Пеши оқил бетахассусгар амал маъқӯл нест
پیشِ عاقل بیتَخَصُّص گر عمل معقول نیست
Пас чаро дар кишвари мо ин амал маъмӯл нест
پس چرا در کشورِ ما این عمل معمول نیست
Воридоту содироти мо таъодул чун надошт
واردات و صادراتِ ما تعادل چون نداشت
Ҳарчӣ май хоҳӣ дар Эрон фақр ҳаст ва пӯл нест
هرچه میخواهی در ایران فقر هست و پول نیست
Бо фалокати мамлакат аз чори сӯи пар соил аст
با فلاکت مملکت از چار سو پر سائِل است
Ваз барои ин ҳамаи соил касе масъӯл нест
وز برای این همه سائِل کسی مسئول نیست
Баси з бе чизеи ҷаҳон торик шуд дар пеши чашм
بس ز بیچیزی جهان تاریک شد در پیشِ چشم
Чашми мардуми мубталои наргис мкҳўл нест
چشمِ مردم مبتلای نرگسِ مکحول نیست
Дар бар дунёии қобил қобилият ҳаст шарт
در برِ دنیای قابل قابلیت هست شرط
Қобилияти пеши мо ноқоблон мақбул нест
قابلیت پیش ما ناقابلان مقبول نیست
Гар азизӣ хор шуд аз баҳри озодии Миср
گر عزیزی خوار شد از بهرِ آزادیِ مصر
Пеши млиўни шарофатманд чун зғлўл нест
پیش ملّیون شرافتمند چون زغلول نیست
Куштаи он қотилии имрӯзи гаштам каз ғурур
کشتهٔ آن قاتلی امروز گشتم کز غرور
То ба фардои қиёмати ёдаш аз мақтӯл нест
تا به فردای قیامت یادش از مقتول نیست