эй дар кафи азимати ту ханҷар чу об
ای در کف عزیمت تو خنجر چو آب
Ҷони адуи саволи ҳисоми турои ҷавоб
جان عدو سؤال حسام ترا جواب
Баҳрӣаст хотири ту пар аз гавҳари ҳунар
بحریست خاطر تو پر از گوهر هنر
Чрхисти фикрати ту пар аз ахтари савоб
چرخیست فکرت تو پر از اختر صواب
Перояи равон шудаи меҳри ту , чун хирад
پیرایهٔ روان شده مهر تو، چون خرد
Перояи равон шудаи ёди ту , чун шароб
پیرایهٔ روان شده یاد تو، چون شراب
Айём бе таровати иқболи ту дижам
ایام بی طراوت اقبال تو دژم
Офоқ бе иморати инсофи ту хароб
آفاق بی عمارت انصاف تو خراب
Аз роҳ бару лутфи туе молики улқулуб
از راه بِرّ و لطف، تویی مالک القلوب
Ваз рӯй амр ва наҳй туе молики алрқоб
وز روی امر و نهی تویی مالک الرقاب
Давлати гузида бар дар маъмури ту мақом
دولت گزیده بر در معمور تو مقام
Насра кашида бар сари маймуни ту қбоб
نصرت کشیده بر سر میمون تو قباب
Садри ту ҳамчун хулд ва чу анфоси аҳли хулд
صدر تو همچون خلد و چو انفاس اهل خلد
Имдоди бахшиши ту бурун рафт аз ҳисоб
امداد بخشش تو برون رفت از حساب
Аз баҳри насра ту занад чархи бомдод
از بهر نصرت تو زند چرخ بامداد
Бар теғҳои кӯҳи илмҳои офтоб
بر تیغ های کوه، علم های آفتاب
Хокӣ ки ёди халқ ҳамидат бирав вазад
خاکی که یاد خلق حمیدت بر او وزد
Ёбад зёии оташ ва яке гирад сафои об
یابد ضیای آتش و گیرد صفای آب
То аз ҳиҷоби чеҳра маликат нашуд падед
تا از حجاب چهرهٔ ملکت نشد پدید
Пинҳон нагашт чеҳраи эҳдос дар ҳиҷоб
پنهان نگشت چهرهٔ احداث در حجاب
Андари миёни пешау водии зи адли ту
اندر میان بیشه و وادی ز عدل تو
Зиғми наҳуфтаи мхлби ворқми Фгндаҳи ноб
ضیغم نهفته مخلب و ارقم فگنده ناب
Таъӣдро барояту раъии ту илтимос
تأیید را به رایت و رأی تو التماس
Иқболро баному номи ту интисоб
اقبال را به نامه و نام تو انتساب
Авқоти мадҳати ту муборактар аз мшиб
اوقات مدحت تو مبارک تر از مشیب
Ва айёми хизмати ту гиромитар аз шароб
و ایام خدمت تو گرامی تر از شراب
Аз ҳодисоти ҳазрати мҳрўси ту мол
از حادثات حضرت محروس تو مآل
Вази нойиботи маҷлиси мأнўси ту моб
وز نایبات مجلس مأنوس تو مآب
Аз лафзи Фоиқи ту ҳасади барда дар пок
از لفظ فایق تو حسد برده دُرّ پاک
Ва зи халқи Фоиҳи ту хаҷал гашта машки ноб
و ز خلق فایح تو خجل گشته مشک ناب
Дӯзахи зи туфи кӯшиши ту камтарини шарор
دوزخ ز تف کوشش تو کمترین شرار
Кавсари зи кафи бахшиши ту камтарини луоб
کوثر ز کف بخشش تو کمترین لعاب
Як поя аз ҷалоли ту бартари зи сад фалак
یک پایه از جلال تو برتر ز صد فلک
Як нукта аз ҳадиси ту беҳтари зи сад китоб
یک نکته از حدیث تو بهتر ز صد کتاب
Дар хшксоли ҳодисаи кишти умед ро
در خشکسال حادثه، کشت امید را
Аз файзи неъмат ту раседаст фатҳи боб
از فیض نعمت تو رسیدست فتح باب
Фарзонагони гирифта ва аҳрор ёфта
فرزانگان گرفته و احرار یافته
Аз ҷоҳи ту насибу зи анъоми ту нассоб
از جاه تو نصیب و ز انعام تو نصاب
Чун баҳри бошукӯҳӣу душмани зи бими ту
چون بحر باشکوهی و دشمن ز بیم تو
Гирёну дили пари оташу нолндаҳ чун саҳоб
گریان و دل پر آتش و نالنده چون سحاب
Аз хоб бар нахезад , алои бнФхи сувар
از خواب بر نخیزد، الا بنفخ صور
Ҳар душманӣ ки бинад шамшер ту бихоб
هر دشمنی که بیند شمشیر تو به خواب
Гар шуълае зи хашми ту бар баҳр бугзарад
گر شعله ای ز خشم تو بر بحر بگذرد
Дӯд сияҳ барояд аз он баҳри пари ғиоб
دود سیه برآید از آن بحر پر غیاب
Аз ту бадеъ нест ҳунар , чун з май нишот
