Ало эй сабои пайк ҳар номурод
الا ای صبا پیک هر نامراد
Зиғмо бидон гирди рустами нажод
زیغما بدان گرد رستم نژاد
Гузар кун вале бар тариқи адаб
گذر کن ولی بر طریق ادب
Сухани гӯ вале поси дор аз ду лаб
سخن گو ولی پاس دار از دو لب
Ки эй аз ту содотро ифтихор
که ای از تو سادات را افتخار
Ба аҳди ту акродро эътибор
به عهد تو اکراد را اعتبار
Ту пайғамбару нутқи танзили ту
تو پیغمبر و نطق تنزیل تو
Танати равзаи ъамомаи қандили ту
تنت روضه عمامه قندیل تو
Камол аз вуҷӯди ту шероза ёфт
کمال از وجود تو شیرازه یافت
Ҷалол аз ту овоза тоза ёфт
جلال از تو آوازه تازه یافت
Ба даврони ту сомро ном нест
به دوران تو سام را نام نیست
Таҳамтани тўӣии рустам ва сом кист
تهمتن توئی رستم و سام کیست
Қавии пушти ғорат ба неруии ту
قوی پشت غارت به نیروی تو
Фалаки хастаи зӯри бозуии ту
فلک خسته زور بازوی تو
Муҷаззои зи ту дафтари бостон
مجزا ز تو دفتر باستان
зи васфи ту шаҳномаи як достон
ز وصف تو شهنامه یک داستان
Чаро гуфтае рустамам гуфта Эй
چرا گفته ای رستمم گفته ای
Аз ин гуфта моно ки ошуфта Эй
از این گفته مانا که آشفته ای
Ба андеша дар сухан суфта ам
به اندیشه در سخن سفته ام
Ту доне ба бурҳон сухан гуфта ам
تو دانی به برهان سخن گفته ام