Бози чархи сифлапарвар тарҳ дигар ме кашад

باز چرخ سفله پرور طرح دیگر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد

Бар сари арбоби дайн бе дод лашкар ме кашад

بر سر ارباب دین بی داد لشکر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد

Худ зи рӯбаҳи бозии гурги фалаки гўӣии равон

خود ز روبه بازی گرگ فلک گوئی روان

Бе амони зӯри бозуии сегон

بی امان زور بازوی سگان

Бар сари шери худои шамшер дигар ме кашад

بر سر شیر خدا شمشیر دیگر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد

Чун науфтад розҳо аз пардаи тоқати бурун

چون نیفتد رازها از پرده طاقت برون

Бе сукӯни сад ҷаҳони дили бали фузун

بی سکون صد جهان دل بل فزون

Шамсаи айвони исмати чодар аз сар ме кашад

شمسه ایوان عصمت چادر از سر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد

Онкии лаълаши ташнагонро медиҳад ҷоми шароб

آنکه لعلش تشنگان را می دهد جام شراب

Дили кабоби баҳри як паймонаи об

دل کباب بهر یک پیمانه آب

Ташнаи лаб бар ханҷари бедод ҳнҷр ме кашад

تشنه لب بر خنجر بیداد حنجر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد

Хусрав дайн дод то ҳнҷр ба теғи аҳли шом

خسرو دین داد تا حنجر به تیغ اهل شام

Ташнаи ком бар ҷаҳон аз интиқом

تشنه کام بر جهان از انتقام

Хусрави сайёрагон ҳар бом ханҷар ме кашад

خسرو سیارگان هر بام خنجر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد

Дар висоли ободи кӯии дӯст дар айни бко

در وصال آباد کوی دوست در عین بکا

Аз ҳаё то дами субҳи ҷазо

از حیا تا دم صبح جزا

Чашми одами хиҷлат аз рӯй паямбар ме кашад

چشم آدم خجلت از روی پیمبر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد

То ба хӯни лаби ташна пар зад шоҳбози авҷи дайн

تا به خون لب تشنه پر زد شاهباز اوج دین

Бар замин дар фалаки рӯҳи аломин

بر زمین در فلک روح الامین

Пурзанон чун тоири бсмл ба хӯн пар ме кашад

پرزنان چون طایر بسمل به خون پر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد

Шоҳиди хилвати сарои чорам аз баҳри азо

شاهد خلوت سرای چارم از بهر عزا

Дар само бо ду сад шӯру наво

در سما با دو صد شور و نوا

Нтъи мишкӣн бар сари заррина мъҷр ме кашад

نطع مشکین بر سر زرینه معجر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد

Форси мзмори ин на паҳнаи фирӯзаи фом

فارس مضمار این نه پهنه فیروزه فام

Субҳу шом то ба рӯзи интиқом

صبح و شام تا به روز انتقام

Доман хуфтон ба хуноби шафақ пар ме кашад

دامن خفتان به خوناب شفق پر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد

Бозкши яғмои Аннан аз арсаи ин достон

بازکش یغما عنان از عرصه این داستان

Каз фиғон аз ниҳоди инсу ҷон

کز فغان از نهاد انس و جان

Рафтаи рафтаи шӯри ин мотам ба маҳшар ме кашад

رفته رفته شور این ماتم به محشر می کشد

Аз ниёами шимур ханҷар ме кашад

از نیام شمر خنجر می کشد