلت دینگستری و دادپروری آراسته داراد و هرچه مذّامِ اوصافِ بشریست ، نفسِ مقدّسش را از نسبت آن پیراسته.
Бмҳмду ?алаи аҷмъин
بِمُحَمَّدٍ وَ آلِهِ اَجمَعِینَ