Малик зода гуфт : шунидам ки дар ҳудӯд озрбиҷон кӯҳӣаст бблнди номӣу анвоъи наботу нўомии машҳур , аҷноси вуҳушу туюр аз фазои ҳавоу арсаи ҳомӯн дар мъотФи доман ӯ хазидау гиребон аз даст ғурем ҳаводиси дркшидаҳ , дар он маротеъу мробъи миёни нозу Наими парварда ва аз муҷовирати ниёзу нокомии рахти иқомати бсоҳти он маншаи хсб ва роҳат оварда , раҳ нишинон шому саҳари баноми мнобти хокаши таблаи ъқоқири гушӯда , ноки даҳони сабоу шимоли ббўии Фўҳоти ҳавояши нофа аз аҳири шикофта , Хизр аз чашмаи ҳайвони чошнии зулоли анҳорши гирифта , Идрӣс аз сояи тӯбои бзлоли ашҷораши орзӯманд шуда .

ملک‌زاده گفت: شنیدم که در حدودِ آذربیجان کوهیست ببلند نامی و انواعِ نبات و نوامی مشهور، اجناسِ وحوش و طیور از فضای هوا و عرصهٔ هامون در معاطف دامنِ او خزیده و گریبان از دستِ غریمِ حوادث درکشیده، در آن مراتع و مرابع میانِ ناز و نعیم پرورده و از مجاورتِ نیاز و ناکامی رختِ اقامت بساحتِ آن منشأ خصب و راحت آورده، ره نشینانِ شام و سحر بنامِ منابتِ خاکش طبلهٔ عقاقیر گشوده، ناک دهان صبا و شمال ببویِ فوحات هوایش نافهٔ از اهیر شکافته ، خضر از چشمهٔ حیوان چاشنیِ زلالِ انهارش گرفته، ادریس از سایهٔ طوبی بظلالِ اشجارش آرزومند شده .

Артки идолмзни осорҳо

اَرَتکَ یَدُالمُزنِ آثَارَهَا

Ва ахрҷти аларзи асрорҳо

وَ اَخرَجَتِ الاَرضُ اَسرَارَهَا

Ҳаии алхлди таҷаммуъи мо тштҳӣ

هِیَ الخُلدُ تَجمَعُ مَا تَشتَهِی

Фзрҳои Фтўбии лмни зорҳо

فَزُرهَا فَطُوبَی لِمَن زَارَهَا

Магари ҷуфтии Кебек дар он кӯҳсор ошён доштанд яке озодчҳраҳи ном ва яке аиро . Ҳар соли бҳнгоми баҳор ки хӯни раёҳин дар урӯқ замин Биҷӯш омадӣу гӯши офоқ аз замзамаи мурғон дар пардаи ушшоқи бхрўш , уқобӣ бар кӯҳи Қорани мтўтн буд ва бар мурғони он навоҳии подшоҳ , бархестӣу бъзми тнзаҳу тафарруҷи шкоркнон бо кавкабаи ҷавориҳи туюру кўоср ақабон бидон кӯҳ омадӣу бачагони навзодаи ин ду Кебекро дар он миён шикор кардӣ ва эшон ҳамаи солаи бФроқи ҷигари гӯшагони хунини дилу дидау сӯгвор дар кунҷи аҳзони хеш афтода будандӣу либоси атласи млўн чун пилос ғроби бҷомаҳ мотам задагон бадал карда , дроъаҳи хорои мухтатро то доман чок зада , чун зиҳи гиребони тоўси брнги лоҷувардии бароварда , биҷои қаҳқаҳаи нишоту тараб ки дар мизоҷи ғризти эшон мркўз бошад , рӯзу шаби гиряи зору нола зер мекарданд ва мегуфтанд :

مگر جفتی کبک در آن کوهسار آشیان داشتند یکی آزادچهره نام و یکی ایرا. هر سال بهنگامِ بهار که خونِ ریاحین در عروقِ زمین بجوش آمدی و گوشِ آفاق از زمزمهٔ مرغان در پردهٔ عشاق بخروش، عقابی بر کوهِ قارن متوطّن بود و بر مرغان آن نواحی پادشاه، برخاستی و بعزم تنزّه و تفرّج شکارکنان با کوکبهٔ جوارحِ طیور و کواسرِ عقبان بدان کوه آمدی و بچّگانِ نوزادهٔ این دو کبک را در آن میان شکار کردی و ایشان همه ساله بفراقِ جگر گوشگان خونین دل و دیده و سوگوار در کنجِ احزان خویش افتاده بودندی و لباسِ اطلسِ ملوّن چون پلاسِ غراب بجامهٔ ماتم‌زدگان بدل کرده،‌ درّاعهٔ خارایِ مخطّط را تا دامن چاک زده ، چون زهِ گریبانِ طاوس برنگِ لاجوردی برآورده ، بجای قهقههٔ نشاط و طرب که در مزاجِ غریزت ایشان مرکوز باشد ، روز و شب گریهٔ زار و نالهٔ زیر می‌کردند و می‌گفتند:

