Ёри номад ба серум то ба лабам ҷон нарасед
یار نامد به سرم تا به لبم جان نرسید
Беҳтари он буд ки ин дард ба дармон нарасед
بهتر آن بود که این درد به درمان نرسید
Як қадам нест фузуни марҳалаи ишқу аҷаб
یک قدم نیست فزون مرحله عشق و عجب
Роҳ чндонкаҳ буридем ба поён нарасед
راه چندانکه بریدیم به پایان نرسید
Тарки ман тохтан аз асл надонад ки ба сайд
ترک من تاختن از اصل نداند که به صید
Борҳо рафт вале кор ба ҷавлон нарасед
بارها رفت ولی کار به جولان نرسید
Бар ҷаҳони гӯшаи домони марои миннат ҳост
بر جهان گوشه دامان مرا منت هاست
Ки ба тадбири ваии ин қатра ба тӯфон нарасед
که به تدبیر وی این قطره به طوفان نرسید
Борҳои баради дил аз турра ба чашмаши фарёд
بارها برد دل از طره به چشمش فریاد
Шаҳнаи куфр ба фарёд мусулмон нарасед
شحنه کفر به فریاد مسلمان نرسید
Дили зи зулфи ту ба лаъл ту расад кист ки кард
دل ز زلف تو به لعل تو رسد کیست که کرد
Таии зулмот ва ба сарчашма ҳайвон нарасед
طی ظلمات و به سرچشمه حیوان نرسید
Аз чаҳ обу гулӣ эй майкада ё раб ки серум
از چه آب و گلی ای میکده یا رب که سرم
То нашуд хок ба роҳи ту ба сомон нарасед
تا نشد خاک به راه تو به سامان نرسید
Бо хатати сари нспорм чаҳ нишот аз ҳарам аст
با خطت سر نسپارم چه نشاط از حرم است
Ҳар киро сарзаниш аз хор муғелон нарасед
هر که را سرزنش از خار مغیلان نرسید
Манам он сӯхтаи мурғи ҳамаи ҳасрати яғмо
منم آن سوخته مرغ همه حسرت یغما
Кошин монад ва шуд аз дом ба бустон нарасед
کآشین ماند و شد از دام به بستان نرسید