از تو بدیع نیست هنر، چون ز می نشاط
Аз ту ғариб нест карам , чун зи гули гулоб
از تو غریب نیست کرم، چون ز گل گلاب
Бар душманони бхнҷр ва бар дӯстон биҷӯад
بر دشمنان به خنجر و بر دوستان به جود
Ҳам мурсали уқобӣ ва ҳам манзили савоб
هم مرسل عقابی و هم مُنزل ثواب
Рӯзӣ ки найзаро буд зи синҳо ғилоф
روزی که نیزه را بود از سینه ها غلاف
Ҷое ки буд теғро аз фарқҳо қроб
جایی که تیغ را بُوَد از فرقها قراب
Аз маъракаи бъолм алавӣ кунад раҳил
از معرکه به عالم عُلوی کند رحیل
Арвоҳи саракашон , чу дуоҳои мустаҷоб
ارواح سرکشان، چو دعاهای مستجاب
Гардад кушодаи чеҳраи оҷолро қноъ
گردد گشاده چهرهٔ آجال را قناع
Гардад гусастаи чашмаи омолро таноб
گردد گسسته چشمهٔ آمال را طناب
Сарҳо пар аз хумор кунад бодаи тъон
سرها پر از خمار کند بادهٔ طعان
Дилҳо пар аз шарор кунад оташи зарроб
دلها پر از شرار کند آتش ضراب
Ҳамчун замини сокини гардун дар изтирор
همچون زمین ساکن گردون در اضطرار
Ҳамчун сипеҳри гардони ҳомӯн дар изтироб
همچون سپهر گردان هامون در اضطراب
Аз хӯни тозаи пушти замин чун рухи тзрў
از خون تازه پشت زمین چون رخ تذرو
Вази гирди тира рӯй ҳаво чун пари ғроб
وز گرد تیره روی هوا چون پر غراب
Чун коми мори ҳрбгаҳ ва чун забон ӯ
چون کام مار حربگه و چون زبان او
Ларзон чу марди муҳориби даруни ҳроб
لرزان بُدست مرد محارب درون حراب
Шерони ҳарброу далерони разм ро
شیران حرب را و دلیران رزم را
Ҷони арсаи наҳифу равон туъма наҳоб
جان عرصهٔ نهیب و روان طعمهٔ نهاب
Онгаҳ зи боди тири ту ҷон ҳо шавад ҳбо
آنگه ز باد تیر تو جانها شود هبا
Ва он дами зи туфи теғи ту дил ҳо шавад кабоб
و آن دم ز تف تیغ تو دل ها شود کباب
Бар ҷони бадсиголи ту аз сафҳаи аҷал
بر جان بدسگال تو از صفحهٔ اجل
Хонд забони ханҷари ту ояти азоб
خواند زبان خنجر تو آیت عذاب
Оҷиз шавад зи ҳифзи Аннани дасти сафдарон
عاجز شود ز حفظ عنان دست صفدران
Дар маърака чу пои ту бенанд дар рикоб
در معرکه چو پای تو بینند در رکاب
Гардад чу хоки зери сами мураккабони ту
گردد چو خاک زیر سم مرکبان تو
Он кас ки карда бошад кини ту иртикоб
آن کس که کرده باشد کین تو ارتکاب
Ёрб ! чаҳ рӯз буд , ки аз хӯни мушрикон
یارب ! چه روز بود که از خون مشرکان
Теғ ту кард арсаи хоразмро хизоб ?
تیغ تو کرد عرصه خوارزم را خضاب؟
Аз банки сафдарони дили офоқи пари фазаъ
از بانک صفدران دل آفاق پر فزع
Вази гирди ғозёни рухи афлок дар ниқоб
وز گرد غازیان رخ افلاک در نقاب
Чандини ҳазор пери тану шери дили ҳама
چندین هزار پیر تن و شیر دل همه
Аз рамаи мори пайкари ту туъмаи клоб
از رمح مار پیکر تو طعمه کلاب
Аз печи нираҳи ту тан сафдарон бипеч
از پیچ نیره تو تن صفدران به پیچ
Вази тоби ханҷари ту тан саракашон битоб
وز تاب خنجر تو تن سرکشان بتاب
Шоҳо , зи корзори ту ҳиммати адуат ро
شاها ، ز کارزار تو همت عدوت را
Гашт аз ҳамаи ғанимат , мқсўр бар аёб
گشت از همه غنیمت ، مقصور بر ایاب
Омад бсди умеду бсди дарди бозгашт
آمد به صد امید و به صد درد بازگشت
Чандон ки ташнагони ҷигари тафта аз сароб
چندان که تشنگان جگر تفته از سراب
Аз кӯҳсори сайд шитобон равад валек
از کوهسار صید شتابان رود ولیک
Дарё чу пеш ояд кам гардадаш шитоб
دریا چو پیش آید کم گرددش شتاب
Оварад рӯй сӯии мулоқоти шарзаи шер
آورد روی سوی ملاقات شرزه شیر
Чандини ҳазор муфсиди пари ғдр чун збоб
چندین هزار مفسد پر غدر چون ذباب
Бо ҳамлаи ту зумраи куффорро чиқадр ?