Сад ҳазорон дида боистӣ дили риши маро

صد هزاران دیده بایستی دلِ ریش مرا

То бҳрики хештан бар хештан бигиристӣ

تا بهریک خویشتن بر خویشتن بگریستی

Танги дили мурғам , гарм брбо бизан кардӣ фалак

تنگ دل مرغم ، گرم بربا بزن کردی فلک

Бар ман оташ раҳм кардӣ , бобизан бигиристӣ

بر من آتش رحم کردی، بابزن بگریستی

Рӯзӣ ҳар ду бтдбири кори хеш бо якдигар бинишастанд ва гуфтанд : моро соли умри баромаду пару бол нишот бишикаст ва ҳар сол ки байза менаҳемро бблўғ парвоз мерасонем , ин уқоби эшонро аз пеши чашми мо барме дорад ва дар имкони мо на ки бҳичгўнаҳи дафъ ӯ андешем , наздикаст ки насли дӯда мо барафканаду хону мони аўмиди мо бадвади дил сиёҳ гирданду аъқоби мо аз захми чнгли ин уқоби бонқтоъи анҷомаду агрчи мо аз вақъи савлат ӯ дар вқоиаҳи тҳрзи ҳолеро масӯн мемонему эзад , таъолӣ , дидаи дилҳои моро бкҳли бедорӣу ҳушёрӣ равшан медорад то аз мғоФзаҳи қаҳр ӯ мутанаббеҳ мебошем , аммо чун қазо нозил шавад чашми ҳзм баста монад ва моро низ асири чанголу ксири шоҳи боли савлат хеш гирданд , аз он тиқз чаҳ фоида ? озодчҳраҳ гуфт : савоб онаст ки азин мақоми махуф бмأмнӣ паноҳем ки моу фарзандони мо аз аворизи амсоли ин ҳодисоти онҷои осӯда тар тавонем зист , чаҳ ҷама овардау андӯхтаи худро дар канори дигарон ниҳодан ки на аз шуъаби аслу фаръи насл ту бошад , корӣ саъбаст

روزی هر دو بتدبیرِ کارِ خویش با یکدیگر بنشستند و گفتند : ما را سالِ عمر برآمد و پر و بالِ نشاط بشکست و هر سال که بیضه می‌نهیم را ببلوغِ پرواز میرسانیم ، این عقاب ایشان را از پیشِ چشمِ ما برمی‌دارد و در امکانِ ما نه که بهیچگونه دفعِ او اندیشیم ، نزدیکست که نسل دودهٔ ما برافکند و خان و مانِ اومیدِ ما بدودِ دل سیاه گرداند و اعقابِ ما از زخمِ چنگل این عقاب بانقطاع انجامد و اگرچ ما از وقعِ صولتِ او در وقایهٔ تحرّز حالی را مصون می‌مانیم و ایزد، تَعالی ، دیدهٔ دلهای ما را بکحلِ بیداری و هشیاری روشن می‌دارد تا از مغافضهٔ قهرِ او متنبّه می‌باشیم، اما چون قضا نازل شود چشمِ حزم بسته ماند و ما را نیز اسیرِ چنگال و کسیرِ شاه‌بالِ صولتِ خویش گرداند ، از آن تیقّظ چه فایده ؟ آزادچهره گفت : صواب آنست که ازین مقامِ مخوف بمأمنی پناهیم که ما و فرزندان ما از عوارضِ امثال این حادثات آنجا آسوده‌تر توانیم زیست، چه جمه آورده و اندوختهٔ خود را در کنارِ دیگران نهادن که نه از شعبِ اصل و فرعِ نسلِ تو باشد، کاری صعبست

Тؤдиаҳи мзмўмои илои ғайри ҳомид

تُؤَدِّیهِ مَذمُوماً اِلَی غَیرِ حَامِدٍ

Фиأклаҳи ъФўоу анати дафин

فَیَأکُلُهُ عَفوا وَ اَنتَ دَفِینُ

Ва бефарзандон ки умдаи зиндагонӣу самара дарахт амонеанду ҳрмўии эшон ргист ки пайванд бо ҷони гирифта , хуши зистани имкон чигуна пазирад ?

و بی فرزندان که عمدهٔ زندگانی و ثمرهٔ درخت امانی‌اند و هرمویِ ایشان رگیست که پیوند با جان گرفته، خوش زیستن امکان چگونه پذیرد ؟

Ва зоки лأни алмрء яҳё балоед

وَ ذَاکَ لِأَنَّ المَرءَ یَحیَی بِلَایَدٍ

Ва раҷулу лои тлқоаҳи яҳёи балои кабид

وَ رِجلٍ وَ لَا تَلقَاهُ یَحیَی بِلَا کَبِد

Аиро гуфт : ростаст ин сухани мо дар сФқаҳи ин меҳнату неъмати баҳами мшорким ва дар айни воқеаи якдигари мнғмс ва ҳар ду бики доғи бломбтлӣу лами иърФи мрораҳи алскли алои ман зоқаҳ . Ман ҳаргизи азин андеша ки ту карда , холӣ набӯдаам ва андешҳои рост аз арбоби дониши ҳама бар як нсқ мтўоФқ ояду саҳҳоми авҳоми хирадмандон аз кушоди фикрати ҳама бар як нишонаи исобат мттобъ расад ва гуфтаанд , ақли бкўҳии ҳсини мниъи алмнол пурманфиат монад , ҳар кӯ баталаб манофеи дарав роҳ ҷӯяд , аз як тариқ вусӯл тавонад ёфту қадами мъомлту муошират дар масолики дӯстӣу душманӣу мноҳҷи биму аўмиду мазоҳиби лутфу унф бо оқилон задан ҳамин сифат дорад , чаҳ сарриштаи ризоу схти эшон яке беш нест ва азин ҷиҳати осони бадасти тавон овардан , бхлоФи ҷоҳилон ки дўоъии табъи хлиъи алъзори эшонро зобитӣ набошаду Аннани хавотири фосиду ҳўоҷси парешони эшонро ҳеҷ соҳиби кифояти фурӯ натавонад гирифт .

