Онкии андари дӯстии моро дар аввали ёр буд

آنکه اندر دوستی ما را در اول یار بود

Дидӣ охири баҳри миллати душмани хунхор буд

دیدی آخر بهر ملت دشمن خونخوار بود

Вон ки мо ӯро самади ҷӯи сол ҳо пиндоштем

وآن که ما او را صمد جو سال‌ها پنداشتیم

Дар наонаш сад санами печида дар дастор буд

در نهانش صد صنم پیچیده در دستار بود

Зоҳиди мардуми фиреби мо ки зад лофи салоҳ

زاهد مردم فریب ما که زد لاف صلاح

Рӯзи андари масҷиду шаби хонаи хумор буд

روز اندر مسجد و شب خانه خمار بود

Беқароригар ба зоҳир будаш аз ақди қарор

بی‌قراری گر به ظاهر بودش از عقد قرار

Оқиди онро ба ботини муҳаррами асрор буд

عاقد آن را به باطن محرم اسرار بود

Буд як чанде ба пишониш агар доғи ватан

بود یک چندی به پیشانیش اگر داغ وطن

Шуд аёни кони доғи баҳри гармии бозор буд

شد عیان کان داغ بهر گرمی بازار بود

Пой бе ҷӯроби дастовез будаш баҳри зуҳд

پای بی‌جوراب دستاویز بودش بهر زهد

Бо вуҷӯди онкии сар то пои калла бар дор буд

با وجود آنکه سر تا پا کله بر دار بود

Фаррухиро риштаи тасбеҳ солусӣ фирефт

فرخی را رشته تسبیح سالوسی فریفت

Гар наоне муттасили он ришта бо зуннор буд

گر نهانی متصل آن رشته با زنار بود