эй ватанпарвар Эронии исломи параст
ای وطنپرورِ ایرانیِ اسلامپرست
Ҳимматии зи онкӣ ватан рафт чу исломи зи даст
همّتی ز آنکه وطن رفت چو اسلام ز دست
Байрақи Эрон аз хасми ҷафоҷу шудаи паст
بیرقِ ایران از خَصمِ جفاجو شده پست
Дили пайғамбарро зулм ситамкорон хаст
دلِ پیغمبر را ظلمِ ستمکاران خست
Хулафоро ҳамаи дили ғарқа ба хӯнаст зи куфр
خُلَفا را همه دل غرقه به خون است ز کفر
Ҳол ҳайдар натавон гуфт ки чунаст зи куфр
حالِ حیدر نتوان گفت که چون است ز کفر
Гоҳ онаст ки зини валвалау ҷӯшу хурӯш
گاهِ آن است که زین ولوله و جوش و خروش
Ки ба по гашта з ҳар хоини исломи фуруш
که به پا گشته ز هر خائنِ اسلامفروش
Ғайрати тӯдаи исломи даройад дар ҷӯш
غیرتِ تودهٔ اسلام درآید در جوش
Ҳамагии муттаҳиду муттафиқу дӯш ба дӯш
همگی متّحد و متّفق و دوش به دوش
Ҳифзи қуръонро бар дафъ аҷониб тозанд
حفظِ قرآن را بر دفعِ اَجانِب تازند
ё муваффақ шуда ё ҷон гиромӣ бозанад
یا موفق شده یا جانِ گرامی بازند
Масҷид ар бояд имрӯз килисо нашавад
مسجد ار باید امروز کلیسا نشود
ё ватани фардои манзилгаҳ тарсо нашавад
یا وطن فردا منزلگهِ ترسا نشود
Сбҳаҳи зуннору ҳарами дайр ба ҷбро нашавад
سبحه زنّار و حرم دیر به جبرا نشود
Шӯр исломӣ боист , вале то нашавад
شورِ اسلامی بایست، ولی تا نشود
Буд Эрони ситами дида чу исломи ғариб
بُوَد ایرانِ ستمدیده چو اسلام غریب
Венаи ду маъдӯми зи ҷавру ситами аҳли салиб
وین دو معدوم ز جور و ستمِ اهلِ صلیب
Ҳбзои рӯзии кослом тарафдорӣ дошт
حَبَّذا روزی کاسلام طرفداری داشت
Чун расӯли маданӣ ( с ) Сайид ва солорӣ дошт
چون رسولِ مدنی(ص) سیّد و سالاری داشت
Сидқи сиддиқӣу форуқ фидокорӣ дошт
صِدق صدّیقی و فاروقِ فداکاری داشت
Ъмрўзни мрҳби каши ҳайдар каррорӣ дошт
عمروزن مرحب کش حیدرِ کرّاری داشت
Рӯй ҳақи ҷилвагар аз Ҳамзаи номовар буд
روی حق جلوهگر از حمزهٔ نامآور بود
Пушти исломи қавӣ аз мадади ҷаъфар буд
پشتِ اسلام قوی از مددِ جعفر بود
эй хуши он рӯз ки Эрони бад чун хулди барин
ای خوش آن روز که ایران بُد چون خُلدِ برین
Буд мстмлкш аз хиттаи чин то хати чин
بود مُستَملَکَش از خطهٔ چین تا خطِ چین
Аз Каюмарсаши бади рӯзи сиёмаки тамен
از کیومرثش بُد روزِ سیامک تأمین
То чаҳ тҳмўрсу Ҳушангу ҷамаши ёру муайян
تا چه طهمورث و هوشنگ و جمش یار و معین
Не чу акнӯн ба тазалзул заду заҳҳоки аду
نی چو اکنون به تزلزل زد و ضحّاکِ عَدو
Коваи оҳангар ва он фари Фаридунии кӯ
کاوه آهنگر و آن فرّ فریدونی کو
Дошт имрӯзгар исломи нигаҳбонӣ чанд
داشت امروز گر اسلام نگهبانی چند
ё мусулмонӣ чун бўзру салмонӣ чанд
یا مسلمانی چون بوذر و سلمانی چند
ё ки монанди зубайри ашҷъи шҷъонӣ чанд
یا که مانند زبیر اشجع شجعانی چند
Кӣ шудӣ помол аз дасти ғарази ронӣ чанд
کی شدی پامال از دست غرضرانی چند
Ғозёни аҳаду бадари магар дар хобанд
غازیانِ اَحَد و بَدر مگر در خوابند
Ки ба дунёи зи паии нусрати мо нштобнд
که به دنیا ز پیِ نصرتِ ما نشتابند
Нест чун силам агар хоину душман чун тӯр
نیست چون سَلم اگر خائن و دشمن چون تور
Эраҷи Эрон , зишони з чаҳ омад мақҳур
ایرجِ ایران، زیشان ز چه آمد مقهور
Аллоҳи аллоҳ чаҳ шуд он ғайрати кшўоди ғаюр
الله الله چه شد آن غیرتِ کشوادِ غیور
Қорнои сомои дигари з чаҳ хуфтанд ба гӯр
قارنا ساما دیگر ز چه خفتند به گور
Гоҳ онаст ки бар моам ватан меҳр кунед
گاهِ آن است که بر مامِ وطن مهر کنید
Даргаи кӣнаи кашӣ , кор манӯчеҳр кунед
درگهِ کینهکشی، کارِ منوچهر کنید
Ҳаргиз ислом набад хори чунин пеши милал
هرگز اسلام نَبُد خوار چنین پیشِ ملل
Сайфи сайфи аллоҳ агар дошт кунун ҳасани амал
سیفِ سیفالله اگر داشت کنون حُسنِ عمل
Шуд куҷои саъди маози ибни маози ибни ҷабал
شد کجا سعد معاذ ابن معاذ ابن جبل
Кӯ ( зрор ) он яли номовар бешабаҳу бадал
کو (ضرار) آن یلِ نامآورِ بیشِبه و بدل
То масӯн дорад аз ҳамлаи куфри имон ро
تا مَصون دارد از حملهٔ کفر ایمان را
зи аҳли Инҷил ба ҷон ҳифз кунад қуръон ро
ز اهل انجیل به جان حفظ کند قرآن را