ایرا گفت: راستست این سخن ما در صفقهٔ این محنت و نعمت بهم مشارکیم و در عینِ واقعهٔ یکدیگر منغمس و هر دو بیک داغِ بلامبتلی وَ لَم یَعرِف مَرَارَهَٔ الثَّکلِ اِلَّا مَن ذَاقَهُ. من هرگز ازین اندیشه که تو کردهٔ، خالی نبوده‌ام و اندیشهایِ راست از اربابِ دانش همه بر یک نسق متوافق آید و سهام اوهام خردمندان از گشادِ فکرت همه بر یک نشانهٔ اصابت متتابع رسد و گفته‌اند، عقل بکوهی حصینِ منیع‌المنالِ پرمنفعت ماند، هر کو بطلبِ منافع درو راه جوید، از یک طریق وصول تواند یافت و قدمِ معاملت و معاشرت در مسالکِ دوستی و دشمنی و مناهجِ بیم و اومید و مذاهبِ لطف و عنف با عاقلان زدن همین صفت دارد، چه سررشتهٔ رضا و سخطِ ایشان یکی بیش نیست و ازین جهت آسان بدست توان آوردن، بخلافِ جاهلان که دواعیِ طبعِ خلیع‌العذارِ ایشان را ضابطی نباشد و عنانِ خواطرِ فاسد و هواجسِ پریشان ایشان را هیچ صاحب کفایت فرو نتواند گرفت.

Ании ломни ман адуи оқил

اِنِّی لَآمَنُ مِن عَدُوٍّ عَاقِلٍ

Ва ахоФи халои иътриаҳи ҷунун

وَ اَخَافَ خِلّاً یَعتَریهِ جُنُونُ

Фолъқли фани воҳиду тариқа

فَالعَقلُ فَنٌّ وَاحِدٌ وَ طَرِیقُهُ

Адрӣу арсдўои алҷнўни фунун

اَدرِی وَ اَرصُدُوَا الجُنُونُ فُنُونُ

Локини ниҳоли муҳаббат дар мФорси ватани даст нишон имонаст , қалъ кардан он душвор даст диҳаду бҳкми онки ошиёнаи мо аз миёни мурғони шикорӣу фитнаи ҷӯёни зўории бкнораҳи аўФтодст ва мо дарин гӯша аз мсодмоти таъаррузи эшон рустаем ва аз млотмоти таъаддии осӯда , ҳам ӣнҷои сохтани аўлитр , чаҳ май тарсам ки агар азин турбат нақл кунем , ҳавои ғурбати моро насозад ва аз Масқати алрأси худ давр шавему бтўҳми суди даҳ чиҳил раъси алмоли офият низ зиён кунем ки нақш ангехта тақдири бештар аз онаст ки дар қолаби андохт мо нишинад ва аз муқаддамоти ағрози ҷузи ҳурмон натиҷа намеояд .

لکن نهال محبّت در مفارسِ وطن دست نشانِ ایمانست، قلع کردنِ آن دشوار دست دهد و بحکمِ آنک آشیانهٔ ما از میانِ مرغان شکاری و فتنه‌جویان ضواری بکنارهٔ اوفتادست و ما درین گوشه از مصادماتِ تعرّضِ ایشان رسته‌ایم و از ملاطماتِ تعدّی آسوده، هم اینجا ساختن اولیتر، چه می‌ترسم که اگر ازین تربت نقل کنیم، هوایِ غربت ما را نسازد و از مسقط‌الرّأسِ خود دور شویم و بتوهّمِ سودِ ده‌چهل رأس‌المالِ عافیت نیز زیان کنیم که نقش انگیختهٔ تقدیر بیشتر از آنست که در قالبِ انداختِ ما نشیند و از مقدّماتِ اغراض جز حرمان نتیجهٔ نمی‌آید.

