Малик зода гуфт : шунидам ки ширӣ буд парҳезгору ҳалоли хору хештани дору мтўръ , блбоси тъззу тақвои мтдръ ; ботинии мтршҳ аз хасоиси ҳалам ва кам озорӣу зоҳирии мтўшҳи бўқъи шикваи шаҳриёрӣ , оташи ҳайбату оби раҳмат аз якҷо ангехта , заҳри унфу тирёки лутфи дарҳами рехта , мухбирии маҳбӯбу манзарии марғӯб , сӯратии мақбулу сифатии бшмоили сутӯдаи машмӯл , дар нестоне ватан дошт ки онҷои гургу мяш чун не бо шукр омехтӣу юзу оҳӯ чун хору гул аз як чашмаи оби хўрдндӣ дар ҳмои қсбоء ӯ хирқаи қсб аз хрқи моҳтоби эмин будӣу домани абр аз дасти таъаррузи офтоби осӯда , рустаи бозори вуҷӯди шаҳнаи сиёсаташ рост карда , гурги бхзозӣ чун карам бқзозӣ нишаста , оҳӯони бъторӣ чун саги бостхўони корӣ машғӯл гашта :
ملکزاده گفت: شنیدم که شیری بود پرهیزگار و حلالخوار و خویشتندار و متورّع، بلباس تعزّز و تقوی متدرّع ؛ باطنی مترشّح از خصایصِ حلم و کمآزاری و ظاهری متوشّح بوقعِ شکوهِ شهریاری، آتشِ هیبت و آبِ رحمت از یکجا انگیخته، زهرِ عنف و تریاکِ لطف درهم ریخته، مخبری محبوب و منظری مرغوب، صورتی مقبول و صفتی بشمایل ستوده مشمول، در نیستانی وطن داشت که آنجا گرگ و میش چون نی با شکر آمیختی و یوز و آهو چون خار و گل از یک چشمه آب خوردندی در حمایِ قصباءِ او خرقهٔ قصب از خرقِ ماهتاب ایمن بودی و دامنِ ابر از دستِ تعرّضِ آفتاب آسوده، رسته بازار وجود شحنهٔ سیاستش راست کرده، گرگ بخزّازی چون کرم بقزّازی نشسته، آهوان بعطّاری چون سگ باستخوان کاری مشغول گشته :
Вале албриаҳи адлаи Фтмозҷт
وَلِیَ البَرِّیَهَٔ عَدلُهُ فَتَمَازَجَت
Аздодҳои ман ксраҳи алأинос
اَضدَادُهَا مِن کَثرَهِٔ الأِینَاسِ
Тҳнўи алии ибн алмоءам алсқри бал
تَحنُو عَلَی ابنِ المَاءِ اُمُّ الصَّقرِ بَل
Иҳмии ахўи алқсбоءи ахти кнос
یَحمِی اَخُو القَصبَاءِ اُختَ کِنَاسِ
Ва дар ҷавори он беша ки андеша одамӣ бикуна авсоф он нарасад , аз анвоъи Фўокаҳу алвони раёҳини замин чун дебои мушаҷҷару ҳаво чун ҳалаи зебои мтир , брнгу буии роҳати дилҳо баромадаи чунин музиъии мтнзаҳу мтФрҷ ӯ буду бештари авқоти онҷои хайма иқомат задӣ . Рӯзӣ бъодт нишаста буд , хирсӣ аз он навоҳии пеш ӯ омаду расми хизмат биҷой овараду боистод . Шер пурсед ки аз куҷои миоӣӣ ва бкҷо мерӯй ва мақсӯд чист ва мақсад кадомаст ? хирс гуфт :
و در جوارِ آن بیشهٔ که اندیشهٔ آدمی بکنهِ اوصاف آن نرسد، از انواعِ فواکه و الوانِ ریاحین زمین چون دیبایِ مشجّر و هوا چون حلّهٔ زیباِیِ مطیّر، برنگ و بوی راحتِ دلها برآمده چنین موضعی متنزّه و متفرّجِ او بود و بیشترِ اوقات آنجا خیمهٔ اقامت زدی. روزی بعادت نشسته بود، خرسی از آن نواحی پیشِ او آمد و رسمِ خدمت بجای آورد و بایستاد. شیر پرسید که از کجا میآئی و بکجا میروی و مقصود چیست و مقصد کدامست؟ خرس گفت :
Абӣ алмқом бидор алзли лии карам
اَبَی المُقَامَ بِدَارِ الذُّلِّ لِی کَرَمٌ