با حملهٔ تو زمرهٔ کفار را چه قدر ؟
Шайтон чиқадр дорад бо ҳамлаи шаҳоб ?
شیطان چه قدر دارد با حمله شهاب ؟
Аз оҳӯон набояд кории биҷузи гурез
از آهوان نباید کاری به جز گریز
Чун шери шарза наъра занад дар миёни ғоб
چون شیر شرزه نعره زند در میان غاب
Ин фатҳи оитисти зи оёти ъзи ту
این فتح آیتیست ز آیات عز تو
Ин фатҳ ёфтанӣ ва чунин фатҳ сад биёб
این فتح یافتی و چنین فتح صد بیاب
Маълум шуд ки : то абадулдаҳр эминаст
معلوم شد که تا ابدالدهر ایمنست
Ин давлат аз тазалзул ва ин малик аз инқилоб
این دولت از تزلزل و این ملک از انقلاب
Шоҳо , ҷаноб туаст ки оранди аҳли фазл
شاها ، جناب توست که آرند اهل فضل
Дар зери зини ҷнибти давлати азин ҷаноб
در زیر زین جنیبت دولت ازین جناب
Ҳар кӯи бойени ҷаноб карам кард илтиҷо
هر کو باین جناب کرم کرد التجا
Эҳдоси рози ҷониб ӯ бошад иҷтиноб
احداث راز جانب او باشد اجتناب
Ман банда , то зи боби рафеъат ҷудо шудам
من بنده ، تا ز باب رفیعت جدا شدم
Аз бахти баҳра ҳеҷ надидам зи ҳеҷ боб
از بخت بهره هیچ ندیدم ز هیچ باب
Наситад дилами зи дасти тараби ҳеҷ тӯҳфа Эй
نستد دلم ز دست طرب هیچ تحفه ای
Гӯйӣ ки бастааст дилам бо тараби ҳисоб
گویی که بسته است دلم با طرب حساب
Мастур кард чархи зи ман чеҳраи нишот
مستور کرد چرخ ز من چهرهٔ نشاط
Чунон ки зиракони зҳбу мазҳабу зҳоб
چونان که زیرکان ذهب و مذهب و ذهاب
Гуҳ бар танами зи лашкари тимор тохтан
گه بر تنم ز لشکر تیمار تاختن
Гуҳ бар дилам зад оташи андӯҳи илтиҳоб
گه بر دلم زد آتش اندوه التهاب
Миннати худоиро ! ки расидами бсдри ту
منت خدای را ! که رسیدم به صدر تو
Бо ман намонад гардиши айёмро итоб
با من نماند گردش ایام را عتاب
Не ахтарам бичишам адоўт кунад назар
نی اخترم به چشم عداوت کند نظر
Неи давлатами блФз ҳақорат кунад хитоб
نی دولتم به لفظ حقارت کند خطاب
Зини хотир чу баҳр бар орм битозагӣ
زین خاطر چو بحر بر آرم به تازگی
Андари санои давлати ту лؤлؤи хўшоб
اندر ثنای دولت تو لؤلؤ خوشاب
Номӣу неъматӣ , ки маро буд , дай бирафт
نامی و نعمتی ، که مرا بود ، دی برفت
Ту ном ва неъматӣ кунам имрӯзи иктисоб
تو نام و نعمتی، کنم امروز اکتساب
То ҳеҷ пашшаро набӯд иқтидори пел
تا هیچ پشه را نبود اقتدار پیل
То ҳеҷ съўаҳро набӯд қӯти уқоб !
تا هیچ صعوه را نبود قوت عقاب !
Бодои дуои малики ту тасбеҳи марду зан !
بادا دعای ملک تو تسبیح مرد و زن !
Бодои ҳарими садри ту миҳроби шайху шоб !
بادا حریم صدر تو محراب شیخ و شاب !
Табъи мувофиқони ту пайваста дар нишот !
طبع موافقان تو پیوسته در نشاط!
Ҷони мухолифони ту ҳамвор дар уқоб !
جان مخالفان تو همواره در عقاب !
Ҷмшидўор , дар чамани мамлакати бчм
جمشیدوار ، در چمن مملکت بچم
Хўршидўор , бар фалак муфаххарат битоб
خورشیدوار ، بر فلک مفخرت بتاب