Мумкин набӯд ки бодағои ту

ممکن نبود که بادغایِ تو

Моро зи ду панҷ як чаҳор ояд

ما را ز دو پنج یک چهار آید

Чун қӯтӣ дарят байғӯла ҳаст , бе ғӯлони залол рафтану даъвати хаёли нафас хӯрдану орзӯии номумкину маҳол пухтани нишони хомӣу душман комӣ бошад , ъ , чизе чаҳ талаб кунӣ ки гум карда на , ва чунонк зоҷи алил аз ъқобили иллат онгаҳ нек шавад ва рӯй ббҳӣ наад ки назар аз мштҳёт табъ баргирад ва дар ҳамияти орзӯҳо ҳамияти мардонаи пеши орад . Озодамард ки нисбати муруввати бахуд дуруст кунад , аз нангу банди ин қабзу баст онгаҳ берун ояд ки қадамӣ аз муроди хеши фаротар нааду алҳриаҳи фии рФз алшҳўот бархонад , аммо меҳнати воқеаи фарзандон ки ҳар сол тоза мешавад , яке аз вақойиъ рӯзгор гирем ки ночор бамурдам расад , чаҳ мо ҳамаи арзаи осеби офоту поймоли анвоъи садамоти аўӣиму нуфуси мо манзили ҳаводису маҳали кўорс ӯу ҳргаҳ ки мо гусастан аз алойиқ ва баридан аз ашойиру нақл кардан аз мншأўи муваллид ёд кунем , ранҷи фироқи авлод бар мо саҳл гардад ва чун ҷаҳон бҳўодс обистанаст ва ҳар лаҳза бҳодсаҳ зояд , пиндорем ки зодани бачагони мо ва хӯрдани уқоби яке аз онҳост ки аз он чора нест ва худ ин модари номеҳрбонро то буд , одати чунин буд , ттъми авлодҳоу токли мавлудҳо ва маълумаст ки фарзанд аз мабдаи вилодат то миннатҳои умри ҷузи сабаби ранҷи хотири модар ва падар нест , чаҳ ӯ то дар мартаба туфулиятаст як чашми захм бе муроқибати аҳволу муҳофизат бар дақоиқи таъаҳҳуд ӯ натавон буд ва чун бмнзл булӯғ расед , сарфи ҳиммати ҳамаи бзбти масолеҳ ӯ бошаду тартиби умӯри маош ӯ бар ҳамаи муҳимот роҷҳ донанд ва агар волъёзи биллоҳ ӯро воқеа уфтад , он захмро марҳам ва он заҳрро тирёки худ мумкин нест . Пас аз ӣнҷо метавон донист ки бузургтарин шоғилӣ аз шўоғл дарёфт саодату ҳавлтарин қотеъӣ аз қўотъи роҳ охират эшонанд анмои амўолкму аўлодкми фитна дар баёни ин маънист ки шарҳ дода омад . Агар самъи ҳақиқати шнўФрои ин калимоти диҳӣ ки забон ваҳй бидон нотиқаст , доне ки вуҷӯди фарзандон дар назари ҳикмати ҳамчуи дигари ороишҳои музаввар аз молу матоъи дунё ки ҷумла зевар ориятаст ки бар завоҳири ҳоли одамии зоди баста , ҳеҷ вазнӣ надораду миёни кӯдаки нодони хаёли параст ки болъбтӣ аз чӯби тарошидаи болФу пайванди дили ишқ бозӣ кунаду миёни онки дили худро аз дигари матлӯботи ббқои фарзандону ҷамоли эшон хуррам ва хурсанд гирданд , ҳеҷ фарқӣ наме наад то бад-ӣни сифат аз он иборат мефармоед : анмои алҳиўаҳи алднёи лаъибу лаҳву зинау тафохури бинкму ткосри фии аломўоли волأўлод , ва чунонк он Тифли нои мумайиз то машъуфи он лъбтст , аз дигари одоби нафас боз мемонад , мардро то ҳиммати бакори фарзанду дили машғӯлӣ боҳўол ӯст , бҳичи таҳсилӣ аз асбоби наҷот дар ҳолати ҳаёту мамоти нмирсду ати мутолиаи ҷамоли ҳақоиқ дар корҳо вуқуф бар дақоиқи асрори боқӣу фонии маҳрӯм ва маҳҷӯб мемонад , алмолу албнўни зинаи алҳиўаҳи алднё , худ ишоратии мстأнФст , бдонч муқарар карда омаду албоқӣоти алсолҳот хайр ъанд рбки сариҳи бурҳонӣу сотиъи бёнист бар ончи толибони саодати ҷовдониро ончи захираи амал шояд ки бошад ва дар арзгоҳи явми лои инФъи молу лобнўн дар пеш шояд оварад , чизе дигараст на аълоқи симу зару алойиқи писару духтар , вае фалони ҳаргоҳ ки мо аз азобу ънои суҳбатҳои ноозмудау таҳаммули ҷаври бегонагону ахлоқи носутӯдаи эшону хобу хўрнаҳи бохтёру ҳаракату сукӯн на бқоъдаҳу ҳанҷор ки аз лавозим ғурбатаст , ёди орем , онч дорем , давлатии тамому асбобӣ бнзом донем ва агар ин азми бнФози расонӣ ва бидон мақсад ки рӯй наҳй , барисӣ , тавонад буд ки ҳам аз он назаргоҳи аўмид ки ту дар пеш ниҳода бошӣу ҳамаи айни роҳат чашм дошта , меҳнатии нобиўсони сари барзанаду неъматӣ аз дасти рафтау бпоӣ истинкоф молидааро иваз набинӣ .

