Зиҳӣ ! лашкарати кӯҳу саҳрои гирифта
زهی! لشکرت کوه و صحرا گرفته
Сипоҳи ту пастӣу болои гирифта
سپاه تو پستی و بالا گرفته
Збими ҳисом чу оби ту оташ
زبیم حسام چو آب تو آتش
Ватан дар дили санги хорои гирифта
وطن در دل سنگ خارا گرفته
Аннани ту ҷоҳи мҷраҳи рабӯда
عنان تو جاه مجره ربوده
Рикоби ту қадари сурайёи гирифта
رکاب تو قدر ثریا گرفته
Бар эҳёии шахси макорим , кафи ту
بر احیای شخص مکارم ، کف تو
Мадад аз дуои масеҳои гирифта
مدد از دعای مسیحا گرفته
Туе баҳри ҷӯаду ҳама рӯй олам
تویی بحر جود و همه روی عالم
зи мавҷи ту лؤлўии лолои гирифта
ز موج تو لؤلوی لالا گرفته
Бисоти хилофи ту оқили навишта
بساط خلاف تو عاقل نوشته
Тариқи вафои ту донои гирифта
طریق وفای تو دانا گرفته
Хаёлоти теғат , ки барандаи бодо
خیالات تیغت ، که برنده بادا
Манозил дар арвоҳи аъдои гирифта
منازل در ارواح اعدا گرفته
Бади андеши ҷоҳат , накӯҳ хоҳи маликат
بد اندیش جاهت ، نکوه خواه ملکت
зи нахли бақои хору хурмои гирифта
ز نخل بقا خار و خرما گرفته
Аду аз ту тимор ҳоил кашида
عدو از تو تیمار هایل کشیده
Вале аз ту миқдори волои гирифта
ولی از تو مقدار والا گرفته
Бдлолии теғ дар аҳди шоҳӣ
بدلالی تیغ در عهد شاهی
Чу мардони басии муҳраи узрои гирифта
چو مردان بسی مهره عذرا گرفته
Зиҳии омада аз биёбон ва онгаҳ
زهی آمده از بیابان و آنگه
Ҳам аз гирди раҳи қасди дарёи гирифта
هم از گرد ره قصد دریا گرفته
Дар атрофи машриқ , дар акнофи мағриб
در اطراف مشرق ، در اکناف مغرب
Ду қалъаи бики моҳ танҳо гирифта
دو قلعه بیک ماه تنها گرفته
Ҳамаи боди хоқону қайсари нишонда
همه باد خاقان و قیصر نشانده
Ҳамаи малики касрӣу дорои гирифта
همه ملک کسری و دارا گرفته
Нишондии ту ғавғо ва буд аз млоъин
نشاندی تو غوغا و بود از ملاعین
Ҳамаи саҳни офоқи ғавғои гирифта
همه صحن آفاق غوغا گرفته
Туро каф Байзост вази нури он каф
ترا کف بیضاست وز نور آن کف
Ҷаҳони ртбти таври синои гирифта
جهان رتبت طور سینا گرفته
Ту събони сифати найза бо саҳари аъдо
تو ثعبان صفت نیزه با سحر اعدا
Чу Мӯсо дар он кафи Байзои гирифта
چو موسی در آن کف بیضا گرفته
Диёрӣ , ки хайли турои гашти манзил
دیاری ، که خیل ترا گشت منزل
зи ту ҳурмати арзи бтҳои гирифта
ز تو حرمت ارض بطحا گرفته
Заминӣ , ки асб туро бӯда майдон
زمینی ، که اسب ترا بوده میدان
зи ту рифъати сақфи хзрои гирифта
ز تو رفعت سقف خضرا گرفته
Ту чун Юсуфу Авни ҳақи домани ту
تو چون یوسف و عون حق دامن تو
Бсди меҳр ҳамчун Зулайхои гирифта
بصد مهر همچون زلیخا گرفته
Нахоҳад ҳисоми ту мондани бъолм
نخواهد حسام تو ماندن بعالم
зи куфру ҳудои буқъае нои гирифта
ز کفر و هدی بقعه ای نا گرفته
Ҳаме то буд дар баҳорони зи сонеъ
همی تا بود در بهاران ز صانع
Ҳамаи боғи марҷону минои гирифта
همه باغ مرجان و مینا گرفته
Сабои роҳати буи фирдавс дода
صبا راحت بوی فردوس داده
Чамани зинат рӯй ҳўрои гирифта
چمن زینت روی حورا گرفته
Дилати боди меҳри мъолии гузида
دلت باد مهر معالی گزیده
Кафи боди ҷоми мълои гирифта
کف باد جام معلا گرفته
Гуҳ аз мутрибони лаъни анқои шунӯда
گه از مطربان لعن عنقا شنوده
Гуҳ аз соқёни ҷоми саҳбои гирифта
گه از ساقیان جام صهبا گرفته
Ту дар садри олоу нъмо ва аз ту
تو در صدر آلا و نعما و از تو
Накӯҳ хоҳи олоу нъмои гирифта
نکوه خواه آلا و نعما گرفته
зи саҳрои давлат , сари кӯҳи меҳнат
ز صحرای دولت ، سر کوه محنت
Адуи пешаи азлат чу анқои гирифта
عدو پیشه عزلت چو عنقا گرفته
Бадали меҳри ту марду зани парварида
بدل مهر تو مرد و زن پروریده
Бҷони ёди ту перу бурнои гирифта
بجان یاد تو پیر و برنا گرفته