Ва ҳамаи тсли алтхўиди волхббо
وَ هِمَّهٌٔ تَصِلُ التَّخوِیدَ وَالخَبَبَا
Ва азмаи лои тзоли алдҳри зориба
وَ عَزَمَهٌٔ لَا تَزَالُ الدَّهرَ ضَارِبَهًٔ
Дуни аломиру фавқи алмштрии тнбо
دُونَ الاَمِیرِ وَ فَوقَ المُشتَرِی طُنُباَ
Бақои худованди миннатҳои аъмори бод . Ман банда аз фалон ноҳит меоем . Овози навбати ҷҳондорӣу овозаи макориму мъолӣ ту шунидам бар мтиаҳи шавқ савор шудаму зимоми сабр аз дасти рафтаи ӣнҷои тохтам ва аз макораи айёми бад-ӣни остонаи давлати пноҳидм ъ , вари ишқи ту нестӣ , ман ӣнҷои кӣмӣ ? агар малики сояи ъотФт бар кори ман афканду атфӣ аз домани иқболи бадаст ман диҳад , чун сояи мулозими ин остона хоҳам буд , магар чун дигари бандагони зарраи вори бшъоъи офтоби назараш бо дид оему бхдмтҳои писандидаи рӯзгори худро захираи гузорам ; агар қабул бидон пайвандад ,
بقایِ خداوند منتهایِ اعمار باد. من بنده از فلان ناحیت میآیم. آوازِ نوبتِ جهانداری و آوازهٔ مکارم و معالیِ تو شنیدم بر مطیّهٔ شوق سوار شدم و زمامِ صبر از دست رفته اینجا تاختم و از مکارهِ ایام بدین آستانهٔ دولت پناهیدم ع، ور عشقِ تو نیستی، من اینجا کیمی ؟ اگر ملک سایهٔ عاطفت بر کارِ من افکند و عطفی از دامنِ اقبال بدست من دهد، چون سایه ملازمِ این آستانه خواهم بود، مگر چون دیگر بندگان ذرّهوار بشعاعِ آفتابِ نظرش با دید آیم و بخدمتهایِ پسندیده روزگارِ خود را ذخیرهٔ گذارم؛ اگر قبول بدان پیوندد ،
То ҷоми аҷал дар надиҳади соқии умр
تا جامِ اجل در ندهد ساقیِ عمر
Дасти ману домони ту то боқии умр
دستِ من و دامانِ تو تا باقیِ عمر
Шери азин сухани хуррами дилу хандон рӯй гашту сарвару шодмонӣ аз асорир пешонӣ бинмуд ва аз сари аҳмод ва артзо фармуд :
شیر ازین سخن خرّمدل و خندان روی گشت و سرور و شادمانی از اساریرِ پیشانی بنمود و از سرِ احماد و ارتضا فرمود:
Дидам магасӣ нишаста бар паҳлавии шаҳр
دیدم مگسی نشسته بر پهلویِ شیر
Гуфтам : чаҳ касе ки сахти шухӣу далер ?
گفتم : چه کسی که سخت شوخی و دلیر؟
Гуфт : ин сира , хусрави дадонро чаҳ зиён
گفت: این سره، خسروِ ددان را چه زیان
Каз паҳлавӣ ӯ гурусна гардад сайр ?
کز پهلویِ او گرسنهٔ گردد سیر ؟
ъ ,у ллнмли ман сури алأсўди насиб . Фориғ бошу бегонагӣу таваҳҳуш аз хотир давр кун . Ки асбоби тъишу трФаҳи ту сохта дораму абвоби таматтуъи зиндагонӣу трФъ дар мадориҷи омоли вомонеи барин даргоҳ кушода фармоем ва азин нмт навохт бисёру мўоъиди лутфҳои бишмор фармуд ва аз шиори шеваи хеш , чунонкии тарки пӯшати ҳайвон кардану дасти тамаъ аз хӯни эшон шустан , хирсро огоҳ кард ва насиҳат фармуд ки бҳичи ваҷҳи қасди ҳеҷ ҷонварӣ накунӣу алои бмиўаҳи ифтори равои надорӣ ки ихтиёри мтъўм бар мтъўми натиҷаи ҳирс ҷоҳилон бошаду ҳамаи нозу неъмат талабидани кори коҳилон буд .