چون قوتی دریت بیغوله هست، بی‌غولانِ ضلال رفتن و دعوتِ خیالِ نفس خوردن و آرزویِ ناممکن و محال پختن نشانِ خامی و دشمن کامی باشد،ع، چیزی چه طلب کنی که گم کرده نهٔ، و چنانک زاجِ علیل از عقابیلِ علّت آنگه نیک شود و روی ببهی نهد که نظر از مشتهیاتِ طبع برگیرد و در حمیت آرزوها حمیّتِ مردانه پیش آرد. آزادمرد که نسبتِ مروّت بخود درست کند، از ننگ و بندِ این قبض و بسط آنگه بیرون آید که قدمی از مرادِ خویش فراتر نهد و اَلحُرِّیَّهُ فِی رَفضِ الشَّهَوَاتِ برخواند، اما محنتِ واقعهٔ فرزندان که هر سال تازه میشود، یکی از وقایع روزگار گیریم که ناچار بمردم رسد، چه ما همه عرضهٔ آسیبِ آفات و پایمالِ انواعِ صدماتِ اوئیم و نفوسِ ما منزلِ حوادث و محلِ کوارثِ او و هرگه که ما گسستن از علایق و بریدن از عشایر و نقل کردن از منشأو مولد یاد کنیم، رنجِ فراقِ اولاد بر ما سهل گردد و چون جهان بحوادثِ آبستنست و هر لحظه بحادثهٔ زاید، پنداریم که زادنِ بچّگان ما و خوردنِ عقاب یکی از آنهاست که از آن چاره نیست و خود این مادرِ نامهربان را تا بود، عادت چنین بود، تَطعَمُ اَولَادَهَا وَ تَاکُلُ مَولُودَهَا و معلومست که فرزند از مبدأ ولادت تا منتهایِ عمر جز سببِ رنجِ خاطرِ مادر و پدر نیست، چه او تا در مرتبهٔ طفولیّتست یک چشم زخم بی مراقبتِ احوال و محافظت بر دقایقِ تعهّدِ او نتوان بود و چون بمنزلِ بلوغ رسید، صرفِ همّت همه بضبطِ مصالح او باشد و ترتیبِ امورِ معاشِ او بر همه مهمّات راجح دانند و اگر وَالعِیاذُ بِاللهِ او را واقعهٔ افتد، آن زخم را مرهم و آن زهر را تریاک خود ممکن نیست. پس از اینجا میتوان دانست که بزرگترین شاغلی از شواغلِ دریافتِ سعادت و هول‌ترین قاطعی از قواطعِ راهِ آخرت ایشانند اِنَّمَا اَموَالُکُم وَ اَولَادُکُم فِتنَهٌٔ در بیانِ این معنیست که شرح داده آمد. اگر سمعِ حقیقت شنوفرا این کلمات‌دهی که زبانِ وحی بدان ناطقست، دانی که وجودِ فرزندان در نظرِ حکمت همچو دیگر آرایشهایِ مزوّر از مال و متاعِ دنیا که جمله زیورِ عاریتست که بر ظواهرِ حال آدمی‌زاد بسته، هیچ وزنی ندارد و میانِ کودکِ نادانِ خیال‌پرست که بالعبتی از چوبِ تراشیده بالف و پیوندِ دل عشق‌بازی کند و میانِ آنک دل خود را از دیگر مطلوبات ببقایِ فرزندان و جمالِ ایشان خرّم و خرسند گرداند، هیچ فرقی نمی‌نهد تا بدین صفت از آن عبارت می‌فرماید : اِنَّمَا الحَیَوهُ الدُّنیَا لَعِبٌ وَ لَهوٌ وَ زِینَهٌ وَ تَفَاخُرٌ بَینَکُم وَ تَکَاثُرٌ فِی الاَموَالِ وَالأَولَادِ ، و چنانک آن طفلِ نا ممیّز تا مشعوف آن لعبتست، از دیگر آدابِ نفس باز می‌ماند، مرد را تا همّت بکارِ فرزند و دل مشغولی باحوالِ اوست، بهیچ تحصیلی از اسبابِ نجات در حالتِ حیات و ممات نمیرسد و اط مطالعهٔ جمال حقایق در کارها وقوف بر دقایقِ اسرارِ باقی و فانی محروم و محجوب می‌ماند، اَلمَالُ وَ البَنُونَ زِینَهُ الحَیِوهِ الدُّنیَا ، خود اشارتی مستأنفست، بدانچ مقرّر کرده آمد وَ البَاقِیَاتُ الصَّالِحَاتُ خَیرٌ عِندَ رَبِّکَ صریح برهانی و ساطع بیانیست بر آنچ طالبانِ سعادتِ جاودانی را آنچ ذخیرهٔ عمل شاید که باشد و در عرضگاهِ یَومَ لَا یَنفَعُ مَالٌ وَ لَابَنُونَ در پیش شاید آورد ، چیزی دیگرست نه اعلاقِ سیم و زر و علایقِ پسر و دختر، و ای فلان هرگاه که ما از عذاب و عنایِ صحبتهایِ ناآزموده و تحمّلِ جورِ بیگانگان و اخلاقِ ناستودهٔ ایشان و خواب و خورِنه باختیار و حرکت و سکونِ نه بقاعده و هنجار که از لوازمِ غربتست، یاد آریم، آنچ داریم، دولتی تمام و اسبابی بنظام دانیم و اگر این عزم بنفاذ رسانی و بدان مقصد که روی نهی، برسی، تواند بود که هم از آن نظرگاهِ اومید که تو در پیش نهاده باشی و همه عینِ راحت چشم داشته، محنتی نابیوسان سر برزند و نعمتی از دست رفته و بپایِ استنکاف مالیده را عوض نبینی.

Кам нори одӣаи шабати лғири қрӣ

کَم نَارِ عَادِیَهٍ شُبَّت لِغَیرِ قریً

Алии иФоъ ва кам нури блосмр

عَلَی یَفَاعٍ وَ کَم نَورٍ بِلَاثَمَرِ

Ҳўни алейк амўрои анати тнкрҳо

هَوِّن عَلَیکَ اُمُوراً اَنتَ تَنکِرُهَا

Фолдҳри ётии бأлўони ман алғир

فَالدَّهرُ یَاتِی بَأَلوَانٍ مِنَ الغِیَرِ

Озод чеҳра гуфт : ончи мигўӣии ҳамаи хулосаи хираду мояи донишу ҳосил таҷриба айёмасту ашороти ақлу аҳкоми шаръи мؤкд , локини худро дар хоб зҳўл натавон кард ва аз тўорқи офоту хўорқи одоти рӯзгор ки аз пас пардаи қазои ҳамаи бозӣҳои нодиру нодидаи орад , эмин натавон буд , чаҳ ҳаргизи нозилаи даҳри пеш аз омадани хеш расӯлӣ нафаристад ки аз вақти нузул ӯ бохабар бошӣ .

