Бскаҳи шабҳо оташам аз тоби дил дар бистар аст
بسکه شب ها آتشم از تاب دل در بستر است
Кас надонад кини манам ё тӯда хокистар аст
کس نداند کین منم یا توده خاکستر است
Оҳи оташи зои ман бо боди истиғнои ту
آه آتش زای من با باد استغنای تو
Чун чароғи беваи зан бар раҳгузор сарсар аст
چون چراغ بیوه زن بر رهگذار صرصر است
Маҳфилӣ дорам ба сомони тараби давр аз ту лек
محفلی دارم به سامان طرب دور از تو لیک
Барги ромиши давр аз он маҳфил басозӣ дигар аст
برگ رامش دور از آن محفل به سازی دیگر است
Хоки маҷлиси чанги қомати нолаи мутриби ғами надим
خاک مجلس چنگ قامت ناله مطرب غم ندیم
Дарди соқии чашми хӯни полошроб ва соғар аст
درد ساقی چشم خون پالاشراب و ساغر است
То турои рухсор ма зояд Суҳайли ҷазаъи ман
تا ترا رخسار مه زاید سهیل جزع من
Ақди парвин то нишон аз офтоб ва ахтар аст
عقد پروین تا نشان از آفتاب و اختر است