эй собир , эй сипеҳри сухан , эй ҷаҳони фазл

ای صابر ، ای سپهر سخن ، ای جهان فضل

эй каъбаи аФозли айёми кӯии ту

ای کعبهٔ افاضل ایام کوی تو

эй бардаи нури чашми маъонии зи лафзи ту

ای برده نور چشم معانی ز لفظ تو

Ваии хӯрдаи оби боғи мъолии зи ҷӯии ту

وی خورده آب باغ معالی ز جوی تو

То гӯии назму насри бмидони Фгндаҳ Эй

تا گوی نظم و نثر بمیدان فگنده ای

Чавгони ҳеҷ каси нрбўдсти гӯии ту

چوگان هیچ کس نربودست گوی تو

Ҳафт ахтар ва дувоздаҳ бурҷ ва чаҳор табъ

هفت اختر و دوازده برج و چهار طبع

Дар ҷоҳ камтаранд зи як тори мӯии ту

در جاه کمترند ز یک تار موی تو

Меҳр ту ҷӯям аз дилу ҷон ва мабод шод

مهر تو جویم از دل و جان و مباد شاد

Он кас , ки нест аз дилу ҷони меҳри ҷӯии ту

آن کس ، که نیست از دل و جان مهر جوی تو

Ҷонами зи ҳиҷр рӯй ту дар андҳсту бас

جانم ز هجر روی تو در اندهست و بس

эй сад ҳазор шодӣ ва роҳат биравӣ ту

ای صد هزار شادی و راحت بروی تو

Ту Юсуфии бъзту ёқӯб вор ҳаст

تو یوسفی بعزت و یعقوب وار هست

Моро ҳамаи сукӯну тасаллии ббўии ту

ما را همه سکون و تسلی ببوی تو

Ташриф ту раседу баҳри ҳолатии маро

تشریف تو رسید و بهر حالتی مرا

Ташриф додае зи худ , инаст хуии ту

تشریف داده ای ز خود ، اینست خوی تو

Ман мадҳи гӯй ту шудаму зини маро чаҳ фахр ?

من مدح گوی تو شدم و زین مرا چه فخر؟

Комрўз олимӣаст ҳамаи мадҳи гӯии ту

کامروز عالمیست همه مدح گوی تو

Ин хидматӣаст мухтасари аиро ба пеши азин

این خدمتیست مختصر ایرا به پیش ازین

Шуд хидматии набишта ба итноби сӯии ту

شد خدمتی نبشته به اِطناب سوی تو