آزاد چهره گفت: آنچ میگوئی همه خلاصهٔ خرد و مایهٔ دانش و حاصل تجربهٔ ایّامست و اشاراتِ عقل و احکام شرع مؤکّد، لکن خود را در خواب ذهول نتوان کرد و از طوارقِ آفات و خوارقِ عاداتِ روزگار که از پسِ پردهٔ قضا همه بازیهایِ نادر و نادیده آرد، ایمن نتوان بود، چه هرگز نازلهٔ دهر پیش از آمدنِ خویش رسولی نفرستد که از وقتِ نزولِ او باخبر باشی.

ё роқди аллили мсрўрои бأўлаҳ

یَا رَاقِدَ اللَّیلِ مَسرُورا بِأَوَّلِهِ

Ани алҳўодси қади итрқни асҳоро

اِنَّ الحَوَادِثَ قَد یَطرُقنَ اَسحارَا

Ва агар ин уқоби ъёзои биллоҳи рӯзии якеро аз мо ҳар ду дррбоид , онк боқӣ монад , аз бқоءи хеш дар Фўоти дӯстии ҳақи гузор ва мӯнисӣандагусор чаҳ лиззат ёбад ?

و اگر این عقاب عِیاذا بِاللهِ روزی یکی را از ما هر دو دررباید ، آنک باقی ماند، از بقاءِ خویش در فواتِ دوستی حق گزار و مونسی انده گسار چه لذّت یابد ؟

Мо ҳоли ман кони ?лаи воҳид

مَا حَالُ مَن کَانَ لَهُ وَاحِدٌ

Иؤхз манеҳ злки алвоҳад

یُؤخَذُ مِنهُ ذَلِکَ الوَاحِدُ

Ва чун дар ҳабси хона ваҳдат афтод , ҳазорсолаи инси суҳбати ёрони гузашта бо як соъатаи ваҳшати тнҳоӣӣ чигуна муқобил кунаду пиндории ҳикояти чунин ҳоле гуфт , онк гуфт :

و چون در حبس خانهٔ وحدت افتاد، هزارساله انسِ صحبتِ یاران گذشته با یک ساعته وحشتِ تنهائی چگونه مقابل کند و پنداری حکایتِ چنین حالی گفت، آنک گفت:

Нолндаҳи кабӯтарӣ чу ман тоқ аз ҷуфт

نالنده کبوتری چو من طاق از جفت

Каз нола ӯ дӯши нхФтим ва нахуфт

کز نالهٔ او دوش نخفتیم و نخفت

ӯ нола ҳаме кард ва маниш мегуфтам

او ناله همی کرد و منش میگفتم

ӯро чаҳ ғамӣ буд ки битавонад гуфт ?

او را چه غمی بود که بتواند گفت؟

Ва мабод он рӯз ки моро бо сози чунин сӯзӣ бояд сохтан ва навой нолаи фироқ навохтан ва мебояд донист ки ҳрки пушти астзҳор бо қадар диҳаду даст аз талаб боз гирад ё такяи эътимоди ҳама бар талаб занад ва рӯй аз қадар бигардонад , бидон мард макорӣ монад ки бори хари иксў сабк кунаду иксўи сангӣ , ночори пушти боргир риш гардаду бор нобарда бимонад , чаҳ талабу қадарро ҳар ду дар мизони таъдили назиру ъдили якдигар ниҳодаанд ва ҳам танг ва ҳам санги офарӣда , блак ду бародаранд дар тариқи мроФқти чунон дасти дардасти ниҳодау Аннан дар Аннани баста ки ин бе ҳузури он ҳаргиз аз остони адам дар пешгоҳи вуҷӯд қадам наниҳад ва он бе вуҷӯди ин ҳаргиз аз марҳалаи қӯти бмнзли феъли рахт фурӯ нагирад , пас моро пеш аз онки кор аз ҳад тадорук бугзарад ва дар мзиқи изтирор печида шавад , сохтау бсичидаҳ бояд буд рафтанро бмқомгоаҳи дигар , чаҳ ҳангоми байза ниҳодану бача кардан фароз ояд , ночори тадбири маскану ошёну тартиби асбоби аҳтзони эшон бояд кард , ъ , дмси лнФск қабл алиўми мзтҷъо . Аиро гуфт : ҳарчи мигўӣӣ бар қавоид ақл мабнӣаст ва дар мқоъди самъи қабули тақрири он ҷои гири локини толибони дунёу муроди ҷӯёни оҷилро ҳар як дар ақтноси муродоту таҳсили ағрози қонӯнии дигару аслӣ ҷудогонааст баъзеро бахт кашиш кунад ва бе воситаи кӯшиши бмқсўди расонад ва баъзеро то кӯшиш набошад , аз кашиши ҳеҷ кор наёяд ? чунонк бисёр кас аз тсўиФи Касал бе баҳраи монданд , бисёр дар ъсори аҷҷал басар даромаданд ва аз бодияи хунхори амл берун нарафтанд .

