Нигоҳ кун ки наризад диҳӣ чу бода ба дастам

نگاه کن که نریزد دهی چو باده به دستم

Фидои чашми ту соқӣ ба ҳуш бош ки мастам

فدای چشمِ تو ساقی به‌هوش باش که مستم

Кунам мусолиҳа яксар ба солеҳон май кавсар

کنم مصالحه یکسر به صالحان می کوثر

Ба шарт онкӣ нагиранд ин пиёлаи зи дастам

به شرطِ آنکه نگیرند این پیاله ز دستم

зи санги ҳодиса то соғарам дуруст бимонад

ز سنگِ حادثه تا ساغرم درست بماند

Ба ваҷҳи хайру тсдқи ҳазор тавбаи шикастам

به وجهِ خیر و تصدق هزار توبه شکستم

Чунин ки саҷда барам бе ҳифози пеши ҷамолат

چنین که سجده برم بی حفاظ پیشِ جمالت

Ба олимӣ шудаи равшан ки офтоби пурситам

به عالمی شده روشن که آفتاب‌پرستم

Каманди зулфи бутӣ гарданам бибаст ва ба мӯе

کمندِ زلفِ بتی گردنم ببست و به مویی

Чунон кашид ки занҷири сад алоқа гусастам

چنان کشید که زنجیرِ صد علاقه گسستم

зи гиряи охирам ин шуд натиҷа дар паии зулфаш

ز گریه آخرم این شد نتیجه در پیِ زلفش

Ки дар миёни ду дарёии хӯни фитода ба шастам

که در میانِ دو دریای خون فتاده به شستم

зи қоматаш чу гирифтам қиёси рӯзи қиёмат

ز قامتش چو گرفتم قیاسِ روزِ قیامت

Нишаст ва гуфт қиёмат ба қоматии сет ки ҳастам

نشست و گفت قیامت به قامتی ست که هستم

Надошт хотирами андешае зи рӯзи қиёмат

نداشت خاطرم اندیشه‌ای ز روزِ قیامت

Замона дод ба дасти шаби фироқи ту дастам

زمانه داد به دستِ شبِ فراقِ تو دستم

Бхиз аз бар ман каз худоу халқи рақибат

بخیز از برِ من کز خدا و خلقِ رقیبت

Басаст кайфари ин як нафас ки бо ту нишастам

بس است کیفرِ این یک نفس که با تو نشستم

Ҳароми гашт ба яғмои биҳишт рӯй ту рӯзӣ

حرام گشت به یغما بهشتِ رویِ تو روزی

Ки дил ба гандуми одами фиреби холи ту бастам

که دل به گندمِ آدم‌فریبِ خالِ تو بستم