Чаҳ ҳилаи созам ? каз ман гусаст ёри салом

چه حیله سازم ؟ کز من گسست یار سلام

Чаҳ чораи варзам ? каз ман бурид дӯсти паём

چه چاره ورزم ؟ کز من برید دوست پیام

Гирифт домани ман ҳиҷр , нобароварда

گرفت دامن من هجر ، نابرآورده

Ҳануз сари зи гиребони васли дӯсти тамом

هنوز سر ز گریبان وصل دوست تمام

Бурӣдаи гашту гусастаи дил аз барам , то дӯст

بریده گشت و گسسته دل از برم ، تا دوست

Бурӣда кард паём ва гусаста кард салом

بریده کرد پیام و گسسته کرد سلام

Чу зар пухта шуд аз туфи синаи чеҳраи ман

چو زر پخته شد از تف سینه چهرهٔ من

зи дасти фурқати он сина чу нуқраи хом

ز دست فرقت آن سینهٔ چو نقرهٔ خام

з нола нест марои роҳату нишоту тараб

ز ناله نیست مرا راحت و نشاط و طرب

з гиря нест марои лиззати шаробу таом

ز گریه نیست مرا لذت شراب و طعام

Аз он дўчшм , ки доранд хӯни халқи ҳалол

از آن دو چشم ، که دارند خون خلق حلال

Ҳамеша ҳаст маро бар ду чашми хоби ҳаром

همیشه هست مرا بر دو چشم خواب حرام

Басони пистаи дили танги ман шикофта шуд

به سان پسته دل تنگ من شکافته شد

зи тири ғамзаи он чашмҳои чун бодом

ز تیر غمزهٔ آن چشم‌های چون بادام

Бирафт сари басари ором аз дилам , то гашт

برفت سر به سر آرام از دلم ، تا گشت

Асири доми сари он ду зулф бе ором

اسیر دام سر آن دو زلف بی آرام

Ду зулф ӯст чун дом ва дил манаст чу сайд

دو زلف اوست چون دام و دل من است چو صید

Чигуна ором бошад сайдро дар дом ?

چگونه آرام باشد صید را در دام؟

Танам набинад роҳати ҳамеи зи ҷомаи айш

تنم نبیند راحت همی ز جامهٔ عیش

Дилами наёбади ромиши ҳамеи зҷоми мудом

دلم نیابد رامش همی ز جام مدام

з рӯзгор бинолам , ки рӯзгори бқсд

ز روزگار بنالم ، که روزگار به قصد

Ҳамеи зи коми диламро ҷудо кунад ноком

همی ز کام دلم را جدا کند ناکام

Баҷоаму ҷома чу ҷонон мувофиқат накунад

به جام و جامه چو جانان موافقت نکند

Маро чаҳ роҳату ромиш буд зи ҷомау ҷом ?