و مباد آن روز که ما را با سازِ چنین سوزی باید ساختن و نوایِ نالهٔ فراق نواختن و می‌باید دانست که هرک پشتِ استظهار با قدر دهد و دست از طلب باز گیرد یا تکیهٔ اعتماد همه بر طلب زند و روی از قدر بگرداند، بدان مرد مکاری ماند که بارِ خر یکسو سبک کند و یکسو سنگی، ناچار پشتِ بارگیر ریش گردد و بار نابرده بماند، چه طلب و قدر را هر دو در میزانِ تعدیل نظیر و عدیل یکدیگر نهاده‌اند و هم‌تنگ و هم سنگ آفریده، بلک دو برادرند در طریقِ مرافقت چنان دست دردست نهاده و عنان در عنان بسته که این بی‌حضورِ آن هرگز از آستانِ عدم در پیشگاهِ وجود قدم ننهد و آن بی‌وجودِ این هرگز از مرحلهٔ قوّت بمنزلِ فعل رخت فرو نگیرد، پس ما را پیش از آنک کار از حدِّ تدارک بگذرد و در مضیقِ اضطرار پیچیده شود، ساخته و بسیچیده باید بود رفتن را بمقامگاهِ دیگر، چه هنگامِ بیضه‌نهادن و بچّه کردن فراز آید، ناچار تدبیرِ مسکن و آشیان و ترتیبِ اسبابِ احتضان ایشان باید کرد، ع، دَمِّث لِنَفسِکَ قَبلَ الیَومِ مُضطَجِعا. ایرا گفت: هرچ میگوئی بر قواعدِ عقل مبنیست و در مقاعدِ سمعِ قبول تقریرِ آن جای‌گیر لکن طالبانِ دنیا و مراد جویانِ عاجل را هر یک در اقتناصِ مرادات و تحصیلِ اغراض قانونی دیگر و اصلی جداگانه است بعضی را بخت کشش کند و بی‌واسطهٔ کوشش بمقصود رساند و بعضی را تا کوشش نباشد، از کشش هیچ کار نیاید؟ چنانک بسیار کس از تسویفِ کسل بی‌بهره ماندند، بسیار در عثارِ عجل بسر درآمدند و از بادیهٔ خونخوارِ امل بیرون نرفتند.

Болҳрси Фўтнии даҳрии Фўоӣдаҳ

بِالحِرصِ فَوَّتَنِی دَهرِی فَوَائِدَهُ

Фклмои азддти ҳрсои зоди тФўито

فَکُلَّمَا ازدَدتُ حِرصا زَادَ تَفوِیتَا

Ва моро бо уқоби кўшидну тариқи дафъ ӯ андешидан сўдоӣӣ бошад ки азуи буи хӯн ояд , чаҳ парвози қӯт ӯ аз рӯй нисбат дар авҷи сурайёсту мақоми заъфи мо дар ҳазизи срӣ ва ин алсрии ман алсрё ва гуфтаанд ки ҳрк бо хасмони қавии ҳолу болодаст рӯй бмқоўмт наад , ҳам барадаст ӯ манкӯб ояд ва мисли ин сӯрат бидон мӯрчаи ҳақир бенят задаанд ки чун пари برارد , доъияи антҳозш аз завоёии мтмўраҳи зулмат хеш барангезанд , берун ояд , пиндорад ки бидон пар ки ӯ дорад , парвоз тавон кард , ҳар ҳайвон ки аввал бадв расад , туъма худаш гирданд , азои ?ераади аллоҳи аҳлоки наълаи анбти лҳои ҷиноҳин ,у онч дар таии мкомн ғайб пинҳонасту бмзҳри мкўнот фардо хоҳад омад , имрӯз кас надонад ва ин Осиёи ҷаҳони Фрсоӣ бар сармо ва бар сари ин уқоб ки моро дар уқобин бало кашидаст , аз як мадор мегардаду ҳркрои назарӣ дақиқ бошад , чун дар гардиши ин Асия нигарад , донад ки ӯро низ ҳамчуи мо хирад месояд ва ӯ бехабар ,у даври ин ҷоӣри вҷўри ин зоӣри ҳам бпоёнӣ расад ва шояд буд ки кор ӯ бмқтъи интиҳои анҷомаду мухлиси ҳоли мо азу пайдо ояд .

و ما را با عقاب کوشیدن و طریقِ دفع او اندیشیدن سودائی باشد که ازو بویِ خون آید، چه پروازِ قوّت او از رویِ نسبت در اوجِ ثریّاست و مقامِ ضعفِ ما در حضیضِ ثری وَ اَینَ الثَّرَی مِنَ الثُّرَیَّا و گفته‌اند که هرک با خصمانِ قوی‌حال و بالادست روی بمقاومت نهد، هم بردستِ او منکوب آید و مثلِ این صورت بدان مورچهٔ حقیر بنیت زده‌اند که چون پر برآرد، داعیهٔ انتهاضش از زوایایِ مطمورهٔ ظلمتِ خویش برانگیزاند، بیرون آید، پندارد که بدان پر که او دارد، پرواز توان کرد، هر حیوان که اوّل بدو رسد، طعمهٔ خودش گرداند، اِذَا اَرَادَ اللهُ اِهلَاکَ نَعلَهٍٔ اَنبَتَ لَهَا جَنَاحَینِ ، و آنچ در طیِّ مکامنِ غیب پنهانست و بمظهرِ مکوّناتِ فردا خواهد آمد، امروز کس نداند و این آسیایِ جهان فرسای بر سرما و بر سرِ این عقاب که ما را در عقابینِ بلا کشیدست، از یک مدار می‌گردد و هرکرا نظری دقیق باشد، چون در گردشِ این آسیا نگرد، داند که او را نیز همچو ما خرد می‌ساید و او بی‌خبر، و دورِ این جائر وجورِ این ضائر هم بپایانی رسد و شاید بود که کارِ او بمقطعِ انتها انجامد و مخلصِ حالِ ما ازو پیدا آید.

