То шуд дилами бмҳр батон моил
تا شد دلم بمهر بتان مایل
Хобу қарори гашти змни зоил
خواب و قرار گشت زمن زایل
Бехоб ва беқарор шавад лобуд
بیخواب و بیقرار شود لابد
Ҳар кӯ шавад бмҳри бенон моил
هر کو شود بمهر بنان مایل
Лашкар бирафту рафтаи нгоринм
لشکر برفت و رفته نگارینم
Маъшӯқ лашкарӣ накунад оқил
معشوق لشکری نکند عاقل
Андӯҳ кард бар дилами ҳамла
اندوه کرد بر دلم حمله
Бо дидамаш нишаста бар он маҳмил
با دیدمش نشسته بر آن محمل
Ман ҳамчуи соилони баррааши воқиф
من همچو سایلان برهش واقف
Ваз дида гашта хӯни дилами соил
وز دیده گشته خون دلم سایل
Аз рӯй ӯ фазои ҷаҳони пари гул
از روی او فضای جهان پر گل
Вази чашми ман басити замини пари гул
وز چشم من بسیط زمین پر گل
Шуғлӣаст шуғли фурқат ӯ муаззам
شغلیست شغل فرقت او معظم
Шклист шакланда ӯ мушкил
شکلیست شکل انده او مشکل
ё раб , шабӣ буд ки ману дилбар
یا رب ، شبی بود که من و دلبر
Бошем гашта ҷамъи бики манзил ?
باشیم گشته جمع بیک منزل ؟
Вонгаҳ аз тафаҳҳуси ҳоли мо
وانگه از تفحص حال ما
Гашта рақиби нохуш ӯ ғофил
گشته رقیب ناخوش او غافل
Ҷузи шарму ҷузи муруввату ҷузи тақво
جز شرم و جز مروت و جز تقوی
Номонда дар миёнаи мо ҳоил
نامانده در میانهٔ ما حایل
Ин кор нест бобати бахти мо
این کار نیست بابت بخت ما
Савдои биҳдаҳ чаҳ пазӣ ? эй дил
سودای بیهده چه پزی ؟ ای دل
Беҳосиласт ёру туро дар каф
بی حاصلست یار و ترا در کف
Ҷуз бод нест аз ғам ӯ ҳосил
جز باد نیست از غم او حاصل
Бо ёри дили гусали ту чаҳ пайвандӣ ?
با یار دل گسل تو چه پیوندی؟
Шӯи дӯстии зи дили гусалони бугсал
شو دوستی ز دل گسلان بگسل
Баргард аз ин раҳ , эй дил ва дрдл кун
برگرد از این ره ، ای دل و دردل کن
Иқбол бар санои шаҳи мқбл
اقبال بر ثنای شه مقبل
Хусрави ълоءи давлату дайн , атсз
خسرو علاء دولت و دین ، اتسز
Он шоҳи олам , он малики одил
آن شاه عالم ، آن ملک عادل
Шоҳӣ ки ҳаст вақти ҳунари табъаш
شاهی که هست وقت هنر طبعش
Дарёии пари ҷавоҳир бе соҳил
دریای پر جواهر بی ساحل
Он дар ҳамаи улӯми ҷаҳони моҳир
آن در همه علوم جهان ماهر
Ва он дар ҳамаи фунуни ҳунари комил
و آن در همه فنون هنر کامل
Аз нойиботи маҷлис ӯ мأмн
از نایبات مجلس او مأمن
Вази ҳодисоти ҳазрат ӯ мأмл
وز حادثات حضرت او مأمل
Бо нури раъй ӯ шудаи маи мзлм
با نور رأی او شده مه مظلم
Бо харҷи ҷӯад ӯ шуда ки мадхал
با خرج جود او شده که مدخل
Неи чарх бо ҷалолат ӯ олӣ
نی چرخ با جلالت او عالی
Неи баҳр бо мҳобт ӯ ҳоил
نی بحر با مهابت او هایل
эй мън зояда бар ту сифла
ای معن زایده بر تو سفله
Ваии қси соида бар ту ҷоҳил
وی قس ساعده بر تو جاهل
Он мФзлӣ , ки рӯз сахо бошад
آن مفضلی ، که روز سخا باشد
Фазли рабиъи пеши ту номФзл
فضل ربیع پیش تو نامفضل
Қайсари бмҷлси ту камӣни ҳоҷиб
قیصر بمجلس تو کمین حاجب
Касрии бдргаҳи ту киин омил
کسری بدرگه تو کهین عامل
Ҷонҳо шудаи ризои турои толиб
جان ها شده رضای ترا طالب
Дилҳо шудаи ҳавои турои моил
دل ها شده هوای ترا مایل
Нафъӣ буд вифоқи ту баси вофир
نفعی بود وفاق تو بس وافر
Доӣ буд хилофи ту баси муъзал
دایی بود خلاف تو بس معضل
Аз табъ ту назояд ҷузи дониш
از طبع تو نزاید جز دانش
Вази пушт ту нахезад ҷузи қобил
وز پشت تو نخیزد جز قابل
Баҳрӣаст табъи ту , ҳунараши лؤлؤ
بحریست طبع تو ، هنرش لؤلؤ
Абрӣаст дасти ту карамаши вобл
ابریست دست تو کرمش وابل
Қосир шудаи зи ғояти васфи ту
قاصر شده ز غایت وصف تو
Вақти баёни мақолат ҳар қобил
وقت بیان مقالت هر قابل
Рустамро бурузи вғои сухра
رستم را بروز وغا سخره
Ҳотами турои буқати сахои соил
حاتم ترا بوقت سخا سایل
Шоҳои бсди ҳазор қирони норад
شاها بصد هزار قران نارد
Гардуни пари фузул чу ман фозил
گردون پر فضول چو من فاضل
Ъоҷр шудӣ зи лутфи фасеҳи ман
عاجر شدی ز لطف فصیح من
Сҳбон , ки буд муъҷизаи вобл
سحبان ، که بود معجزهٔ وابل
Гар будамӣ бъҳди салафи гаштӣ
گر بودمی بعهد سلف گشتی
Овозаи ҳамаи қудамои ботил
آوازهٔ همه قدما باطل
Дар зилзила фитодӣ аз лаҳнам
در زلزله فتادی از لحنم
Злзл , ки буд нодарраи Мӯсил
زلزل ، که بود نادرهٔ موصل
Мазкӯр шуд бмни адаби мнсӣ
مذکور شد بمن ادب منسی
Машҳур шуд бмни ҳунари хомл
مشهور شد بمن هنر خامل
Бо соҳирии хотири вқодм
با ساحری خاطر وقادم
Мансӯхи гашти соҳирии Бобул
منسوخ گشت ساحری بابل
То ҳиммати коиноти ҷаҳон яксар
تا همت کاینات جهان یکسر
Мафъӯлу кирдигори ҷаҳони фоил
مفعول و کردگار جهان فاعل
Бар сокинони саҳни ҷаҳони бодо
بر ساکنان صحن جهان بادا
Адли ту ому бахшиши ту шомил
عدل تو عام و بخشش تو شامل
Анвоъи фазлро дили ту маъдан
انواع فضل را دل تو معدن
Ва абнои шаръро дар ту мъқл
و ابنای شرع را در تو معقل
Бодои санои халқу савоб аз ҳақ
بادا ثنای خلق و ثواب از حق
Дар оҷилати бҳосл ва дар оҷл
در عاجلت بحاصل و در آجل