Он ки бо мавкиб ӯ қофилаҳо дил баравад

آن که با موکب او قافله ها دل برود

Дар рикобаши дили девона ва оқил баравад

در رکابش دل دیوانه و عاقل برود

Вази ҷамолаши ғами ҷони хориҷ ва дохил баравад

وز جمالش غم جان خارج و داخل برود

Гуфтамаш сайри бубинами магар аз дил баравад

گفتمش سیر ببینم مگر از دل برود

Ончунон ҷой гирифтааст ки мушкил баравад

آنچنان جای گرفته است که مشکل برود

Гар барам зотши дил бар мау хуршеди шуъоъ

گر برم زآتش دل بر مه و خورشید شعاع

Макун аз меҳр насиҳат макун аз кӣнаи низо

مکن از مهر نصیحت مکن از کینه نزاع

Рӯзи майдон видоъаст на айвони самоъ

روز میدان وداع است نه ایوان سماع

Дилӣ аз санг бибояд ба сари роҳи видоъ

دلی از سنگ بباید به سر راه وداع

То таҳаммул кунад он лаҳза ки маҳмил баравад

تا تحمل کند آن لحظه که محمل برود

Назари осо чу паии қофилаи пў май гирам

نظر آسا چو پی قافله پو می گیرم

То зи дил ҷӯ нашавад дидаи гулӯ май гирам

تا ز دل جو نشود دیده گلو می گیرم

Вар кунад чашма ба мижгони сари ҷӯ май гирам

ور کند چشمه به مژگان سر جو می گیرم

Ашки ҳасрат ба сарангушти фурӯ май гирам

اشک حسرت به سرانگشت فرو می گیرم

Ки агар роҳи даҳуми қофила дар гул баравад

که اگر راه دهم قافله در گل برود

Аз назар меравадам чеҳри длорои ҳабиб

از نظر می رودم چهر دلارای حبیب

Кӣ бпоиди зи пеши пои дил аз панди адиб

کی بپاید ز پیش پای دل از پند ادیب

Ақл ва сар мебаравад дар қадамаши дасту ркиб

عقل و سر می برود در قدمش دست و رکیب

Аҷабаст ар наравад қоидаи сабру шакят

عجب است ار نرود قاعده صبر و شکیت

Пеш ҳар дида ки он шакл ва шамоил баравад

پیش هر دیده که آن شکل و شمایل برود

Фосилаи кӯрӣ ва дидам ба назари як срмў аст

فاصله کوری و دیدم به نظر یک سرمو است

Накунам фарқ ки ин дидаи ман ёлб ҷӯ аст

نکنم فرق که این دیده من یالب جو است

Шояд ар пай набарам кин сари ман ва он раҳ ӯст

شاید ار پی نبرم کاین سر من و آن ره اوست

Раҳ надидам чу бирафт аз назарами сӯрати дӯст

ره ندیدم چو برفت از نظرم صورت دوست

Ҳамчуи чашмӣ ки чароғаши з муқобил баравад

همچو چشمی که چراغش ز مقابل برود

Сиҳҳаташи дард агар Фотимаи бемор ту нест

صحتش درد اگر فاطمه بیمار تو نیست

Роҳаташи ранҷи дил ар хастау аФгор ту нест

راحتش رنج دل ار خسته و افگار تو نیست

эй ту ҷони ҳама танҳо дилу ҷони зор ту нест

ای تو جان همه تنها دل و جان زار تو نیست

Кас надонам ки дарин шаҳри гирифтор ту нест

کس ندانم که درین شهر گرفتار تو نیست

Магари он кас ки ба шаҳр ояд ва ғофил баравад

مگر آن کس که به شهر آید و غافل برود

Борҳои хӯни дил аз шаш ҷиҳатам роҳ бибаст

بارها خون دل از شش جهتم راه ببست

Ҷӯши Аммони назари сайл ба қулзуми пайваст

جوش عمان نظر سیل به قلزم پیوست

Лек худ порае таҳта наёраст гусаст

لیک خود پاره ای تخته نیارست گسست

Мавҷи ин бори чунон киштӣ тоқат бишикаст

موج این بار چنان کشتی طاقت بشکست

Ки аҷаб дорам агар таҳта ба соҳил баравад

که عجب دارم اگر تخته به ساحل برود

Сӯй кӯем макаш аз ёрам сафар карда ҳиҷр

سوی کویم مکش از یارم سفر کرده هجر

Хонаи гӯр буд манзили дили мурдаи ҳиҷр

خانه گور بود منزل دل مرده هجر

Роҳати васл буд марг ба афсурдаи ҳиҷр

راحت وصل بود مرگ به افسرده هجر

Қимат васл надонад магари озурдаи ҳиҷр

قیمت وصل نداند مگر آزرده هجر

Хастаи осӯдаи бхсбд чу ба манзил баравад

خسته آسوده بخسبد چو به منزل برود

зи оташи ишқи худ андари табу тобам май кишт

ز آتش عشق خود اندر تب و تابم می کشت

ё хаёли лабаш аз дида дар обам май кишт

یا خیال لبش از دیده در آبم می کشت

Гар ба раҳмат ба мисли ё ба азобам май кишт

گر به رحمت به مثل یا به عذابم می کشت

Лутф буд онкӣ ба шамшери итобам май кишт

لطف بود آنکه به شمشیر عتابم می کشت

Қатли соҳиби назар онаст ки қотил баравад

قتل صاحب نظر آن است که قاتل برود

Давлати васли туро толиб ғайбему шуҳуд

دولت وصل تو را طالب غیبیم و شهود

Ҳамаро дар раҳи судоти зиёни мояи суд

همه را در ره سودات زیان مایه سود

Волӣ ар меҳр наварзад чаҳ варои ҳосил буд

والی ار مهر نورزد چه ورا حاصل بود

Саъдӣ ар ишқ набозад Чехияанд малики вуҷӯд

سعدی ار عشق نبازد چکند ملک وجود

Ҳайф бошад ки ҳамаи умр ба ботил баравад

حیف باشد که همه عمر به باطل برود