Мҳлои абои алсқри факами тоӣр

مَهلاً اَبَا الصَّقرِ فَکَم طَائِرٍ

Хари сриъои баъди тҳлиқ

خَرَّ صَرِیعا بَعدَ تحلِیقِ

Завҷати нъмии лами локини кФؤҳо

زُوِّجتَ نُعمَی لَم لَکُن کَفؤَهَا

Ознҳооллаҳи бттлиқ

آذَنَهَااللهُ بِتَطلِیقِ

Озодчҳраҳ гуфт : ин андеша аз тадбири хирадмандони кори дидау хуии рӯзгори озмуда давр нест , локини кафолати вафои умри бнили мақосид ки мекунаду зомини рӯзгор аз ғдри комн ӯ ки мебошад ?

آزادچهره گفت: این اندیشه از تدبیرِ خردمندان کار دیده و خویِ روزگار آزموده دور نیست، لکن کفالتِ وفایِ عمر بنیلِ مقاصد که میکند و ضامنِ روزگار از غدرِ کامن او که می‌باشد ؟

Вафои ёри пазируфти рӯзгори маро

وفایِ یار پذیرفت روزگارِ مرا

Марои бъмри гиронмояи кӯпазири Фтор ?

مرا بعمرِ گرانمایه کوپذیر فتار ؟

Рой ман онаст ки мо рӯй бммлкт уқоб наҳему онҷои ҳарчи вақт иқтизо кунад , дростимону астнҷоҳи хеш аз ҷиноҳи раҳмат ӯ пеш гирем ки ӯро агрчи хунхор ва халқ шикораст , аммо сифат мулӯк дорад ки бълўи ҳиммату бахшоиш бар зъФоء халқ гароеду афв аз сари камол қудрат фармоеду агрч ӯро аз амсоли мо мадад астзҳорӣ набошад ва ифтихорӣ бимикон мо ниФзоид , онҷо ки дар арзгоҳи бандагони таксири савод ҳашам хоҳад , мо низ ду нуқта бар он ҳавошӣ афтода бошем , бошад ки рӯзии ҳам дар доираи хати бандагӣ роҳ тавонем ёфт ва худро дар ҷумлаи аўсоти эшон иртиботӣ бодед оварад . Аиро гуфт : эй , фалон , дар аҷабам аз ту ки вақте сўоӣби саҳми алғиби фикрати ҳама бар самим ғараз андозӣ ва вақте хўотии хотири баҳри ҷониб пароканда кунӣ .

رایِ من آنست که ما روی بمملکتِ عقاب نهیم و آنجا هرچ وقت اقتضا کند، دراستیمان و استنجاحِ خویش از جناحِ رحمتِ او پیش گیریم که او را اگرچ خونخوار و خلق شکارست، اما صفت ملوک دارد که بعلوِّ همّت و بخشایش بر ضعفاءِ خلق گراید و عفو از سر کمالِ قدرت فرماید و اگرچ او را از امثالِ ما مددِ استظهاری نباشد و افتخاری بمکانِ ما نیفزاید، آنجا که در عرضگاهِ بندگان تکثیرِ سوادِ حشم خواهد، ما نیز دو نقطه بر آن حواشی افتاده باشیم، باشد که روزی هم در دایرهٔ خطِ بندگی راه توانیم یافت و خود را در جملهٔ اوساطِ ایشان ارتباطی بادید آورد. ایرا گفت: ای، فلان، در عجبم از تو که وقتی صوائبِ سهم‌الغیبِ فکرت همه بر صمیم غرض‌اندازی و وقتی خواطیِ خاطر بهر جانب پراکنده کنی.

Тлўнт ҳатто лсти адрии ман алъмӣ

تَلَوَّنتَ حَتَّی لَستُ اَدرِی مِنَ العَمَی

Ариҳи ҷануб анатам риҳи шмأл

اَرِیحُ جُنُوبٍ اَنتَ اَم رِیحُ شَمأَلِ

Моро ин ҳамаи ранҷу меҳнат аз як рӯза мулоқот уқобаст , ту худроу марои бслосли ҷаҳду ҳбоӣли ҷади бадв май кашӣ , ъ , ?шкевии алҷриҳи илои алғрбону алрхм

ما را این همه رنج و محنت از یک روزه ملاقاتِ عقابست، تو خود را و مرا بسلاسلِ جهد و حبائلِ جدّ بدو می کشی،‌ع، شَکوَی الجَرِیحِ اِلَی الغِربَانِ وَ الرَّخَمِ

Довари ман тўӣӣ ва чун бошад

داورِ من توئی و چون باشد

Онк бидодгар бӯда довар ?

آنک بیدادگر بوده داور ؟

Локини достони ту дар иртикоби ин хатари бдостони моҳӣу моҳии хор нек мемонад . Озодчҳр гуфт : чун буд он достон ?

لکن داستانِ تو در ارتکابِ این خطر بداستانِ ماهی و ماهی‌خوار نیک می‌ماند. آزادچهر گفت : چون بود آن داستان ؟