مرا چه راحت و رامش بود ز جامه و جام ؟

Дриқ бошад дар дасти рӯзгори муқӣм

دریغ باشد در دست روزگار مقیم

Дилӣ , ки кард дарави мадҳи шаҳриёри мақом

دلی ، که کرد در او مدح شهریار مقام

Ълоءи давлату дайн , подшоҳи олии раъй

علاء دولت و دین ، پادشاه عالی رأی

Ки кори давлату дайнро з раъй ӯст низом

که کار دولت و دین را ز رأی اوست نظام

АбўолмзФр , хуршеди хусравон , атсз

ابوالمظفر ، خورشید خسروان ، اتسز

Ки ҳам Заҳири аномст ва ҳам насири эмом

که هم ظهیر انام است و هم نصیر امام

Сипеҳри қадар , дарёдилӣ , худовандӣ

سپهر قدر ، دریادلی ، خداوندی

Ки гаштаанд Марвро мулӯки асри ғулом

که گشته‌اند مر او را ملوک عصر غلام

Хуҷастаи хизмат ӯ ӯҳдаи сғору кбор

خجسته خدمت او عهدهٔ صغار و کبار

Сутӯдаи ҳазрат ӯ каъбаи хавосу авом

ستوده حضرت او کعبهٔ خواص و عوام

Баланди гашти ҳудоро боқтдорши қадар

بلند گشت هدی را به اقتدارش قدر

Бузурги гашти ҳунарро бохтёрши ном

بزرگ گشت هنر را به اختیارش نام

з баҳр ӯст вуҷӯди тбоиъу афлок

ز بهر اوست وجود تبایع و افلاک

з саъй ӯст низоми шароеъу аҳком

ز سعی اوست نظام شرایع و احکام

Муҷаддадаст бъўнши маросими имон

مجدد است به عونش مراسم ایمان

Ммҳдсти бҷоҳши қавоиди ислом

ممهد است به جاهش قواعد اسلام

зи нойиботи ҷаҳони ҷоҳ ӯ амони мулӯк

ز نایبات جهان جاه او امان ملوک

зи ҳодисоти фалаки садр ӯ паноҳи киром

ز حادثات فلک صدر او پناه کرام

Кунанд ҷилваи бсдрши ъроиси афкор

کنند جلوه به صدرش عرایس افکار

Баранд тӯҳфаи бнздши бадоеъи аФҳом

برند تحفه به نزدش بدایع افهام

Ниҳодаи гетии ақломи малик дар дасташ

نهاده گیتی اقلام ملک در دستش

Тазоҳураст ақолимро бидон ақлом

تظاهر است اقالیم را بدان اقلام

Навиштаи гардуни арқоми хайр дар васфаш

نوشته گردون ارقام خیر در وصفش

Тафохураст таворихро бидон арқом

تفاخر است تواریخ را بدان ارقام

Хдоигоно , қадари ту аз ҷалол расед

خدایگانا ، قدر تو از جلال رسید

Бғоитӣ ки бидонҷо намерасад авҳом

به غایتی که بدان جا نمی‌رسد اوهام

Туе , ки ҳаст баёни ту мояи эъҷоз

تویی ، که هست بیان تو مایهٔ اعجاز

Туе , ки ҳаст бенон ту сӯрати икром

تویی ، که هست بنان تو صورت اکرام

Биҷуз салоҳ набошад зи эзадати талқин

به جز صلاح نباشد ز ایزدت تلقین

Биҷуз савоб набошад зи давлатати илҳом

به جز صواب نباشد ز دولتت الهام

Замонаи ҷузи бҳўои ту бар наёрад дам

زمانه جز به هوای تو برنیارد دم

Ситораи ҷузи брзои ту бар надорад гом

ستاره جز به رضای تو برندارد گام

Камӣни раъии ту перояи ҳазор фалак

کمین رأی تو پیرایهٔ هزار فلک

Кҳинаҳи ҷӯади ту сармояи ҳазор ъмом

کهینه جود تو سرمایهٔ هزار عمام

зи чархи табъи ту тобади кавокиби аФзол

ز چرخ طبع تو تابد کواکب افضال

зи баҳри даст ту зояд ҷавоҳири анъом

ز بحر دست تو زاید جواهر انعام

Бълми рӯҳ ту гаштаст ашрафи алорўоҳ

به علم روح تو گشتست اشرف الارواح

Бидон сифат ки фалак ҳаст ашрафи алиҷроам

بدان صفت که فلک هست اشرف الاجرام

зи ҳайбати ту чу симоб , дар қабоили куфр

ز هیبت تو چو سیماب ، در قبایل کفر

Ҳамеи наёбади нутфаи қарор дар арҳом

همی نیابد نطفه قرار در ارحام

Чу бар фурӯхта гардад бакори зори сиўФ

چو بر فروخته گردد به کارزار سیوف

Чу брФрохтаҳ гардад бҳшргоаҳи эълом

چو برفراخته گردد به حشرگاه اعلام

зи таъну зарби пар аз зилзила шавад офоқ

ز طعن و ضرب پر از زلزله شود آفاق

зи дору гири пар аз валвала шавад айём

ز دار و گیر پر از ولوله شود ایام

зи ҳавли соъиқаи теғҳои чун арвоҳ

ز هول صاعقهٔ تیغ های چون ارواح

Фурӯ гузоранд арвоҳи суҳбати аҷсом

فرو گزارند ارواح صحبت اجسام

Бмъркаҳи ҷигари ташнаи далерон ро

به معرکه جگر تشنهٔ دلیران را

Диҳанд об ,у лекини зи чашмҳои ҳисом

دهند آب ، و لیکن ز چشم های حسام

Кунад ҳароси ту он лаҳзаи саракашонро нарм

کند هراس تو آن لحظه سرکشان را نرم

Кунад наҳифи ту он вақти ту синонро наром

کند نهیب تو آن وقت تو سنان را نرام

Чу субҳи теғи ту пайдо шавад зи матлаъи ғамад

چو صبح تیغ تو پیدا شود ز مطلع غمد

з бим гардад субҳи мухолифон чун шом

ز بیم گردد صبح مخالفان چون شام

Ялон шаванд зи теғи ту мунҳазим чу нонк

یلان شوند ز تیغ تو منهزم چو نانک

зи теғ субҳ шавад мунҳазими сипоҳи злом

ز تیغ صبح شود منهزم سپاه ظلام

Бо мувофиқати ҳрбо ! ки бар даридӣ ту

با موافقت حربا ! که بر دریدی تو

Брмҳи синаи шикофу бтиғи ҷони анҷом

به رمح سینه شکاف و به تیغ جان انجام

Гуҳии бдшти Самарқанду гуҳи бсҳни Ироқ

گهی به دشت سمرقند و گه به صحن عراق

Гуҳӣ бхтаҳ ҷанду гуҳии ббқъаҳи сом

گهی به خطهٔ جند و گهی به بقعهٔ سام

зи баҳри нашри футуҳи мубораки ту муқӣм

ز بهر نشر فتوح مبارک تو مقیم

зи баҳри шарҳи русуми хуҷастаи ту мудом

ز بهر شرح رسوم خجستهٔ تو مدام

Мҷмзист баанду мшрбисти бтрк

مجمزی‌ست به هند و مشربی‌ست به ترک

Мшрҳист бираваму мснФисти бшом

مشرحی‌ست به روم و مصنفی‌ست به شام

Ҳамеша то ки буд майл аз сари таҳқиқ

همیشه تا که بود میل از سر تحقیق

Фақиҳро бнҷўму ҳакимро бклом

فقیه را به نجوم و حکیم را به کلام

Гуҳии бмснди фатҳу зафар дарун биншин

گهی به مسند فتح و ظفر درون بنشین

Гуҳии бърсаҳи ъзу шарафи даруни бхром

گهی به عرصهٔ عز و شرف درون بخرام

Брғми анФи бидонадяш ҳар замонии бод

به رغم انف بداندیش هر زمانی باد

зи чархи мамлакатро бишоратии бдўом

ز چرخ مملکت را بشارتی به دوام

Баъӣди азҳии бодати вилоятии тоза

بعید اضحی بادت ولایتی تازه

Чунонкӣ чанд мусаллами шиддати бмоаҳи сиём

چنانکه چند مسلم شدت به ماه صیام