Карӣмӣ , ки расми муъаллаи ниҳод

کریمی ، که رسم معلی نهاد

Бузургӣ , ки роҳи Аёдии кушод

بزرگی ، که راه ایادی گشاد

Аҷали шамси дайни паямбар , казуаст

اجل شمس دین پیمبر ، کزوست

Рухи фазли тоза , дили ақли шод

رخ فضل تازه ، دل عقل شاد

зи обо ва аз ИМАоти ҷаҳон

ز آبا و از امهات جهان

Чунуи ҳеҷ фарзанд солеҳ назод

چنو هیچ فرزند صالح نزاد

Табор ва нажодаш бузурганд ва ӯст

تبار و نژادش بزرگند و اوست

Чароғи табору ҷамоли нажод

چراغ تبار و جمال نژاد

зи осор ӯ зинати ҷӯаду илм

ز آثار او زینت جود و علم

Боём ӯ равнақи дайн ва дод

بایام او رونق دین و داد

зи маҷду мъолист ӯро сиришт

ز مجد و معالیست او را سرشت

зи ҷӯаду аёдист ӯро ниҳод

ز جود و ایادیست او را نهاد

Чаҳ монад аз дақоиқ ки табъаш надид ?

چه ماند از دقایق که طبعش ندید؟

Чаҳ мондози дФоин ки дасташи надод ?

چه مانداز دفاین که دستش نداد؟

з ҳзмш гирифтаст ороми хок

ز حزمش گرفته‌ست آرام خاک

з азмаш рабӯдаст таъҷили бод

ز عزمش ربوده‌ست تعجیل باد

Шудаи фатҳро дод ӯ роҳбар

شده فتح را داد او راهبر

Шудаи баҳрро ҷӯад ӯ Авестоад

شده بحر را جود او اوستاد

БиФрохти эъломи фазлу карам

بیفراخت اعلام فضل و کرم

Бидон табъи пок ва бидон дасти род

بدان طبع پاک و بدان دست راد

Бики садумати кин ӯ бадсигол

به یک صدمت کین او بدسگال

зи пой андар омад , зи даст ӯ фитод

ز پای اندر آمد، ز دست او فتاد

Ҳаме то бихонанд аҳли хирад

همی تا بخوانند اهل خرد

Таворихи Кайхусраву киқбод

تواریخ کیخسرو و کیقباد

зи даври сипеҳри вази шери нуҷум

ز دور سپهر وز شیر نجوم

Насибаши ҳамаи ъзу иқболи бод

نصیبش همه عز و اقبال باد