Агар рафт рустам ба Мозандарон
اگر رفت رستم به مازندران
Ба теғу каманд ва ба гурзу синон
به تیغ و کمند و به گرز و سنان
Пас аз рӯзгорон ба деви сифед
پس از روزگاران به دیو سفید
Сияҳ кард чун шоми субҳи умед
سیه کرد چون شام صبح امید
Ту бетеғу гурзу синону каманд
تو بی تیغ و گرز و سنان و کمند
Нишастӣ бболои раънои саманд
نشستی ببالای رعنا سمند
Ба фирӯз ки тохтӣ тарк тоз
به فیروز که تاختی ترک تاز
Чу бар ҷиргаи мурғакони ҷираи боз
چو بر جرگه مرغکان جره باز
Ба неруии сари панҷаи зӯрманд
به نیروی سر پنجه زورمند
Дар он мартаъ аз гов ва аз гӯсфанд
در آن مرتع از گاو و از گوسفند
Ҳар ончат ба пеш омад эй номдор
هر آنچت به پیش آمد ای نامدار
Ғанимат кашидӣ ба саҳрои хор
غنیمت کشیدی به صحرای خوار
Зхўни шақоӣқи баҳри санги дашт
زخون شقایق بهر سنگ دشت
Навиштааст таърихи ин саргузашт
نوشته است تاریخ این سرگذشت
Чунин бахти фирӯзи пай ҷам надошт
چنین بخت فیروز پی جم نداشت
Шуҷоат ба ин поя рустам надошт
شجاعت به این پایه رستم نداشت
Падари кӯ ки дар рӯзи майдони ту
پدر کو که در روز میدان تو
Ба мижгон кашад гирди ҷавлони ту
به مژگان کشد گرد جولان تو
Куҷои моам то бинадат неки аҳд
کجا مام تا بیندت نیک عهد
Бёлоидти лаъли ширин ба шаҳд
بیالایدت لعل شیرین به شهد
Ниёконати гӯ сар бароранд пок
نیاکانت گو سر برآرند پاک
Чу наргис ба назора аз тираи хок
چو نرگس به نظاره از تیره خاک
Бад-ӣни брзу боло тамошо кунанд
بدین برز و بالا تماشا کنند
зи нави зиндагонӣ таманно кунанд
ز نو زندگانی تمنا کنند
Нпрўрди ин золи номеҳрбон
نپرورد این زال نامهربان
Халаф чун ту дар маҳд на осмон
خلف چون تو در مهد نه آسمان
Фалакро ба аҳди ту нозиндагӣ
فلک را به عهد تو نازندگی
Заминро ба маҳдати барозандагӣ
زمین را به مهدت برازندگی