Мўбаҳи мӯи шарҳи ғамати рӯзӣ ки бо дил гуфта ем
موبهمو شرح غمت روزی که با دل گفتهایم
Ҳамчуи тори турраи ?ути сар то қадам ошуфта ем
همچو تار طرهات سر تا قدم آشفتهایم
Фасли гули ҳамгар дилтангам нашуд вои неи шкФт
فصل گل هم گر دلتنگم نشد وا نی شکفت
Моу дил то умр бошад ғунча нашукуфта ем
ما و دل تا عمر باشد غنچه نشکفتهایم
Аз шикофи сина мо кун назар то бенгарӣ
از شکاف سینه ما کن نظر تا بنگری
Ганҷи меҳратро чаҳ сон дар кунҷи дил бнҳФтаҳ ем
گنج مهرت را چه سان در کنج دل بنهفتهایم
Шоҳиди зебои озодии худоё пас куҷост
شاهد زیبای آزادی خدایا پس کجاست
Мақдам ӯро ба ҷонбозӣ агар пзрФтаҳ ем
مقدم او را به جانبازی اگر پذرفتهایم
То магари хошоки бедоду ситам камтар шавад
تا مگر خاشاک بیداد و ستم کمتر شود
Борҳои ин роҳро бо нӯки мижгон рафта ем
بارها این راه را با نوک مژگان رفتهایم
Аз куҷо донем ҳоли мардум бедор чист
از کجا دانیم حال مردم بیدار چیست
Мо ки як умрии зи ашки чашм дар хӯн хуфта ем
ما که یک عمری ز اشک چشم در خون خفتهایم
Фаррухӣ бошад агар дар шаҳри гӯши ҳақи нюаш
فرخی باشد اگر در شهر گوش حقنیوش
Хуб медонад ки мо дар ҳақоиқ суфта ем
خوب میداند که ما دُر حقایق سفتهایم