ع، وَ لِلنَّملِ مِن سُورِ الأُسُودِ نَصِیبُ. فارغ باش و بیگانگی و توحّش از خاطر دور کن. که اسبابِ تعیّش و ترفّهِ تو ساخته دارم و ابوابِ تمتّع زندگانی و ترفّع در مدارجِ آمال وامانی برین درگاه گشاده فرمایم و ازین نمط نواختِ بسیار و مواعیدِ لطفهایِ بیشمار فرمود و از شعارِ شیوهٔ خویش، چنانکه ترک پوشتِ حیوان کردن و دستِ طمع از خونِ ایشان شستن، خرس را آگاه کرد و نصیحت فرمود که بهیچوجه قصدِ هیچ جانوری نکنی و الّا بمیوه افطار روا نداری که اختیارِ مطعوم بر مطعوم نتیجهٔ حرصِ جاهلان باشد و همه ناز و نعمت طلبیدن کارِ کاهلان بود.
Бдпснд аз бадӣ набаҳра тараст
بدپسند از بدی نبهرهترست
Ин мисли зи офтоб шуҳра тараст
این مثل ز آفتاب شهرهترست
Хирси дъоӣӣ ки воҷиби вақт буд , бأдои расонид ва гуфт :
خرس دعائی که واجبِ وقت بود، بأدا رسانید و گفت :
Бақиятаи мадии алднёу млкки росих
بَقِیتَ مَدَی الدُّنیاَ وَ مُلکُکَ رَاسِخٌ
Ва врдки мўрўду Бобаки омир
وَ وِردُکَ مَورُودٌ وَ بَابُکَ عَامِرُ
Пас мстзҳру восиқи бўФои рӯзгори брғбтии содиқи бакори бандагӣу хадамоти маразӣ машғӯл шуду маросими хештани дорӣу вазоифи некӯи хидматӣ иқомат мекарду муддатии дандони ҳирс аз гӯшти хории бикунаду даҳони шара аз хӯни ошомии дарбаст , волноси алии дайни млўкҳм , насии мтбъу амре мунтафаъ донисту бад-ӣни васоилу зроиъ ҳар рӯзи мақомии дигар дар бисоти қурбат битозагӣ меёфт то қадам росих гардонид ва аз ҷумлаи муширону мушовирону муҳаррамону муҷовирони гашт . Рӯзии шер бо лашкари сбоъи бтмошо берун шуд , шутуриро дид аз корвони бозмонда , онҷои саргашта ва ҳоем мегардид . Гургу палангу дадони дигари ҷумлаи бҳкми онк аз орзӯии гӯшти кордашони бостхўони расида буд , махмасаи зарурат бидонҷо расонида ки апрчи машрӯъи мазҳаб шер набӯд ; аз ақли рухсатии ҷӯянду қасд шутур пайванданд . Чун ин андешаро мтшмр шуданд . Шери бонг барояшон зад ва бифармуд то дасти азу боз доранд ва гуфт набояд ки ӯро аз дидори мо имрӯз ҳамон расад ки он марди зишт рӯйро аз дидор хусрав расед . Дадон гуфтанд : агар малик ҳикоят фармоед , бандагон аз фавойиди он баҳра манд шаванд .
پس مستظهر و واثق بوفایِ روزگار برغبتی صادق بکارِ بندگی و خدماتِ مرضّی مشغول شد و مراسمِ خویشتنداری و وظایفِ نیکو خدمتی اقامت میکرد و مدتی دندانِ حرص از گوشتخواری بکند و دهانِ شره از خونآشامی دربست، وَالنَّاسُ عَلَی دِینِ مُلُوکِهِم ، نصّی متّبع و امری منتفع دانست و بدین وسایل و ذرایع هر روز مقامی دیگر در بساطِ قربت بتازگی مییافت تا قدم راسخ گردانید و از جملهٔ مشیران و مشاوران و محرمان و مجاوران گشت. روزی شیر با لشکرِ سباع بتماشا بیرون شد، شتری را دید از کاروان بازمانده ، آنجا سرگشته و هایم میگردید. گرگ و پلنگ و ددان دیگر جمله بحکمِ آنک از آرزویِ گوشت کاردشان باستخوان رسیده بود، مخمصهٔ ضرورت بدانجا رسانیده که اپرچ مشروعِ مذهب شیر نبود؛ از عقل رخصتی جویند و قصدِ شتر پیوندند. چون این اندیشه را متشمّر شدند. شیر بانگ برایشان زد و بفرمود تا دست ازو باز دارند و گفت نباید که او را از دیدارِ ما امروز همان رسد که آن مردِ زشتروی را از دیدار خسرو رسید. ددان گفتند: اگر ملک حکایت فرماید، بندگان از فواید آن بهرهمند شوند.