Дар чаман эй дил чу ман ғайр аз гули як рӯ мабош

در چمن ای دل چو من غیر از گلِ یک‌رو مباش

Гар чу ман як рӯ шудӣ дар банди ранг ва бӯ мабош

گر چو من یک‌رو شدی در بندِ رنگ و بو مباش

То нхўонндт бихон ҳарҷо машав бе ваъдаи сабз

تا نخوانندت بخوان هرجا مشو بی‌وعده سبز

То набинӣ ранги зардӣ чун гул худру мабош

تا نبینی رنگِ زردی چون گلِ خودرو مباش

Гоҳи саргардонӣу ҳангоми сахтии баҳри фикр

گاهِ سرگردانی و هنگامِ سختی بهرِ فکر

эй сари шӯридаи ғофил аз сар зону мабош

ای سرِ شوریده غافل از سرِ زانو مباش

Нони зи роҳи дасти ранҷи хештановар ба даст

نان ز راهِ دست‌رنجِ خویشتن آور به دست

Гар кашии миннат ба ҷузи миннати каш бозу мабош

گر کشی منّت به جز منّت‌کشِ بازو مباش

Аз мноъти зери бори гунбади минои Марв

از مناعت زیرِ بارِ گنبدِ مینا مرو

Вази қаноати резаи хори равза минӯ мабош

وز قناعت ریزه‌خوارِ روضهٔ مینو مباش

Чун тасовӣ дар башари асбоби хайр олам аст

چون تساوی در بشر اسبابِ خیرِ عالم است

Бе тафаккури мункири ин маслак некӯ мабош

بی‌تفکر منکرِ این مَسلَکِ نیکو مباش

Рости байни гӯшаи гир аз ҷуфти худ шӯи ҳамчуи чашм

راست‌بینِ گوشه‌گیر از جفتِ خود شو همچو چشم

Каҷи рӯи болоншини пайваста чун абрӯ мабош

کج‌روِ بالانشین پیوسته چون ابرو مباش

Шери ғозиро дар ин шамширбозӣ тоб нест

شیرِ غازی را در این شمشیربازی تاب نیست

ё сипари афкан ба майдон ё саломат ҷӯ мабош

یا سپر افکن به میدان یا سلامت‌جو مباش

Фаррухии баҳри ду нон дар пеши дунони ҳичўқт

فرخی بهر دو نان در پیش دونان هیچوقت

Чоплусу остони бӯсу тамаллуқ гӯ мабош

چاپلوس و آستان‌بوس و تَمَلُّق‌گو مباش