Дилат ба ҳоли дили мо чаро наме сӯзад
دلت به حال دل ما چرا نمیسوزد
Бисӯзад онкии дилаши баҳри мо наме сӯзад
بسوزد آنکه دلش بهر ما نمیسوزد
зи сӯзи аҳли муҳаббат куҷо шавад огоҳ
ز سوز اهل محبت کجا شود آگاه
Чу шамъи онкии зи сар то ба по наме сӯзад
چو شمع آنکه ز سر تا به پا نمیسوزد
Дар ин муҳӣти ғамафзо гумони мадор ки ҳаст
در این محیط غمافزا گمان مدار که هست
Касе ки зи оташи ҷавру ҷафо наме сӯзад
کسی که ز آتش جور و جفا نمیسوزد
зи дӯди оҳи ситамдидагони сӯхтаи дил
ز دود آه ستمدیدگان سوختهدل
Ба ҳайратам ки чаро ин банно наме сӯзад
به حیرتم که چرا این بنا نمیسوزد
Бигӯ ба коргару айби корфармои байн
بگو به کارگر و عیب کارفرما بین
Ҳронкаҳ гуфт ки фақр аз Гана наме сӯзад
هرآنکه گفت که فقر از غنا نمیسوزد
Ғариқи баҳри фано эй худои шудем ва ҳануз
غریق بحر فنا ای خدا شدیم و هنوز
Барои мо дили ин нохудо наме сӯзад
برای ما دل این ناخدا نمیسوزد
зи тундбоди ҳаводиси зи бас ки шуд хомӯш
ز تندباد حوادث ز بس که شد خاموش
Чароғи умри ман бенаво наме сӯзад
چراغ عمر من بینوا نمیسوزد