Зулмати хати ту пиромн рухсор гирифт
ظلمت خط تو پیرامن رخسار گرفت
ё раб аз оҳ ки ин оина зангор гирифт
یا رب از آه که این آینه زنگار گرفت
намебиовар ки хабар медиҳад аз фасли баҳор
می بیاور که خبر می دهد از فصل بهار
Лутфи он сабза ки пиромн гулзор гирифт
لطف آن سبزه که پیرامن گلزار گرفت
Тарки яғмои сипаҳаш аз нигаҳии ҳушами барад
ترک یغما سپهش از نگهی هوشم برد
Бингар ин турфа ки маст омад ва ҳушёр гирифт
بنگر این طرفه که مست آمد و هشیار گرفت
То турои Подшаҳи Миср малоҳат гуфтанд
تا ترا پادشه مصر ملاحت گفتند
Тӯҳмати хӯбии Юсуфи раҳ бозор гирифт
تهمت خوبی یوسف ره بازار گرفت
Буии хӯни дили худ май шинавами боди сабо
بوی خون دل خود می شنوم باد صبا
Раҳи магар дар хами он турра таррор гирифт
ره مگر در خم آن طره طرار گرفت
Фитна аз чашми ту эмин натавонист нишаст
فتنه از چشم تو ایمن نتوانست نشست
Ҷой дар ҳалқаи он зулфи зира сор гирифт
جای در حلقه آن زلف زره سار گرفت
Дида шуд то дили санги орадаш аз гиря ба роҳ
دیده شد تا دل سنگ آردش از گریه به راه
Бози ин абри баҳории раҳ кҳсор гирифт
باز این ابر بهاری ره کهسار گرفت
Бо вуҷӯдат накунад майл ба ҳастӣ яғмо
با وجودت نکند میل به هستی یغما
Хеш ағёр гирифт онкии туро ёр гирифт
خویش اغیار گرفت آنکه تو را یار گرفت